माघ मेला प्रयागराज में लगी भीषण आग: टेंट जलकर हुए राख, हजारों का नुकसान

Magh Mela Prayagraj Fire: माघ मेला में लगी भीषण आग, आधा दर्जन टेंट जलकर राख
Magh Mela Prayagraj Fire Incident: माघ मेला में लगी भीषण आग, आधा दर्जन टेंट जलकर राख (Photo: FP/Internet)
प्रयागराज के माघ मेला क्षेत्र में बुधवार शाम सेक्टर 4 तुलसी मार्ग पर बड़े ब्रह्म छोटे ब्रह्म आश्रम में अज्ञात कारणों से आग भड़क उठी। इसमें आधा दर्जन टेंट जलकर राख हो गए और 20000 रुपये नकद समेत गृहस्थी का सामान नष्ट हो गया। तीन अग्निशमन कर्मी बचाव में घायल हुए। यह लगातार दूसरे दिन मेला क्षेत्र में आग लगने की घटना है।
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प्रयागराज में आयोजित माघ मेला में बुधवार की शाम एक बार फिर आग लगने की घटना सामने आई है। सेक्टर 4 तुलसी मार्ग पर स्थित बड़े ब्रह्म छोटे ब्रह्म आश्रम में अचानक भड़की आग ने आधा दर्जन टेंट को पूरी तरह से जलाकर राख कर दिया। इस हादसे में लाखों रुपये की संपत्ति नष्ट हो गई और तीन अग्निशमन कर्मी घायल हो गए। यह घटना लगातार दूसरे दिन माघ मेला क्षेत्र में आग लगने की खबर है, जिससे प्रशासन और श्रद्धालुओं में चिंता बढ़ गई है।

घटना का विवरण

बुधवार की शाम माघ मेला के सेक्टर 4 तुलसी मार्ग पर स्थित बड़े ब्रह्म छोटे ब्रह्म आश्रम में अचानक आग भड़क उठी। आश्रम के संचालक कमलेश्वर नाथ पांडेय के अनुसार, उस समय आश्रम में दर्जन भर से अधिक लोग पूजा-पाठ में व्यस्त थे। अचानक टेंट के पीछे से आग की लपटें उठने लगीं, जिसे देखकर सभी लोग घबरा गए।

मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत बालू और पानी से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। हालांकि, आग तेजी से फैलने लगी और कुछ ही देर में आधा दर्जन टेंट आग की चपेट में आ गए। इन टेंटों में गृहस्थी का सामान और करीब 20000 रुपये की नकदी रखी हुई थी, जो पूरी तरह से जलकर राख हो गई।

अग्निशमन कर्मियों की त्वरित कार्रवाई

घटनास्थल से कुछ दूरी पर स्थित कल्पवासी फायर स्टेशन के दमकल कर्मियों की नजर इस आग पर पड़ी। आकाश कुमार के नेतृत्व में अग्निशमन कर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे और अपनी पूरी टीम के साथ आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया। दमकल कर्मियों ने बड़ी मेहनत के बाद आग पर नियंत्रण पाया और आसपास के अन्य टेंटों को बचाने में सफलता हासिल की।

इस बचाव अभियान के दौरान दर्जन भर से अधिक फायर की गाड़ियां और एंबुलेंस घटनास्थल पर पहुंचीं। हादसे में तीन अग्निशमन कर्मी मिलन सिंह, अमरजीत और अमृत यादव के हाथ झुलस गए। घायल कर्मियों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में उपचार के लिए भेजा गया। उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

एक दिन पहले भी हुई थी ऐसी घटना

यह माघ मेला क्षेत्र में लगातार दूसरे दिन आग लगने की घटना है। इससे एक दिन पहले मंगलवार को भी काली मार्ग सेक्टर पांच में स्थित रामनाम एवं मानस प्रचार संघ के शिविर में आग लग गई थी। मंगलवार की शाम अचानक भड़की आग से श्रद्धालुओं में अफरातफरी मच गई थी।

उस घटना में दो टेंट पूरी तरह से जलकर राख हो गए थे। गारापुर थरवई निवासी भरत शंकर शुक्ला ने इस शिविर में रामनाम एवं मानस प्रचार संघ के नाम से शिविर लगाया हुआ था। आग लगने से उनके टेंट में रखा एक लाख रुपये नकद समेत गृहस्थी का सारा सामान जलकर राख हो गया था।

श्रद्धालुओं में बढ़ी चिंता

लगातार दो दिनों में आग लगने की घटनाओं से माघ मेला में आए श्रद्धालुओं में चिंता का माहौल है। कई श्रद्धालुओं ने अपने टेंटों में सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए हैं। लोग रात में सोते समय विशेष सावधानी बरत रहे हैं और अपने सामान को सुरक्षित रखने के लिए सतर्क हो गए हैं।

मंगलवार की घटना में भरत शंकर शुक्ला शिविर के बाहर अन्य लोगों के साथ आग ताप रहे थे, जबकि उनकी पत्नी संतोष शुक्ला टेंट में थीं। अचानक आग भड़कने से सब कुछ अस्त-व्यस्त हो गया। सूचना पर पहुंचे फायर ब्रिगेड के कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया था।

प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल

माघ मेला प्रशासन द्वारा आग से बचाव के लिए कई इंतजाम किए गए हैं। मेला क्षेत्र में जगह-जगह फायर स्टेशन बनाए गए हैं और अग्निशमन कर्मियों की तैनाती की गई है। फिर भी लगातार आग लगने की घटनाओं से सवाल उठने लगे हैं कि क्या सुरक्षा इंतजाम पर्याप्त हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि मेला क्षेत्र में ज्यादातर टेंट आसानी से आग पकड़ने वाले कपड़ों से बने होते हैं। साथ ही, खाना पकाने और गर्मी के लिए चूल्हे और अंगीठियों का इस्तेमाल होता है, जिससे आग लगने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में श्रद्धालुओं को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।

सुरक्षा सुझाव और सावधानियां

मेला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अपने टेंटों में खुली आग का इस्तेमाल करते समय विशेष सावधानी बरतें। टेंट के अंदर खाना पकाने से बचें और जरूरत पड़ने पर सामूहिक रसोई का उपयोग करें। रात में सोने से पहले सभी आग के स्रोतों को बुझा दें।

अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि टेंट के पास आसानी से जलने वाली चीजें न रखें। बिजली के तारों को सुरक्षित तरीके से लगाएं और किसी भी तरह की शॉर्ट सर्किट से बचें। आग बुझाने के लिए बालू और पानी की व्यवस्था अपने टेंट के पास जरूर रखें।

माघ मेला में लगातार आग लगने की घटनाएं चिंता का विषय हैं। हालांकि अग्निशमन कर्मियों की त्वरित कार्रवाई से बड़े हादसे टल गए हैं, लेकिन इन घटनाओं से जान-माल की हानि हो रही है। प्रशासन और श्रद्धालुओं दोनों को मिलकर सुरक्षा के प्रति जागरूक होने की जरूरत है ताकि आगे ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।

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Asfi Shadab

एक लेखक, चिंतक और जागरूक सामाजिक कार्यकर्ता, जो खेल, राजनीति और वित्त की जटिलता को समझते हुए उनके बीच के रिश्तों पर निरंतर शोध और विश्लेषण करते हैं। जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को सरल, तर्कपूर्ण और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध।