Chinese Manjha Death Case: उत्तर प्रदेश में चाइनीज मांझे से हो रही लगातार मौतों ने सरकार को सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है। अब इस खतरनाक मांझे की वजह से अगर किसी की जान जाती है, तो उसे सामान्य हादसा नहीं बल्कि गंभीर अपराध माना जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ संकेत दे दिए हैं कि ऐसी मौतों के मामलों में जरूरत पड़ने पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
पिछले कुछ समय से प्रदेश के अलग-अलग जिलों से चाइनीज मांझे से घायल होने और जान जाने की घटनाएं सामने आती रही हैं। कभी बाइक सवार की गर्दन कट जाती है, तो कभी राह चलते बच्चे इसकी चपेट में आ जाते हैं। इन घटनाओं ने आम लोगों के मन में डर और गुस्सा दोनों पैदा किया है। सरकार अब इस खतरे को हल्के में लेने के मूड में नहीं है।
चाइनीज मांझे पर सरकार की सख्ती
चाइनीज मांझा देखने में भले ही पतला धागा लगे, लेकिन इसकी धार किसी ब्लेड से कम नहीं होती। इसमें कांच और केमिकल का इस्तेमाल होता है, जिससे यह बेहद खतरनाक बन जाता है। पतंगबाजी के दौरान यह हवा में अदृश्य हो जाता है और राह चलते लोगों के लिए जानलेवा साबित होता है। खासतौर पर दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह सबसे बड़ा खतरा बन चुका है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में एक समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों से सीधा सवाल किया कि जब चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध है, तो यह बाजार में आखिर कैसे बिक रहा है। यह सवाल प्रशासन की कार्यशैली पर भी एक तरह की चेतावनी था।
मौत को माना जाएगा गंभीर अपराध
सीएम योगी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि चाइनीज मांझे से होने वाली मौतों को गंभीर अपराध की श्रेणी में रखा जाए। अगर जांच में लापरवाही, अवैध बिक्री या जानबूझकर सप्लाई की बात सामने आती है, तो ऐसे मामलों में हत्या की धाराएं भी लगाई जा सकती हैं। इससे साफ है कि अब दोषियों के लिए बचने का रास्ता आसान नहीं होगा।
पूरे प्रदेश में चलेगा विशेष अभियान
सरकार ने पुलिस और जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि पूरे प्रदेश में विशेष अभियान चलाकर चाइनीज मांझे की बिक्री, भंडारण और सप्लाई करने वालों की पहचान की जाए। दुकानों, गोदामों और सप्लाई चेन पर छापेमारी कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को यह भी कहा गया है कि सिर्फ छोटे दुकानदार ही नहीं, बल्कि इसके पीछे काम कर रहे बड़े नेटवर्क तक पहुंचा जाए।
लखनऊ की घटना ने झकझोरा प्रशासन
4 फरवरी को लखनऊ में हुई एक दर्दनाक घटना ने इस मुद्दे को और गंभीर बना दिया। बाइक से जा रहे एक मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव की गर्दन चाइनीज मांझे से कट गई। वह खून से लथपथ हालत में सड़क पर गिर पड़े और करीब दस मिनट तक तड़पते रहे। अस्पताल पहुंचने के बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि सिस्टम के लिए एक बड़ा सवाल बन गई।
जागरूकता पर भी सरकार का जोर
सरकार सिर्फ कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहती। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को लोगों को जागरूक करने के निर्देश भी दिए हैं। लोगों को बताया जाएगा कि चाइनीज मांझा कितना खतरनाक है और इसके विकल्प क्या हो सकते हैं। खासतौर पर बच्चों और युवाओं को सुरक्षित पतंगबाजी के तरीकों के बारे में जागरूक किया जाएगा।
अब लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं
सरकार का साफ संदेश है कि इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चाहे वह बेचने वाला हो, सप्लाई करने वाला हो या प्रतिबंध के बावजूद आंख मूंदने वाला अधिकारी—सबकी जिम्मेदारी तय की जाएगी। यह फैसला उन परिवारों के दर्द को भी आवाज देता है, जिन्होंने अपनों को ऐसे हादसों में खोया है।
उत्तर प्रदेश सरकार का यह कदम आने वाले समय में न सिर्फ ऐसी घटनाओं पर रोक लगाएगा, बल्कि लोगों को यह भरोसा भी देगा कि उनकी जान की कीमत समझी जा रही है।