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गेम की लत ने छीन ली तीन जिंदगियां, गाजियाबाद में 3 सगी बहनों ने 9वीं मंजिल से कूद कर की आत्महत्या

गेम की लत ने छीन ली तीन जिंदगियां, गाजियाबाद में 3 सगी बहनों ने 9वीं मंजिल से कूद कर की आत्महत्या
गेम की लत ने छीन ली तीन जिंदगियां, गाजियाबाद में 3 सगी बहनों ने 9वीं मंजिल से कूद कर की आत्महत्या

गाजियाबाद के साहिबाबाद में तीन नाबालिग सगी बहनों ने एक साथ आत्महत्या कर ली। शुरुआती जांच में गेम की लत को वजह माना जा रहा है। यह घटना डिजिटल लत, बच्चों की मानसिक स्थिति और पारिवारिक संवाद की कमी पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

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Dipali Kumari
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3 Sisters Suicide Ghaziabad: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के साहिबाबाद इलाके से आई यह खबर सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि हमारे समय की एक डरावनी सच्चाई है। भारत सिटी सोसायटी की 9वीं मंजिल से तीन नाबालिग सगी बहनों ने एक साथ कूद कर आत्महत्या कर ली। इस घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है. यह घटना इसलिए भी गंभीर है क्योंकि तीनों बच्चियां नाबालिग थीं और उनकी उम्र क्रमशः 16, 14 और 12 साल थी।

यह सवाल अब हर माता-पिता के मन में है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि तीन मासूम बहनों ने एक साथ अपनी जिंदगी खत्म करने का फैसला कर लिया।

गाजियाबाद की घटना ने क्यों बढ़ा दी चिंता

बुधवार सुबह जब भारत सिटी सोसायटी के लोगों ने नीचे तीनों बहनों के शव देखे, तो पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया। लोग समझ ही नहीं पा रहे थे कि एक ही परिवार की तीन बच्चियां ऐसा कदम कैसे उठा सकती हैं। पुलिस को सूचना दी गई और मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की गई। शुरुआती जानकारी में सामने आया कि यह आत्महत्या का मामला है, जिसकी वजह गेम की लत मानी जा रही है।

गेम खेलने से मना करना बना टकराव की वजह

पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि तीनों बहनों को एक कोरियाई टास्क-बेस्ड गेमिंग एप खेलने की लत थी। परिजन उन्हें बार-बार गेम खेलने से रोकते थे। परिवार का कहना है कि हाल के दिनों में इसी बात को लेकर घर में तनाव का माहौल रहता था।

माना जा रहा है कि गेम खेलने से रोके जाने पर बच्चियां नाराज थीं और इसी भावनात्मक स्थिति में उन्होंने यह खौफनाक फैसला ले लिया। हालांकि पुलिस स्पष्ट रूप से कह रही है कि मोबाइल फोन की जांच और अन्य सबूतों के आधार पर ही पूरी सच्चाई सामने आएगी।

मोबाइल फोन और लिखे कागज बने जांच का आधार

पुलिस ने तीनों बहनों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं। इनमें इस्तेमाल किए गए ऐप्स, गेमिंग हिस्ट्री और चैट्स की जांच की जा रही है। इसके अलावा घर से कुछ हाथ से लिखे कागज भी मिले हैं, जिनका अध्ययन किया जा रहा है।

जांच अधिकारी मानते हैं कि डिजिटल गतिविधियों और बच्चों की मानसिक स्थिति को समझे बिना इस मामले की गहराई तक पहुंचना संभव नहीं है। यह भी देखा जा रहा है कि क्या गेम के जरिए किसी तरह का मानसिक दबाव या टास्क पूरा करने का तनाव था।

ऑनलाइन ट्रेडिंग का काम करते हैं पिता

मृतक बच्चियों के पिता चेतन ऑनलाइन ट्रेडिंग का काम करते हैं। परिवार पिछले तीन वर्षों से गाजियाबाद की भारत सिटी सोसायटी में रह रहा था। इससे पहले वे दिल्ली में रहते थे। घटना की रात परिवार के अन्य सदस्य सो रहे थे, उसी दौरान तीनों बहनों ने खिड़की से छलांग लगा दी।

परिवार में चेतन की दो पत्नियां, चार बच्चे और एक छोटा बेटा शामिल है, जो मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया जा रहा है। बताया गया है कि कोरोना काल के बाद तीनों बहनों ने पढ़ाई भी छोड़ दी थी, जिसके बाद उनका अधिकतर समय मोबाइल और गेमिंग में बीतने लगा।

माता-पिता और समाज के लिए चेतावनी

गाजियाबाद की यह घटना एक कड़ी चेतावनी है। सिर्फ रोक-टोक करना काफी नहीं, बल्कि बच्चों से संवाद बनाना, उनकी दुनिया को समझना और भावनात्मक सहारा देना उतना ही जरूरी है। गेम या मोबाइल से पूरी तरह दूर करने के बजाय संतुलन सिखाना और मानसिक स्थिति पर नजर रखना आज के समय की जरूरत है।

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Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।