जरूर पढ़ें

Kolkata Politics: योगी सरकार के फैसले पर फिरहाद हाकिम का पलटवार, संविधान विरोधी बताया

Kolkata Mayor loudspeaker controversy politics West Bengal: योगी सरकार के फैसले पर फिरहाद हाकिम का पलटवार, बताया गैर-संवैधानिक
Kolkata Mayor loudspeaker controversy politics West Bengal: योगी सरकार के फैसले पर फिरहाद हाकिम का पलटवार, बताया गैर-संवैधानिक (File Photo)

Kolkata Mayor loudspeaker controversy politics West Bengal: कोलकाता के मेयर फिरहाद हाकिम ने योगी सरकार के लाउडस्पीकर फैसले को गैर-संवैधानिक बताया। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए इसे भेदभावपूर्ण करार दिया और डबल इंजन सरकारों में हो रहे अन्याय की आलोचना की।

Updated:

Kolkata Mayor loudspeaker controversy politics West Bengal: कोलकाता के मेयर फिरहाद हाकिम ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के ताजा फैसले पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने योगी सरकार के फैसले को गैर-संवैधानिक और भेदभावपूर्ण करार देते हुए कहा कि यह देश की सांप्रदायिक एकता को नुकसान पहुंचाने वाला कदम है। फिरहाद हाकिम ने अपने बयान में कहा कि योगी सरकार का यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ है और संविधान की मर्यादा को तोड़ने वाला है।

योगी सरकार के फैसले को बताया गलत

फिरहाद हाकिम ने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट ने साफ तौर पर निर्देश दिया है कि अजान के समय लाउडस्पीकर का इस्तेमाल किया जा सकता है, तो योगी सरकार संविधान से बाहर जाकर अपने फैसले ले रही है। उन्होंने कहा कि यह कदम पूरी तरह से गैर-कानूनी और भेदभावपूर्ण है। मेयर ने आरोप लगाया कि योगी सरकार जानबूझकर एक खास समुदाय को निशाना बना रही है और इससे देश में साम्प्रदायिक सद्भाव खतरे में पड़ सकता है।

भेदभाव का आरोप

फिरहाद हाकिम ने कहा कि योगी आदित्यनाथ की सरकार भेदभाव की नीति अपना रही है। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान सभी धर्मों और जातियों को बराबरी का हक देता है। हजारों सालों से भारत की परंपरा रही है कि यहां सभी धर्मों के लोग एक साथ मिलकर रहते हैं। लेकिन योगी सरकार इस व्यवस्था में जहर घोलने का काम कर रही है। मेयर ने कहा कि ऐसे फैसलों से समाज में नफरत फैलती है और देश की एकता को खतरा होता है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला

फिरहाद हाकिम ने अपने बयान में सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश का हवाला दिया जिसमें अजान के समय लाउडस्पीकर के इस्तेमाल की इजाजत दी गई है। उन्होंने कहा कि जब देश की सबसे बड़ी अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है, तो किसी राज्य सरकार को उसके खिलाफ जाने का कोई अधिकार नहीं है। योगी सरकार का यह कदम संविधान और न्यायपालिका दोनों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि ऐसे फैसलों से कानून और व्यवस्था का मजाक बनता है।

प्यार सबके लिए, नफरत किसी के लिए नहीं

मेयर फिरहाद हाकिम ने कहा कि हमारा नारा है ‘लव फॉर ऑल, हेट्रेड फॉर नन’ यानी सबके लिए प्यार और किसी के लिए नफरत नहीं। भारत एक लोकतांत्रिक देश है और यहां का हर नागरिक देश के किसी भी कोने में रह सकता है। यह उसका संवैधानिक अधिकार है। लेकिन डबल इंजन सरकार वाले राज्यों में जो कुछ हो रहा है, वह बिल्कुल गलत और अन्यायपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस तरह के फैसलों से लोगों के बीच दूरियां बढ़ती हैं और देश कमजोर होता है।

डबल इंजन सरकार पर निशाना

फिरहाद हाकिम ने डबल इंजन सरकार वाले राज्यों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में केंद्र और राज्य दोनों में एक ही पार्टी की सरकार है, वहां अन्याय और अत्याचार हो रहा है। लोगों के मौलिक अधिकारों को कुचला जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसी सरकारें लोकतंत्र के लिए खतरा हैं। मेयर ने आरोप लगाया कि इन सरकारों का मकसद सिर्फ एक खास विचारधारा को थोपना है, जो संविधान के खिलाफ है।

धार्मिक सद्भाव की बात

फिरहाद हाकिम ने कहा कि भारत हमेशा से ही धार्मिक सद्भाव का देश रहा है। यहां सभी धर्मों के लोग आपस में भाईचारे से रहते आए हैं। हजारों साल की यह परंपरा आज भी कायम है। लेकिन कुछ लोग और कुछ सरकारें इस परंपरा को तोड़ने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि हमें इन कोशिशों को नाकाम करना होगा। समाज में शांति और भाईचारा बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है।

राजनीतिक संदेश

Kolkata Mayor loudspeaker controversy politics West Bengal: मेयर फिरहाद हाकिम के इस बयान को राजनीतिक हलकों में एक मजबूत संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान सिर्फ योगी सरकार के खिलाफ नहीं, बल्कि उस पूरी विचारधारा के खिलाफ है जो धर्म के नाम पर राजनीति करती है। फिरहाद हाकिम ने साफ कर दिया है कि पश्चिम बंगाल में धर्मनिरपेक्षता और सांप्रदायिक सद्भाव की रक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी को भी धर्म के आधार पर बांटने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

फिरहाद हाकिम का यह बयान उस समय आया है जब उत्तर प्रदेश में लाउडस्पीकर को लेकर नए नियम बनाए गए हैं। योगी सरकार ने लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर कुछ प्रतिबंध लगाए हैं, जिसका विरोध कई राजनीतिक दलों और धार्मिक संगठनों ने किया है। फिरहाद हाकिम ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाते हुए संविधान और लोकतंत्र की रक्षा की बात कही है।

Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।

Asfi Shadab

असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है।

अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है।

वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं।

भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं।

मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) :
• क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज।
• राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग।
• खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग।
• ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना।
• जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना।

विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) :
तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।