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UP News: गंगा नहर में मिला युवक का शव, छठ पर्व की भीड़ में मचा हड़कंप

UP News: गंगा नहर में मिला युवक का शव, छठ पर्व की भीड़ में मचा हड़कंप
UP Man Body Found Floating in Canal – उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद में नहर में मिला युवक का शव, छठ पर्व की सुबह फैली सनसनी (File Photo)
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Asfi Shadab
Asfi Shadab
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मऊ में छठ पर्व की सुबह दर्दनाक घटना से मचा कोहराम

उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद में मंगलवार की सुबह छठ पर्व की पवित्र बेला एक दुखद घटना से दहशत में बदल गई, जब एक युवक का शव नहर में तैरता हुआ पाया गया। इस अप्रत्याशित दृश्य ने श्रद्धालुओं और ग्रामीणों के बीच हड़कंप मचा दिया।

घटना मऊ ज़िले के हलधरपुर थाना क्षेत्र के गेहना गांव की है। सुबह-सुबह जब गाँववाले छठ पूजा के अवसर पर नहर किनारे स्नान और अर्घ्य देने पहुँचे थे, तभी किसी ने पानी में कुछ तैरता देखा। पास जाकर जब लोगों ने देखा तो वह एक युवक का शव था। देखते ही देखते मौके पर भीड़ जमा हो गई और सूचना तुरंत पुलिस को दी गई।


युवक की पहचान मनोज सिंह के रूप में हुई

सूचना मिलते ही हलधरपुर थाना प्रभारी विजय कुमार मौर्य पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुँचे। शव को बाहर निकाला गया और उसकी पहचान 30 वर्षीय मनीष सिंह के रूप में हुई, जो इसी गाँव का निवासी था।

ग्रामीणों के अनुसार, मनीष एक शांत और मेहनती युवक था। कुछ ही दिन पहले उसने दिवाली पर एक नई मोटरसाइकिल खरीदी थी। परिवार वालों का कहना है कि वह बाइक चलाना सीख रहा था। अनुमान लगाया जा रहा है कि संभवतः वह रात के समय या सुबह जल्दी बाइक सीखते समय नहर में गिर गया और उसकी मौत हो गई।


पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा

थाना प्रभारी विजय कुमार मौर्य ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में कोई बाहरी चोट या संघर्ष के निशान नहीं मिले हैं, परंतु सटीक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

उन्होंने यह भी बताया कि जांच के सभी पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है — दुर्घटना, आत्महत्या या किसी अन्य कारण से हुई मृत्यु की संभावना को नकारा नहीं जा सकता।


परिवार में मातम, गाँव में सन्नाटा

मनीष सिंह तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। उसके पिता की मृत्यु पहले ही हो चुकी थी, और वह परिवार की आर्थिक ज़िम्मेदारी उठाता था। उसकी असमय मृत्यु से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

माँ और भाइयों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरा गाँव परिवार के शोक में शामिल है। ग्रामीणों का कहना है कि मनीष सभी के साथ हँसी-खुशी से रहता था और उसके इस तरह अचानक चले जाने से गाँव में शोक की लहर दौड़ गई है।


छठ पर्व की खुशियाँ मातम में बदलीं

छठ पर्व, जो सूर्य भगवान की आराधना और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है, इस गाँव के लिए इस बार दर्दनाक स्मृति छोड़ गया। जहाँ एक ओर लोग पूजा-अर्चना में मग्न थे, वहीं दूसरी ओर मनीष की मृत्यु की खबर से माहौल ग़मगीन हो गया।

कई श्रद्धालु इस दृश्य को देखकर स्तब्ध रह गए। स्थानीय लोगों ने कहा कि ऐसी घटनाएँ प्रशासन और नागरिकों के लिए एक चेतावनी हैं कि त्योहारों के दौरान सुरक्षा और सावधानी को और अधिक प्राथमिकता दी जाए।


जांच जारी, पुलिस ने अपील की सतर्कता की

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के सभी पहलुओं पर काम शुरू कर दिया है। थाना प्रभारी ने आम नागरिकों से अपील की है कि नदी या नहर किनारे जाने के दौरान सावधानी बरतें, विशेष रूप से त्योहारों के समय जब भीड़ अधिक रहती है।


स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों की प्रतिक्रिया

गाँव के प्रधान ने जिला प्रशासन से मांग की है कि नहर किनारे सुरक्षा की दृष्टि से बैरिकेडिंग की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएँ न हों। प्रशासन ने भी कहा है कि छठ पर्व के बाद सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी।

मऊ जिले की यह घटना न केवल एक परिवार के लिए गहरी पीड़ा लेकर आई है, बल्कि यह समाज को यह संदेश भी देती है कि आधुनिक जीवन की भागदौड़ में सतर्कता और सुरक्षा सबसे ज़रूरी है। त्योहारों की पवित्रता तभी बनी रह सकती है जब हम अपने और दूसरों की सुरक्षा का ध्यान रखें।


यह समाचार पीटीआई(PTI) के इनपुट के साथ प्रकाशित किया गया है।


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Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।