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हैदराबाद के नामपल्ली इलाके में फर्नीचर की दुकान में भीषण आग, दो घंटे की मशक्कत के बाद पाया गया काबू

Hyderabad Fire Incident: नामपल्ली फर्नीचर दुकान में लगी भीषण आग, दो घंटे बाद काबू
Hyderabad Fire Incident: नामपल्ली फर्नीचर दुकान में लगी भीषण आग, दो घंटे बाद काबू (Image Source: X/@lateefbabla)
हैदराबाद के नामपल्ली इलाके में शनिवार दोपहर बच्चा क्रिस्टल फर्नीचर स्टोर में भीषण आग लगी। निचली मंजिल से शुरू हुई आग तेजी से ऊपर फैली। 10 दमकल गाड़ियों ने दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। पुलिस कमिश्नर के. सज्जनार ने खुद निगरानी की। किसी के हताहत होने की खबर नहीं। ट्रैफिक जाम हुआ।
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Hyderabad Fire Incident: हैदराबाद के नामपल्ली इलाके में शनिवार दोपहर एक फर्नीचर की दुकान में अचानक भीषण आग लग गई। यह घटना दोपहर करीब 1 बजकर 42 मिनट पर हुई जब बच्चा क्रिस्टल फर्नीचर स्टोर की निचली मंजिल से धुआं उठना शुरू हुआ। दुकान में रखे ज्वलनशील सामान की वजह से आग तेजी से ऊपरी मंजिलों तक फैल गई। मौके पर कम से कम 10 दमकल गाड़ियां पहुंचीं और दो घंटे की कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया गया। पुलिस कमिश्नर के. सज्जनार खुद मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य की निगरानी करते रहे।

शुरुआती घंटों में यह डर था कि दुकान के अंदर कुछ लोग, खासकर बच्चे और कामगार फंसे हो सकते हैं, लेकिन बाद में पता चला कि किसी भी व्यक्ति के हताहत होने की खबर नहीं है। यह राहत की बात रही। हालांकि, इस घटना ने एक बार फिर व्यावसायिक इलाकों में आग लगने के खतरों को सामने ला दिया है।

आग लगने का कारण और शुरुआती स्थिति

फर्नीचर की दुकान में आग कैसे लगी, इसकी जांच अभी जारी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग दुकान की निचली मंजिल से शुरू हुई जहां लकड़ी, फोम, पॉलिश और अन्य ज्वलनशील सामान बड़ी मात्रा में रखे हुए थे। इन चीजों की मौजूदगी ने आग को और भी भयानक बना दिया। धुआं इतना घना था कि आसपास के इलाकों में भी सांस लेना मुश्किल हो गया था। दुकान की इमारत कई मंजिला थी, जिससे आग ऊपर की तरफ तेजी से बढ़ी।

स्थानीय लोगों ने बताया कि शुरुआत में धुआं देखकर उन्होंने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी। कुछ ही मिनटों में दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं, लेकिन आग इतनी तेज थी कि उसे काबू में करना बेहद मुश्किल हो गया। दमकलकर्मियों ने जान की परवाह किए बिना आग से जूझते हुए बचाव कार्य किया।

दमकलकर्मियों की मेहनत और बचाव कार्य

मौके पर पहुंचे दमकलकर्मियों ने बिना देर किए आग बुझाने का काम शुरू कर दिया। करीब 10 दमकल गाड़ियां मौके पर तैनात की गईं। भारी धुएं के बीच दमकलकर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालते हुए आग पर काबू पाने की कोशिश की। दो घंटे की लगातार मशक्कत के बाद आखिरकार आग पर नियंत्रण पाया जा सका।

दमकलकर्मियों के अनुसार, इमारत के अंदर फर्नीचर का बड़ा स्टॉक होने की वजह से आग को पूरी तरह बुझाना चुनौतीपूर्ण था। लकड़ी और फोम जैसे पदार्थ आग को लगातार बढ़ावा दे रहे थे। इसके अलावा, इमारत की संकरी गलियों ने भी बचाव कार्य को और मुश्किल बना दिया। फिर भी, दमकलकर्मियों ने अपनी कुशलता और अनुभव का परिचय देते हुए स्थिति को संभाल लिया।

पुलिस कमिश्नर की निगरानी

इस पूरी घटना के दौरान हैदराबाद के पुलिस कमिश्नर के. सज्जनार खुद मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने बचाव कार्य की बारीकी से निगरानी की और जरूरी निर्देश दिए। उनकी मौजूदगी से दमकलकर्मियों और पुलिसकर्मियों का हौसला बढ़ा। उन्होंने स्थानीय लोगों से भी अपील की कि वे घबराएं नहीं और सुरक्षित दूरी बनाए रखें।

पुलिस कमिश्नर ने घटना के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि किसी की जान नहीं गई। उन्होंने कहा कि आग लगने के कारणों की पूरी जांच की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।

ट्रैफिक में रुकावट और जनता को दिक्कत

आग लगने की घटना के कारण नामपल्ली इलाके में भारी ट्रैफिक जाम हो गया। पुलिस ने लोगों को वैकल्पिक रास्तों से जाने की सलाह दी। कई घंटों तक यह इलाका पूरी तरह से बंद रहा। आसपास के व्यापारियों और दुकानदारों को भी अपनी दुकानें बंद करनी पड़ीं।

स्थानीय लोगों ने बताया कि नामपल्ली एक व्यस्त व्यावसायिक इलाका है और यहां हमेशा भीड़-भाड़ रहती है। ऐसे में आग लगने की घटना ने सभी को हिलाकर रख दिया। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर इस घटना की तस्वीरें और वीडियो शेयर किए। ट्रैफिक पुलिस ने तुरंत अलर्ट जारी कर लोगों को वैकल्पिक मार्गों की जानकारी दी।

व्यावसायिक इलाकों में आग का बढ़ता खतरा

यह घटना एक बार फिर व्यावसायिक इलाकों में आग लगने के बढ़ते खतरे को दर्शाती है। खासकर ऐसी दुकानें जहां लकड़ी, कपड़ा, प्लास्टिक और अन्य ज्वलनशील सामान बड़ी मात्रा में रखे जाते हैं, वहां आग का खतरा अधिक रहता है। कई बार सुरक्षा उपायों की कमी और लापरवाही की वजह से छोटी सी चिंगारी बड़ी आग का रूप ले लेती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि व्यावसायिक इलाकों में अग्निशमन यंत्रों की व्यवस्था अनिवार्य होनी चाहिए। इसके अलावा, दुकानदारों और व्यापारियों को आग से बचाव के नियमों की जानकारी भी दी जानी चाहिए। नियमित रूप से फायर सेफ्टी ऑडिट होना चाहिए ताकि किसी भी तरह की लापरवाही को समय रहते सुधारा जा सके।

जांच जारी और भविष्य की सावधानियां

Hyderabad Fire Incident: फिलहाल आग लगने के सही कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है। अधिकारियों ने कहा है कि दुकान के मालिक से पूछताछ की जाएगी और यह पता लगाया जाएगा कि दुकान में सुरक्षा के क्या इंतजाम थे। अगर किसी तरह की लापरवाही पाई गई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इसके अलावा, नगर निगम और अग्निशमन विभाग मिलकर नामपल्ली और आसपास के इलाकों में सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच करेंगे। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी दुकानों में फायर सेफ्टी के जरूरी उपकरण मौजूद हों और आपातकालीन स्थिति में लोग सुरक्षित बाहर निकल सकें।

इस घटना ने एक बार फिर यह साबित किया है कि सुरक्षा उपायों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। समय पर सतर्कता और सही व्यवस्था जान-माल दोनों को बचा सकती है।

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Asfi Shadab

एक लेखक, चिंतक और जागरूक सामाजिक कार्यकर्ता, जो खेल, राजनीति और वित्त की जटिलता को समझते हुए उनके बीच के रिश्तों पर निरंतर शोध और विश्लेषण करते हैं। जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को सरल, तर्कपूर्ण और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध।