आमता में सुबह-सुबह लगी भयानक आग
Howrah Fire Incident: पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले के आमता थाना क्षेत्र में मंगलवार की सुबह एक भयानक आग लगने की घटना सामने आई है। आमता नया रोड मोड़ के पास के इलाके में तड़के करीब साढ़े तीन बजे अचानक आग की लपटें उठीं, जिसने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। इस हादसे में चार दुकानें पूरी तरह से जलकर राख हो गईं। स्थानीय लोगों ने बताया कि पहले एक लकड़ी के गोदाम में आग लगी, जो बाद में तेजी से आसपास की दुकानों में फैल गई।
आग इतनी भयानक थी कि देखते ही देखते चारों दुकानें आग की चपेट में आ गईं। लकड़ी के गोदाम में जमा लकड़ी के बुरादे ने आग को और तेज कर दिया। इस घटना में एक इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान समेत अन्य दुकानें भी पूरी तरह से नष्ट हो गईं। हालांकि अभी तक आग लगने का सही कारण पता नहीं चल सका है।

आग पर काबू पाने में लगे तीन घंटे
घटनास्थल पर दमकल की चार गाड़ियां पहुंचीं और करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। दमकल कर्मियों ने बताया कि लकड़ी के गोदाम में जमा लकड़ी और बुरादे की वजह से आग को बुझाना बेहद मुश्किल हो गया था। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि आसपास की इमारतों में भी फैलने का खतरा पैदा हो गया था।
स्थानीय पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने का प्रयास किया। आमता थाना पुलिस की टीम घटनास्थल पर मौजूद रही और बचाव कार्य में सहयोग किया। पुलिस ने आसपास के इलाके को खाली करवाया और लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

बहुमंजिली इमारत में फंसे चार लोगों को बचाया गया
इस हादसे में सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि पुलिस ने आग के बीच बहुमंजिली इमारत में फंसे चार लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। ये लोग आग की लपटों के बीच फंस गए थे और बाहर नहीं निकल पा रहे थे। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से इन चारों की जान बच गई।
बचाए गए लोगों ने बताया कि अचानक आग लगने से पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई थी। धुएं और आग की लपटों के बीच रास्ता खोजना मुश्किल हो गया था। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से वे सुरक्षित बाहर आ सके।

गोदाम मालिक घायल, अस्पताल में भर्ती
इस भयानक आग में लकड़ी गोदाम के मालिक सुरेंद्र शुक्ला घायल हो गए। उन्हें तुरंत आमता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के मुताबिक, उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। शुक्ला ने बताया कि सुबह-सुबह अचानक गोदाम में आग लगी और कुछ समझ में आने से पहले ही पूरा गोदाम जल गया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि सुरेंद्र शुक्ला का यह गोदाम काफी समय से चल रहा था। यहां लकड़ी की कटाई और बुरादा तैयार करने का काम होता था। गोदाम में काफी मात्रा में लकड़ी और बुरादा जमा था, जिसकी वजह से आग तेजी से फैल गई।

इलाके में फैली दहशत
इस घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। स्थानीय दुकानदारों और निवासियों ने बताया कि इतनी भयानक आग उन्होंने पहले कभी नहीं देखी। आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि दूर से ही दिखाई दे रही थीं। लोग अपने घरों और दुकानों से बाहर निकल आए थे।
व्यापारियों ने कहा कि इस घटना से उन्हें लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान के मालिक ने बताया कि उनकी पूरी दुकान जलकर राख हो गई है और उन्हें करीब दस लाख रुपये का नुकसान हुआ है। अन्य दुकानदारों ने भी भारी नुकसान की बात कही।
आग लगने के कारणों की जांच जारी
अभी तक आग लगने का सही कारण पता नहीं चल सका है। पुलिस और दमकल विभाग की टीम घटनास्थल पर जांच कर रही है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बिजली के शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य कारण से आग लगी हो सकती है।
दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वे आग लगने के सभी संभावित कारणों की जांच कर रहे हैं। फॉरेंसिक टीम भी घटनास्थल का निरीक्षण करेगी। पुलिस ने गोदाम मालिक और अन्य प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए हैं।

सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
Howrah Fire Incident: इस घटना के बाद इलाके में अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने कहा कि लकड़ी के गोदाम जैसी जगहों पर पर्याप्त सुरक्षा उपकरण नहीं थे। अगर समय पर आग बुझाने के उपकरण होते तो शायद नुकसान कम हो सकता था।
व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसी जगहों पर अनिवार्य रूप से अग्निशमन उपकरण रखे जाएं और समय-समय पर सुरक्षा जांच की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार को आग पीड़ितों को मुआवजा देना चाहिए ताकि वे अपना कारोबार फिर से शुरू कर सकें।
प्रशासनिक कार्रवाई की उम्मीद
स्थानीय प्रशासन ने घटना की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। जिला प्रशासन के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द से जल्द जांच पूरी की जाएगी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
पुलिस ने बताया कि वे सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं। अगर लापरवाही या नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आता है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पीड़ितों की मदद करना और आग लगने के सही कारण का पता लगाना प्राथमिकता है।
इस घटना ने एक बार फिर आग से बचाव और सुरक्षा व्यवस्था की अहमियत को रेखांकित किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी जगहों पर जहां आसानी से आग लगने वाली चीजें रखी जाती हैं, वहां विशेष सावधानी बरतनी चाहिए और पूरी सुरक्षा व्यवस्था होनी चाहिए।