15,000 से अधिक मजदूरों का जमावड़ा
Vidarbha Workers Protest: विदर्भ के सभी जिलों से 15,000 से अधिक मजदूर 8 अप्रैल 2026 को एक विशाल “श्रमिक आक्रोश रैली” आयोजित करने जा रहे हैं। इस प्रदर्शन का आयोजन भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) द्वारा किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य राज्य के विभिन्न विभागों और कर्मचारियों के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवाद और लंबित मांगों को लेकर गतिरोध को तोड़ना है।
यशवंत स्टेडियम में एकत्रित होंगे प्रदर्शनकारी
Vidarbha Workers Protest: यह रैली विदर्भ के सभी 11 जिलों से आने वाले श्रमिकों को एक मंच पर लाएगी। सभी प्रदर्शनकारी सुबह 11 बजे नागपुर के यशवंत स्टेडियम में एकत्रित होंगे, जहां से वे संविधान चौक तक मार्च करेंगे। इसके बाद सरकार को उनकी मांगों से जुड़ा एक ज्ञापन सौंपा जाएगा।
पेंशन बढ़ाने की भी मांग
Vidarbha Workers Protest: रैली का नेतृत्व बीएमएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस मल्लेशम कर रहे हैं। इस प्रदर्शन में मुख्य रूप से संविदा कर्मचारियों के लिए नौकरी की सुरक्षा, मेट्रो रेल और चतुर्थ श्रेणी के चिकित्सा कर्मचारियों के नियमितीकरण, और महिला आर्थिक विकास महामंडल के कर्मचारियों के लिए उचित वेतन जैसी मांगें उठाई जाएंगी। इसके अलावा श्रमिक संगठनों ने ऑरेंज सिटी वॉटर के हटाए गए कर्मचारियों की बहाली, बैंकों में पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू करने और ईपीएस-95 पेंशन योजना के तहत पेंशन बढ़ाने की भी मांग की है।
‘आपली बस’ कर्मचारियों को हाउस रेंट अलाउंस
Vidarbha Workers Protest: बीएमएस का आरोप है कि कई विभाग कर्मचारियों को मिलने वाले लाभों को लागू करने में सहयोग नहीं कर रहे हैं। उदाहरण के तौर पर, “आपली बस” कर्मचारियों को हाउस रेंट अलाउंस नहीं मिल रहा है, वहीं बिजली कर्मचारियों के लिए संशोधित पेंशन भी लागू नहीं की गई है। यही कारण है कि मजदूर संगठन अब बड़े स्तर पर आंदोलन कर सरकार का ध्यान इन मुद्दों की ओर आकर्षित करना चाहते हैं।
व्यापक रूप से फैला है असंतोष
Vidarbha Workers Protest: यह रैली वर्षों से लंबित कर्मचारियों की समस्याओं और सरकारी विभागों के साथ चल रहे गतिरोध को खत्म करने के उद्देश्य से आयोजित की गई है। 15,000 से अधिक श्रमिकों की संख्या बताती है कि असंतोष केवल सीमित स्तर पर नहीं बल्कि व्यापक रूप से फैला हुआ है। सभी प्रदर्शनकारी नागपुर के यशवंत स्टेडियम में एकत्रित होकर वहां से संविधान चौक तक मार्च करते हैं, जहां सरकार को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा जाता है।