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UP Politics: अखिलेश यादव पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तीखी टिप्पणी, विरासत में गद्दी, बुद्धि नहीं

UP Politics: अखिलेश यादव पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तीखी टिप्पणी, विरासत में गद्दी, बुद्धि नहीं
UP Politics Akhilesh Yadav: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा प्रमुख पर किया तीखा प्रहार (File Photo)
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Asfi Shadab
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मुख्यमंत्री का प्रहार और दीपोत्सव विवाद

डिजिटल डेस्क, लखनऊ: उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर तनावपूर्ण माहौल बन गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखी टिप्पणी की है। गोरखपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि अखिलेश यादव को श्रीराम, देवी-देवताओं, सनातन धर्म और इसके त्योहारों से नफरत है।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से दीपावली और अयोध्या के दीपोत्सव को लेकर सपा प्रमुख के फिजूलखर्ची बयान पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि दीपोत्सव में मिट्टी के दीयों और मोमबत्तियों पर किए जाने वाले खर्च को फिजूलखर्ची बताना किसानों, शिल्पकारों और प्रजापति समाज का अपमान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि “अखिलेश को गद्दी तो विरासत में मिली, बुद्धि नहीं।”


अयोध्या में दीपोत्सव का सामाजिक और आर्थिक महत्व

अयोध्या में दीप जलाने के औचित्य पर सवाल उठाने वाले अखिलेश यादव को यह नहीं पता कि दीपोत्सव के लिए बनाए जाने वाले दीप से प्रजापति समाज के लिए स्वावलंबन का मार्ग खुलता है और अन्नदाता किसानों की तिलहन की फसल का उपयोग होता है। इसके साथ ही प्लास्टिक के उपयोग पर रोक लगाने का प्रयास भी दीपोत्सव के माध्यम से सकारात्मक रूप से आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष अयोध्या में 26 लाख 17 हजार दीयों का नया विश्व रिकार्ड बना है। उन्होंने कहा कि सपा अध्यक्ष के लिए तो दीया जलाना भी समस्या है।


ईद मिलन और त्योहारों में पूर्व सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 से पहले मुख्यमंत्री आवास में ईद मिलन होता था, लेकिन दीपावली और होली मिलन जैसे कार्यक्रम नहीं आयोजित किए जाते थे। उन्होंने कहा कि उनका मानना था कि संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार मुख्यमंत्री आवास और राजभवन में ऐसे आयोजन नहीं होने चाहिए, और इसे सरकारी स्तर पर रोका गया।

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि समाज की सहभागिता से त्योहारों में उत्साह और सांस्कृतिक समृद्धि बढ़ी है।


सपा का अयोध्या विरोध और दुर्योधन प्रतिमा का मुद्दा

मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि जब तीर्थ विकास परिषद अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण कार्य को आगे बढ़ा रही थी, तब अखिलेश यादव सैफई में दुर्योधन की प्रतिमा स्थापित करने का ऐलान कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह जनता के रामभक्तों के प्रति सपा सरकार की नकारात्मक सोच का उदाहरण है।


कांग्रेस और धार्मिक असहिष्णुता पर टिप्पणी

योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पहले अदालत में भगवान राम और कृष्ण को मिथक बताने का एफिडेविट प्रस्तुत किया था। इसके विपरीत, आज अयोध्या और महाकुंभ जैसे धार्मिक आयोजन देश और दुनिया के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गए हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि पिछले साल अयोध्या में छह करोड़ से अधिक लोग प्रभु श्रीराम के दर्शन करने आए, जबकि प्रयागराज महाकुंभ में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

उत्तर प्रदेश की सियासत में यह विवाद आगामी चुनावों के मद्देनजर और गर्म होता दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की टिप्पणियां केवल दीपोत्सव पर नहीं, बल्कि सपा और कांग्रेस के धार्मिक दृष्टिकोण पर भी केंद्रित हैं। प्रदेश में इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।

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Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।