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Kolkata Chhath Puja: कोलकाता में आस्था का सैलाब, हजारों श्रद्धालुओं ने सूर्य देव को अर्घ्य देकर मनाया छठ पर्व का समापन

Chhath Puja in Kolkata – हजारों श्रद्धालु संध्या और उषा अर्घ्य चढ़ाते हैं, कोलकाता में गूंजी आस्था की गूंज | Mamata Banerjee
Chhath Puja in Kolkata – हजारों श्रद्धालु संध्या और उषा अर्घ्य चढ़ाते हैं, कोलकाता में गूंजी आस्था की गूंज | Mamata Banerjee (Photo: PTI)
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आस्था और पर्यावरण का संगम: कोलकाता में छठ पूजा का भव्य आयोजन

कोलकाता की धरती पर सोमवार की शाम श्रद्धा और भक्ति का अनुपम संगम देखने को मिला, जब हजारों श्रद्धालुओं ने नदियों और जलाशयों के किनारे ‘संध्या अर्घ्य’ देकर सूर्य देव की उपासना की। चार दिवसीय छठ पर्व के इस तीसरे दिन का यह दृश्य पूरे शहर में आस्था और आध्यात्मिकता का प्रतीक बन गया।

मंगलवार की सुबह श्रद्धालु पुनः घाटों पर ‘उषा अर्घ्य’ देंगे, जिससे इस वर्ष का छठ महापर्व विधिवत संपन्न होगा। यह पर्व भारतीय संस्कृति में भक्ति, कृतज्ञता और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है।

Chhath Puja in Kolkata – हजारों श्रद्धालु संध्या और उषा अर्घ्य चढ़ाते हैं, कोलकाता में गूंजी आस्था की गूंज | Mamata Banerjee
Chhath Puja in Kolkata – हजारों श्रद्धालु संध्या और उषा अर्घ्य चढ़ाते हैं, कोलकाता में गूंजी आस्था की गूंज | Mamata Banerjee (Photo: PTI)

कोलकाता के 188 घाटों पर हुआ पूजा का आयोजन

कोलकाता नगर निगम (KMC) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस बार पूरे शहर में 188 घाटों पर श्रद्धालुओं ने सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित किया। इनमें से 149 घाटों का रखरखाव KMC द्वारा किया गया, जबकि 39 घाटों की देखरेख कोलकाता मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (KMDA) द्वारा की गई।

भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए छह अस्थायी घाटों का भी निर्माण किया गया। इन घाटों पर नगर निगम और पुलिस कर्मियों की विशेष तैनाती रही।


आस्था के प्रमुख केंद्र बने बाबूघाट और रानी रश्मोनी घाट

सूर्य अर्घ्य के दौरान बाबूघाट, रानी रश्मोनी घाट, दोई घाट, निमतला घाट और बागबाजार घाट पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। महिलाएं पीत वस्त्र पहनकर सिर पर पूजा की टोकरी लिए सूर्यदेव की आराधना में लीन थीं, जबकि पुरुष श्रद्धालु जल में खड़े होकर ‘सूर्य नमस्कार’ के साथ व्रतधारियों की सहायता कर रहे थे।

कई श्रद्धालु परिवार अपने बच्चों के साथ दूर-दराज से इस पर्व में शामिल होने पहुंचे थे।


प्रशासन की सख्ती: ट्रैफिक प्लान और पर्यावरण सुरक्षा के विशेष इंतज़ाम

कोलकाता पुलिस कमिश्नर मनोज कुमार वर्मा ने सोमवार को दोपहर 12 बजे से रात 10 बजे तक और मंगलवार को सुबह 3 बजे से 10 बजे तक कई मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया, ताकि श्रद्धालुओं को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।

वहीं, पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए KMDA ने रवींद्र सरोवर और सुभाष सरोवर झीलों के गेट 26 अक्टूबर सुबह 10 बजे से 28 अक्टूबर दोपहर 12 बजे तक बंद रखे। यह निर्णय राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के निर्देशों के तहत लिया गया ताकि झीलों के पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान न पहुंचे।


वायु गुणवत्ता संतोषजनक, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की निगरानी जारी

पश्चिम बंगाल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (WBPCB) के अधिकारियों ने बताया कि शाम के समय शहर की वायु गुणवत्ता ‘संतोषजनक’ और ‘मध्यम’ श्रेणी में रही।

  • विक्टोरिया क्षेत्र: AQI 153 (मॉडरेट)

  • जादवपुर: 168 (मॉडरेट)

  • बालीगंज: 100 (संतोषजनक)

  • फोर्ट विलियम: 89 (संतोषजनक)

  • बिधाननगर: 82 (संतोषजनक)

हालांकि, पर्यावरणविदों ने चेतावनी दी कि मंगलवार की सुबह ‘उषा अर्घ्य’ के समय ग्रीन क्रैकर के उल्लंघन के मामले सामने आ सकते हैं, जैसा कि पिछले वर्षों में हुआ था।


मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दी शुभकामनाएं

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी एक्स (X) पर पोस्ट कर छठ पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह पर्व भारत की एकता, समरसता और नारी शक्ति का प्रतीक है।


निष्कर्ष: कोलकाता में छठ पूजा बनी सामाजिक सद्भाव की मिसाल

छठ पूजा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भारतीय समाज की सामूहिक आस्था, अनुशासन और पर्यावरण चेतना का उदाहरण है। कोलकाता ने एक बार फिर यह साबित किया कि चाहे भाषा या राज्य कोई भी हो, भक्ति की भावना सभी को जोड़ती है।

इस वर्ष का छठ पर्व न केवल सूर्य देव की आराधना का अवसर बना, बल्कि यह भी दिखा गया कि आधुनिक महानगरों में भी परंपरा, प्रकृति और प्रबंधन का अद्भुत संतुलन संभव है।


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Aryan Ambastha

राष्ट्रभारत डॉट कॉम में लेखक एवं विचारक | वित्त और उभरती तकनीकों में गहरी रुचि | राजनीति एवं समसामयिक मुद्दों के विश्लेषक | कंटेंट क्रिएटर | नालंदा विश्वविद्यालय से स्नातक।

प्रौद्योगिकी, वित्त, राजनीति और समाज के आपसी संबंधों को समझने और व्याख्या करने का विशेष कौशल रखते हैं। जटिल विषयों को सरल, शोध-आधारित और संतुलित दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुँचाना इनकी पहचान है। संपर्क: aryan.ambastha@rashtrabharat.com