Wardha students ISRO visit Maharashtra: वर्धा के मेधावी विद्यार्थियों के लिए विज्ञान की दुनिया के दरवाजे खुल गए हैं। जिले में आयोजित विज्ञान प्रदर्शनी में शानदार प्रदर्शन करने वाले 46 होनहार विद्यार्थियों को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो के बेंगलुरु स्थित केंद्र का भ्रमण करने का सुनहरा अवसर मिला। ये सभी छात्र इसरो की शैक्षणिक यात्रा पूरी करके वापस नागपुर लौट चुके हैं। इस पहल की खास बात यह है कि इसमें ज्यादातर ग्रामीण पृष्ठभूमि के विद्यार्थी शामिल हैं, जिन्हें विज्ञान के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिला है।
पालक मंत्री की महत्वाकांक्षी पहल
वर्धा जिले के पालक मंत्री डॉ. पंकज भोयर ने ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि जगाने और उनकी छिपी हुई प्रतिभाओं को निखारने के उद्देश्य से यह महत्वाकांक्षी योजना शुरू की थी। उनका मानना है कि गांव के बच्चे भी शहरी बच्चों की तरह प्रतिभाशाली होते हैं, बस उन्हें सही मार्गदर्शन और अवसर की जरूरत होती है। इस पहल से ग्रामीण विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने की प्रेरणा मिल रही है।
इसरो भ्रमण के दौरान मिली अनमोल जानकारी
बेंगलुरु स्थित इसरो केंद्र की शैक्षणिक यात्रा के दौरान विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया से रूबरू कराया गया। उन्हें उपग्रह प्रक्षेपण की प्रक्रिया, रॉकेट तकनीक, अंतरिक्ष अनुसंधान और विभिन्न वैज्ञानिक प्रयोगों के बारे में विस्तार से बताया गया। इसरो के वैज्ञानिकों ने छात्रों के सवालों का जवाब देते हुए उन्हें भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रमों की सफलता की कहानियां सुनाईं। इस दौरान विद्यार्थियों ने वैज्ञानिक उपकरणों, उपग्रह मॉडलों और नियंत्रण कक्षों को करीब से देखा।
विद्यार्थियों में बढ़ा आत्मविश्वास
इसरो के वैज्ञानिकों से सीधे संवाद करने का मौका मिलने से विद्यार्थियों का आत्मविश्वास काफी बढ़ गया है। उन्होंने समझा कि कड़ी मेहनत और लगन से विज्ञान के क्षेत्र में भी बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। कई छात्रों ने भविष्य में इसरो में वैज्ञानिक बनने का सपना देखना शुरू कर दिया है। यह यात्रा उनके लिए सिर्फ एक सैर नहीं, बल्कि जीवन बदलने वाला अनुभव साबित हुई है।
नासा जाने का सुनहरा मौका
इसके अलावा, महाराष्ट्र सरकार की मुख्यमंत्री विद्यार्थी विज्ञानवारी योजना के तहत विज्ञान प्रदर्शनी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले पांच विद्यार्थियों को अमेरिका की प्रसिद्ध अंतरिक्ष एजेंसी नासा भेजने की योजना है। यह अवसर किसी भी विद्यार्थी के लिए सपने के सच होने जैसा है। नासा की यात्रा से इन विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अंतरिक्ष विज्ञान और अनुसंधान को समझने का मौका मिलेगा। वे दुनिया की सबसे बड़ी अंतरिक्ष एजेंसी के कामकाज को करीब से देख सकेंगे और वहां के वैज्ञानिकों से सीख सकेंगे।
ग्रामीण शिक्षा में नया आयाम
यह पहल ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था में एक नया आयाम स्थापित कर रही है। पहले गांव के बच्चों को ऐसे अवसर मिलना मुश्किल था, लेकिन अब सरकार की इस तरह की योजनाओं से उन्हें भी बराबर के अवसर मिल रहे हैं। विज्ञान प्रदर्शनी जैसे आयोजन न केवल विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानने का माध्यम बन रहे हैं, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का रास्ता भी दिखा रहे हैं।
राज्यमंत्री का संदेश
राज्यमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने इस पहल को लेकर कहा कि ग्रामीण विद्यार्थियों के पास प्रतिभा की कमी नहीं है, बस उन्हें सही दिशा और अवसर देने की जरूरत है। इस तरह की योजनाएं गांव के बच्चों के सपनों को नई उड़ान देती हैं और उन्हें बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित करती हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में और भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थियों को लाभ मिल सके।
भविष्य की संभावनाएं
इस पहल से न केवल विद्यार्थियों को प्रेरणा मिल रही है, बल्कि पूरे जिले में विज्ञान शिक्षा को लेकर एक नया माहौल बन रहा है। स्कूलों में विज्ञान विषय के प्रति रुचि बढ़ रही है और शिक्षक भी विद्यार्थियों को प्रयोगों और प्रदर्शनियों के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। आने वाले समय में वर्धा जिला विज्ञान शिक्षा का एक मजबूत केंद्र बन सकता है। इससे न केवल विद्यार्थियों का भविष्य उज्ज्वल होगा, बल्कि पूरे क्षेत्र का शैक्षणिक स्तर भी बेहतर होगा।