नए साल की खुशियां मनाने की बजाय पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में एक परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा। साल 2025 के पहले दिन एक बुजुर्ग महिला अपने ही घर में भीषण आग की चपेट में आकर जिंदा जल गईं। यह दर्दनाक हादसा हावड़ा के उत्तर ब्याटरा इलाके के रथतला में दोपहर के समय हुआ। पुलिस सूत्रों के अनुसार, 65 वर्षीय आभारानी पाल अपने घर में पूजा कर रही थीं, तभी अचानक दीपक पलट जाने से घर में आग लग गई।
घटना का विवरण
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आभारानी पाल अपने बेटे के साथ उत्तर ब्याटरा के रथतला इलाके में रहती थीं। गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे उनका बेटा किसी काम से घर से बाहर चला गया था। उस समय बुजुर्ग महिला घर में अकेली थीं। सूत्रों के मुताबिक, वह अपने घर में दीपक जलाकर पूजा कर रही थीं। पूजा के दौरान अचानक किसी कारणवश दीपक पलट गया और उससे घर में आग लग गई।
चूंकि घर की छत टीन और लकड़ी की बनी थी, इसलिए आग पलक झपकते ही पूरे घर में फैल गई। बुजुर्ग महिला आग की चपेट में आ गईं और बाहर निकलने में असमर्थ रहीं। पूरा घर कुछ ही मिनटों में आग की लपटों में घिर गया।
पड़ोसियों ने की मदद की कोशिश
जब घर से काला धुआं निकलते देख पड़ोसियों को इस हादसे की भनक लगी, तो वे दौड़कर पहुंचे। लोगों ने तुरंत बाल्टी-बाल्टी पानी लाकर आग बुझाने की कोशिश शुरू कर दी। पड़ोसियों ने घर के बाहर से ही पानी डालना शुरू किया, लेकिन तेजी से फैलती आग को काबू करना मुश्किल हो रहा था।
स्थानीय लोगों ने तुरंत दमकल विभाग को सूचित किया। दमकल की एक गाड़ी घटनास्थल पर पहुंची, लेकिन यहां भी एक बड़ी समस्या सामने आई। इलाके की संकरी गलियों की वजह से दमकल की गाड़ी घर तक नहीं पहुंच पाई।
दमकल की गाड़ी नहीं पहुंच पाई अंदर
दमकल विभाग के सामने सबसे बड़ी मुश्किल यह थी कि उत्तर ब्याटरा इलाके की गलियां बेहद संकरी हैं। दमकल का इंजन गली में घुस नहीं पाया। इतना ही नहीं, दमकल के पास पर्याप्त लंबाई का पाइप भी नहीं था, जिससे पानी घर तक पहुंचाया जा सके। इन सभी दिक्कतों की वजह से आग पर काबू पाने में काफी देरी हुई।
इस बीच, पड़ोसियों और दमकल कर्मियों ने मिलकर आग पर काबू पाने की भरसक कोशिश की। जब आग काबू में आई, तब तक पूरा घर जलकर राख हो चुका था। आग बुझने के बाद अंदर से बुजुर्ग महिला को बाहर निकाला गया, जिनके शरीर के अधिकांश हिस्से बुरी तरह जल चुके थे।
अस्पताल में हुई मौत की पुष्टि
आग से बुरी तरह झुलसी हुई आभारानी पाल को तुरंत हावड़ा जिला अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों ने उनकी जांच की और उन्हें मृत घोषित कर दिया। पोस्टमॉर्टम के लिए शव को अस्पताल की मॉर्चरी में रखा गया है।
इस घटना की सूचना पर ब्याटरा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की है।
इलाके में छाया शोक का माहौल
नए साल के पहले दिन हुई इस दर्दनाक घटना से पूरे इलाके में शोक का माहौल है। आभारानी पाल की मौत से परिवार और पड़ोसी सदमे में हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बुजुर्ग महिला बेहद सीधी-सादी थीं और रोज पूजा-पाठ किया करती थीं।
पड़ोसियों ने बताया कि उनका बेटा उनका पूरा ख्याल रखता था, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। कुछ देर के लिए घर से बाहर जाने की वजह से आज वह अपनी मां को हमेशा के लिए खो बैठा।
पुलिस जांच जारी
ब्याटरा थाना पुलिस ने इस मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दीपक कैसे पलटा और क्या इसमें किसी तरह की लापरवाही या दूसरा कोई कारण तो नहीं था।
पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ की है। शव के पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट आने के बाद मामले की पूरी तस्वीर साफ होगी।
सुरक्षा के उपायों की जरूरत
यह घटना एक बार फिर घरों में आग से सुरक्षा के उपायों की जरूरत को रेखांकित करती है। विशेषकर पुराने और टीन की छत वाले घरों में आग लगने का खतरा ज्यादा रहता है। दीपक या मोमबत्ती जलाते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
इसके अलावा, घनी आबादी वाले इलाकों में संकरी गलियों की समस्या भी गंभीर है। ऐसी जगहों पर आपातकालीन सेवाओं के लिए रास्ते बनाना जरूरी है ताकि समय पर मदद पहुंच सके।
यह घटना एक परिवार के लिए तो दुखद है ही, साथ ही समाज के लिए भी एक चेतावनी है कि हमें अपने घरों में आग से बचाव के उपाय जरूर करने चाहिए और बुजुर्गों को अकेला नहीं छोड़ना चाहिए।