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Kolkata Crime: शियालदह कोर्ट में अभया के पिता का सीबीआई पर बड़ा हमला, जांच एजेंसी को बताया अक्षम

Kolkata Crime: शियालदह कोर्ट में अभया के पिता का सीबीआई पर बड़ा हमला, जांच एजेंसी को बताया अक्षम
Kolkata Abhaya Case: शियालदह कोर्ट में पिता का सीबीआई पर गंभीर आरोप, जांच को बताया नाकाम (FB Photo)

Kolkata Abhaya Case: शियालदह कोर्ट के बाहर अभया के पिता ने सीबीआई पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जांच एजेंसी मामले को दबाने में लगी है। उन्होंने आईओ सीमा आहूजा पर भी आरोप लगाए और हाईकोर्ट तक जाने की बात कही।

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Asfi Shadab
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शियालदह कोर्ट के बाहर पिता का बड़ा बयान

Kolkata Abhaya Case: कोलकाता के शियालदह कोर्ट परिसर में अभया के पिता ने मीडिया से बात करते हुए सीबीआई पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने जांच एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सीबीआई शुरू से ही कह रही थी कि यह एक बड़ी साजिश का हिस्सा है, लेकिन अब वही एजेंसी इस मामले को दबाने में लगी हुई है। पीड़ित परिवार की पीड़ा और न्याय की तलाश में भटकना जारी है।

सीबीआई की जांच पर उठे सवाल

अभया के पिता ने आरोप लगाया कि सीबीआई यह तक पता नहीं लगा पाई कि उनकी बेटी की मौत कहां हुई। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी को यह भी नहीं पता कि शव कहां मिला था, जबकि परिवार के सदस्यों को इसकी जानकारी है। पिता ने कहा कि सीबीआई एक अक्षम जांच एजेंसी है और सरकार जो पैसा इस पर खर्च कर रही है, वह बेकार जा रहा है। उनका कहना था कि यह एजेंसी अपने दायित्वों को पूरा करने में विफल रही है।

आईओ सीमा आहूजा पर लगे गंभीर आरोप

इस केस की इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर सीमा आहूजा पर भी अभया के पिता ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सीमा आहूजा ने पहले भी हाथरस और उन्नाव जैसे मामलों में परिवारों को बर्बाद किया है। पिता ने आरोप लगाया कि इस अधिकारी को मामले को दबाने के निर्देश दिए गए थे और इसी काम के बदले में उन्हें प्रधानमंत्री से दो राष्ट्रपति पुरस्कार मिले हैं। उन्होंने कहा कि इसी तरह के कामों की वजह से अधिकारी एसपी से डीएसपी के पद तक पहुंचती हैं।

अदालत ने खारिज की सीबीआई की याचिका

पिता ने बताया कि सीबीआई ने कोर्ट में एक याचिका दायर की थी, जिसे आज अदालत ने खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि एजेंसी की सारी जानकारी को अदालत ने नकार दिया है। इससे साफ होता है कि जांच एजेंसी अपना काम सही तरीके से नहीं कर रही है। पिता ने कहा कि ऐसे काम करने पर ही अधिकारियों को पुरस्कृत किया जाता है, जबकि परिवार को न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ता है।

हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में जाने की तैयारी

पीड़ित पिता ने साफ किया कि वे हार नहीं मानेंगे। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट में सुनवाई होगी तो सारी सच्चाई सामने आ जाएगी। अगर जरूरत पड़ी तो वे सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे। उनका कहना था कि वे सीबीआई और खासकर सीमा आहूजा को नहीं छोड़ेंगे। शियालदह अदालत के बाहर खड़े होकर उन्होंने कहा कि वे सीमा आहूजा के खिलाफ केस दर्ज कराएंगे।

परिवार की पीड़ा और न्याय की लड़ाई

यह पूरा मामला एक पिता की उस पीड़ा को दर्शाता है जो न्याय पाने के लिए संघर्ष कर रहा है। एक तरफ जहां जांच एजेंसियां अपने काम में लापरवाही बरत रही हैं, वहीं पीड़ित परिवार को अदालत के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। अभया के पिता का यह बयान सिस्टम की खामियों को उजागर करता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है और बड़ी साजिश का हिस्सा बनकर सीबीआई ही सच्चाई छुपा रही है।

जनता का भरोसा और सवालों के घेरे

Kolkata Abhaya Case: इस तरह के बयान के बाद जांच एजेंसियों पर से जनता का भरोसा और कम होता जा रहा है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सही तरीके से काम नहीं करेगी तो आम लोगों को न्याय कैसे मिलेगा। सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर जमकर चर्चा हो रही है। लोग पीड़ित परिवार के साथ खड़े होकर न्याय की मांग कर रहे हैं।

आगे की कानूनी लड़ाई

अब यह देखना होगा कि हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान क्या होता है। अभया के पिता ने जो आरोप लगाए हैं, उन पर कोर्ट कैसे प्रतिक्रिया देता है, यह महत्वपूर्ण होगा। परिवार की यह लड़ाई केवल एक मामले की लड़ाई नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था में सुधार की मांग भी है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि वे तब तक नहीं रुकेंगे जब तक उन्हें पूरा न्याय नहीं मिल जाता। यह मामला यह भी दिखाता है कि कैसे सामान्य परिवारों को न्याय पाने के लिए कितनी मशक्कत करनी पड़ती है।

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असफ़ी शादाब राष्ट्र भारत में कंटेंट एडिटर और न्यूज़ राइटर हैं। वे क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं, खेल, राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय घटनाओं से संबंधित समाचारों का संपादन, तथ्य सत्यापन और प्रकाशन कार्य संभालते हैं। उनकी जिम्मेदारी विभिन्न राज्यों से प्राप्त समाचारों को आधिकारिक स्रोतों, उपलब्ध दस्तावेजों और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर व्यवस्थित एवं स्पष्ट रूप में पाठकों तक पहुंचाना है। राष्ट्र भारत में वे महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और अन्य राज्यों से प्राप्त समाचारों का संपादन करते हैं तथा उन्हें सरल, सटीक और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करने का कार्य करते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रकाशित सामग्री संपादकीय मानकों, तथ्यात्मक शुद्धता और विश्वसनीय स्रोतों के अनुरूप हो। मुख्य कार्यक्षेत्र (Core Responsibilities): क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं और समसामयिक समाचारों का संपादन। विभिन्न संवाददाताओं और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से प्राप्त सामग्री का तथ्य सत्यापन। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी दस्तावेजों एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचारों का संपादन। स्पष्ट, संतुलित और पाठक-अनुकूल भाषा में समाचार प्रस्तुत करना। राष्ट्र भारत की संपादकीय नीतियों और पत्रकारिता मानकों के अनुरूप सामग्री प्रकाशित करना। संपादकीय दृष्टिकोण (Editorial Approach): असफ़ी शादाब का उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, संतुलित और स्पष्ट समाचार पहुंचाना है। वे प्रकाशित होने वाली प्रत्येक सामग्री की भाषा, संदर्भ और उपलब्ध स्रोतों की समीक्षा करते हैं ताकि समाचार संपादकीय गुणवत्ता और विश्वसनीयता के मानकों पर खरा उतर सके।