क्राइम ब्रांच ने रैकेट का भंडाफोड़ किया
Pune sex determination clinic raid: पुणे में अवैध लिंग परीक्षण रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। क्राइम ब्रांच ने स्टिंग ऑपरेशन के जरिए दो लोगों को गिरफ्तार किया। पूरा मामला रांजणगांव का है, जहां पुलिस को पता चला कि चोरी-छिपे भ्रूण का लिंग परीक्षण चल रहा है। जैसे ही खबर मिली, क्राइम ब्रांच यूनिट-7 के सीनियर इंस्पेक्टर संतोष सोनावणे ने कार्रवाई का जिम्मा संभाला। उनके साथ जिला सिविल सर्जन डॉ. नागनाथ येमपल्ले और शिरूर ग्रामीण अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट सचिन ढस भी जुड़े। टीम ने ठान लिया कि इस बार सब कुछ कानून के हिसाब से और पूरी सुरक्षा के साथ होगा।

नकली मरीज भेजा गया
Pune sex determination clinic raid: प्लान के मुताबिक, एक महिला को नकली मरीज बनाकर एजेंट नरेंद्र साहेबराव ठाकरे से मिलवाया गया। ठाकरे ने महिला और उसके पति को अपनी गाड़ी में बैठाया और सीधे धोकसंगवी पंछंगे बस्ती के लाइफ केयर क्लिनिक पहुंचा दिया। जैसे ही क्लिनिक में जांच शुरू हुई, पुलिस टीम ने वहां धावा बोल दिया। अंदर आरोपी आकाश सुभाष मालगुंडे, एक छोटे से प्रोब से अवैध सोनोग्राफी करता मिला। हैरानी की बात ये थी कि ये प्रोब मोबाइल फोन से वाई-फाई के जरिए जुड़ा था, जिससे भ्रूण का लिंग पता किया जा रहा था।

7 लाख 73 हजार के सामान जब्त
Pune sex determination clinic raid: पुलिस ने मौके से वो अवैध उपकरण, दवाएं और मारुति वैगन-आर कार जब्त कर ली, जिसका इस्तेमाल मरीजों को लाने-ले जाने के लिए हो रहा था। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 7 लाख 73 हजार रुपये है। दोनों आरोपियों को पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है और उन पर PCPNDT एक्ट के तहत वाघोली पुलिस स्टेशन में केस दर्ज हुआ। पुलिस ने साफ कहा है कि कार्रवाई पूरी तरह कानून के मुताबिक हुई है।
पुलिस ने लोगो से की अपील
Pune sex determination clinic raid: इस पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व एडिशनल पुलिस कमिश्नर (क्राइम) पंकज देशमुख, डीसीपी निकिल पिंगले और एसीपी राजेंद्र मुलिक ने किया। क्राइम ब्रांच यूनिट-7 की टीम के कई अफसर और कर्मचारी इस मिशन में शामिल थे। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऐसे अवैध मेडिकल टेस्ट या लिंग जांच से दूर रहें और अगर किसी को भी इस तरह की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को बताएं। प्रशासन ने भी दो टूक कहा है कि ऐसे गैरकानूनी कामों पर सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।