
कोटा में छात्रों की आत्महत्या का सिलसिला जारी Kota NEET Student Suicide: राजस्थान का कोटा शहर एक बार फिर से छात्रों की आत्महत्या के मामले में सुर्खियों में आ गया है। देश भर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मशहूर इस शहर में एक और दर्दनाक घटना सामने आई है। मध्य प्रदेश के छतरपुर से नीट की तैयारी करने आई एक छात्रा ने जहर खाकर अपनी जान दे दी। यह घटना कोटा में छात्रों के बढ़ते मानसिक दबाव और तनाव की ओर इशारा करती है। पिछले कुछ सालों में कोटा में छात्रों की आत्महत्या के मामले लगातार बढ़ते जा

कोटा में छात्रों की आत्महत्या का सिलसिला जारी Kota NEET Student Suicide: राजस्थान का कोटा शहर एक बार फिर से छात्रों की आत्महत्या के मामले में सुर्खियों में आ गया है। देश भर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मशहूर इस शहर में एक और दर्दनाक घटना सामने आई है। मध्य प्रदेश के छतरपुर से नीट की तैयारी करने आई एक छात्रा ने जहर खाकर अपनी जान दे दी। यह घटना कोटा में छात्रों के बढ़ते मानसिक दबाव और तनाव की ओर इशारा करती है। पिछले कुछ सालों में कोटा में छात्रों की आत्महत्या के मामले लगातार बढ़ते जा

कोटा (राजस्थान)।राजस्थान के कोटा में बुधवार को दिल्ली निवासी छात्र लकी चौधरी की संदिग्ध मौत के बाद नया मोड़ सामने आया है। प्रारंभिक तौर पर इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा था, लेकिन मृतक के पिता दिलीप चौधरी ने इसे हत्या बताते हुए बेटे के रूममेट पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पिता का चौंकाने वाला बयान गुरुवार को कोटा पहुँचे लकी के पिता ने कहा— “मेरा बेटा हमेशा कहता था कि पापा, मैं इतना कमजोर नहीं हूँ कि आत्महत्या कर लूँ। उसकी सोच सकारात्मक थी और वह हिम्मत वाला बच्चा था।” दिलीप चौधरी का कहना है कि बेटे ने

कोटा (राजस्थान)।राजस्थान के कोटा में बुधवार को दिल्ली निवासी छात्र लकी चौधरी की संदिग्ध मौत के बाद नया मोड़ सामने आया है। प्रारंभिक तौर पर इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा था, लेकिन मृतक के पिता दिलीप चौधरी ने इसे हत्या बताते हुए बेटे के रूममेट पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पिता का चौंकाने वाला बयान गुरुवार को कोटा पहुँचे लकी के पिता ने कहा— “मेरा बेटा हमेशा कहता था कि पापा, मैं इतना कमजोर नहीं हूँ कि आत्महत्या कर लूँ। उसकी सोच सकारात्मक थी और वह हिम्मत वाला बच्चा था।” दिलीप चौधरी का कहना है कि बेटे ने

कोटा। देशभर में दशहरा की तैयारियों पर बारिश ने अपनी छाया डाली, कई जगह पुतले भीगकर गिर गए या उनका रंग फीका पड़ गया। लेकिन राजस्थान के कोटा में बनाए गए 221.5 फीट ऊँचे रावण का पुतला इस वर्ष भी अडिग रहा और सभी का ध्यान आकर्षित करता रहा। यह पुतला देश के सबसे ऊँचे रावण पुतलों में गिना जा रहा है और इसकी तकनीकी खूबियों ने इसे और भी खास बना दिया है। पुतले की संरचना और विशेषताएँ कोटा के इस विशाल रावण पुतले का चेहरा 25 फीट ऊँचा है और इसका वजन लगभग 3 क्विंटल है। पुतले के

कोटा। देशभर में दशहरा की तैयारियों पर बारिश ने अपनी छाया डाली, कई जगह पुतले भीगकर गिर गए या उनका रंग फीका पड़ गया। लेकिन राजस्थान के कोटा में बनाए गए 221.5 फीट ऊँचे रावण का पुतला इस वर्ष भी अडिग रहा और सभी का ध्यान आकर्षित करता रहा। यह पुतला देश के सबसे ऊँचे रावण पुतलों में गिना जा रहा है और इसकी तकनीकी खूबियों ने इसे और भी खास बना दिया है। पुतले की संरचना और विशेषताएँ कोटा के इस विशाल रावण पुतले का चेहरा 25 फीट ऊँचा है और इसका वजन लगभग 3 क्विंटल है। पुतले के