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दीपावली से पूर्व ही बनारस की वायु प्रदूषित, सांस रोगियों के लिए खतरा बढ़ा

दीपावली से पूर्व ही बनारस की वायु प्रदूषित, सांस रोगियों के लिए खतरा बढ़ा
Banaras Air Quality: वाराणसी में बढ़ती वायु प्रदूषण की समस्या, सांस रोगियों को सतर्क रहने की आवश्यकता
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Asfi Shadab
Asfi Shadab
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वाराणसी, जो अपने शुद्ध गंगा तट और ऐतिहासिक महत्त्व के लिए विश्वविख्यात है, इस समय वायु प्रदूषण की चुनौती का सामना कर रहा है। पिछले वर्ष शहर की हवा अपेक्षाकृत स्वच्छ रही, और लगभग एक वर्ष से अधिक समय तक वायु गुणवत्ता ग्रीन जोन में बनी रही। परंतु अक्टूबर माह में हुई वर्षा समाप्त होने के पश्चात् हवा की गुणवत्ता पुनः बिगड़ने लगी है। विशेष रूप से शरद ऋतु के आगमन के साथ वातावरण में शुष्कता बढ़ रही है और वायु प्रदूषण के स्तर में वृद्धि देखी जा रही है।

वायु गुणवत्ता में बदलाव

अक्टूबर माह की शुरुआत से ही शहर के विभिन्न क्षेत्रों में वायु प्रदूषणकारी धूल कणों (PM2.5 और PM10) की संख्या बढ़ रही है। औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 11 अक्टूबर को 102 तक पहुँच गया था और 17 अक्टूबर तक यह 121 तक बढ़ गया। इससे श्वास संबंधी रोगियों के लिए खतरा उत्पन्न हो गया है।

भेलूपुर क्षेत्र में अधिक प्रदूषण

भेलूपुर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सबसे अधिक प्रदूषित पाई गई। 10 अक्टूबर को यहाँ AQI 117 था, जो क्रमशः बढ़ते हुए 181 तक पहुँच गया। अर्दली बाजार और बीएचयू क्षेत्र भी प्रभावित हैं, परंतु मलदहिया क्षेत्र अभी भी अपेक्षाकृत स्वच्छ बनी हुई है।

मलदहिया क्षेत्र की स्थिति

मलदहिया में वायु गुणवत्ता अपेक्षाकृत बेहतर है। 9 अक्टूबर तक AQI 46 था, जो बाद में 77 तक बढ़ा और वर्तमान में 88 पर स्थिर है। यह क्षेत्र अन्य हिस्सों के मुकाबले हल्का प्रदूषण अनुभव कर रहा है।

वर्षाकाल समाप्त होने के बाद वायु प्रदूषण क्यों बढ़ता है

बीएचयू मौसम विभाग के विज्ञानी प्रो. मनोज श्रीवास्तव के अनुसार, वर्षा काल में AQI सामान्यत: 50 के नीचे रहता है। वर्षा समाप्त होने के पश्चात् वर्षा के कारण जमीन पर जमा धूल के कण सूखकर हल्के हो जाते हैं और हवा में फैल जाते हैं। इसके कारण वायु प्रदूषण बढ़ जाता है। दीपावली और शीतकाल के दौरान यह स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है, क्योंकि धूंध और कोहरा भी AQI बढ़ाते हैं।

सांस रोगियों के लिए चेतावनी

वायु में बढ़ते प्रदूषण से विशेष रूप से श्वास रोगी, वृद्ध और बच्चों को जोखिम रहता है। विशेषज्ञों ने लोगों से सलाह दी है कि वे मास्क पहनें, प्रदूषित क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें और घर के भीतर शुद्ध हवा सुनिश्चित करने के उपाय करें।

शहरवासियों के लिए सुझाव

  1. प्रदूषित क्षेत्रों में यात्रा कम करें।

  2. घर में एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें।

  3. दीपावली के दौरान पटाखों के प्रयोग में संयम बरतें।

  4. सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करें और निजी वाहनों का प्रयोग कम करें।

  5. पौधरोपण और हरित क्षेत्रों की सुरक्षा करें, जिससे हवा की गुणवत्ता में सुधार संभव हो।

निष्कर्ष

वाराणसी की हवा वर्षा के बाद पुनः प्रदूषणकारी स्तर तक पहुँच रही है। शरद ऋतु और दीपावली के समय वायु प्रदूषण बढ़ने की संभावना अधिक रहती है। नागरिकों को जागरूक रहना अनिवार्य है और प्रशासन को भी सक्रिय कदम उठाने की आवश्यकता है।


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Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।