कोलकाता की व्यस्त सड़कों पर हर दिन हजारों लोग बस से यात्रा करते हैं। लेकिन कभी-कभी इन भीड़ भरी बसों में चोरी की घटनाएं भी होती रहती हैं। हाल ही में कोलकाता के सीआर एवेन्यू इलाके में एक ऐसी ही चोरी की घटना सामने आई, जिसमें बिहार के कटिहार जिले से आए एक यात्री की पत्नी के बैग से सोने के गहने और नकदी चोरी हो गई थी। पुलिस की वॉच सेक्शन टीम ने तेजी से काम करते हुए इस मामले को सुलझा लिया और आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया।
चोरी की घटना कैसे हुई
22 जनवरी 2026 को शाम के समय करीब साढ़े पांच बजे से पौने छह बजे के बीच यह घटना घटी। संदीप कुमार नाम के एक व्यक्ति जो बिहार के कटिहार जिले के रहने वाले हैं, अपनी पत्नी के साथ कोलकाता में बस से यात्रा कर रहे थे। वे महाजाति सदन के सामने सीआर एवेन्यू से 161 सीआर एवेन्यू की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान भीड़ भरी बस में किसी अनजान बदमाश ने संदीप की पत्नी के बैग से उनका पर्स चुरा लिया। पर्स में काफी कीमती सामान था, जिसमें सोने के गहने, नकदी और जरूरी दस्तावेज शामिल थे।
पर्स में क्या-क्या था सामान
चोरी हुए पर्स में काफी कीमती सामान था। इसमें सोने की दो चूड़ियां, एक सोने की गले की चेन और एक सोने का कड़ा शामिल था। इन तीनों गहनों का कुल वजन करीब 53 ग्राम था, जिसकी कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है। इसके अलावा पर्स में 25 हजार रुपये नकद भी थे। साथ ही संदीप कुमार का आधार कार्ड और कुछ अन्य जरूरी दस्तावेज भी पर्स में थे। यह सभी चीजें चोर ने साफ-सुथरे तरीके से उठा लीं।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
चोरी की घटना के बाद पीड़ित परिवार ने तुरंत गिरीश पार्क थाने में शिकायत दर्ज कराई। थाने में केस नंबर 15 के रूप में 22 जनवरी 2026 को यह मामला दर्ज किया गया। मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 303 (2) के तहत दर्ज किया गया, जो चोरी से संबंधित है। पुलिस ने तुरंत मामले की जांच शुरू कर दी और अपने गुप्तचर तंत्र को सक्रिय कर दिया। वॉच सेक्शन की टीम को यह मामला सौंपा गया, जो ऐसे मामलों में विशेष रूप से प्रशिक्षित होती है।
जांच में जुटी पुलिस टीम
पुलिस की वॉच सेक्शन टीम ने तुरंत अपने सूत्रों से संपर्क करना शुरू कर दिया। टीम ने बस में चोरी करने वाले गिरोहों की जानकारी जुटाई। कोलकाता में ऐसे कई गिरोह सक्रिय हैं जो भीड़ भरी बसों, ट्रेनों और सार्वजनिक जगहों पर चोरी करते हैं। पुलिस ने अपने पुराने रिकॉर्ड खंगाले और ऐसे लोगों की सूची बनाई जो इस तरह की चोरी में शामिल रहे हैं। कई दिनों की मेहनत के बाद आखिरकार पुलिस को एक ठोस सुराग मिला।
महिला आरोपी की गिरफ्तारी
30 जनवरी 2026 को वॉच सेक्शन की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई की। पुलिस को सूचना मिली कि पिंकी रॉय नाम की एक 26 साल की महिला इस चोरी में शामिल है। पिंकी रॉय पश्चिम बर्धमान जिले के आसनसोल इलाके की रहने वाली है। उसके पति का नाम आकाश रॉय है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पिंकी को हिरासत में लेकर उससे विस्तार से पूछताछ की गई। शुरुआत में उसने सब कुछ छुपाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस के पास पक्के सबूत थे।
पूरा सामान हुआ बरामद
पुलिस ने जब पिंकी से गहन पूछताछ की, तो उसने आखिरकार सच स्वीकार कर लिया। उसके बयान के आधार पर पुलिस ने चोरी का पूरा सामान बरामद कर लिया। पुलिस को सोने की दो चूड़ियां, एक सोने की गले की चेन और एक सोने का कड़ा मिला, जिनका कुल वजन 53 ग्राम था। इसके अलावा 25 हजार रुपये नकद भी बरामद हुए। संदीप कुमार के नाम का आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज भी पुलिस को मिल गए। पुलिस ने सभी सामान को जब्त कर लिया और केस की संपत्ति के रूप में दर्ज किया।
आगे की कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है। वे यह पता लगा रहे हैं कि पिंकी रॉय अकेले काम कर रही थी या कोई और भी उसके साथ शामिल था। अक्सर ऐसे मामलों में पूरा गिरोह काम करता है। एक व्यक्ति चोरी करता है, दूसरा निगरानी रखता है और तीसरा माल को छुपाने या बेचने का काम करता है। पुलिस इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है। आरोपी महिला पिंकी रॉय को 5 फरवरी 2026 को अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस उससे रिमांड पर पूछताछ करेगी ताकि पूरे गिरोह का खुलासा हो सके।
सार्वजनिक परिवहन में सावधानी जरूरी
यह घटना हमें यह सिखाती है कि सार्वजनिक परिवहन में यात्रा करते समय हमें बहुत सावधान रहना चाहिए। खासकर भीड़ भरी बसों और ट्रेनों में अपने बैग और सामान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। कीमती सामान और गहने हमेशा सुरक्षित तरीके से रखने चाहिए। बड़ी रकम नकद ले जाने से बचना चाहिए। अगर जरूरी हो तो डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल करना बेहतर ��ोता है।
पुलिस की सराहनीय कार्रवाई
इस मामले में कोलकाता पुलिस की वॉच सेक्शन टीम ने बहुत ही सराहनीय काम किया। केवल आठ दिनों में पूरे मामले को सुलझा लिया गया। यह पुलिस की कुशलता और मेहनत को दर्शाता है। पुलिस ने अपने सूत्रों का सही इस्तेमाल किया और सही समय पर कार्रवाई की। इससे पीड़ित परिवार को उनका पूरा सामान वापस मिल गया। ऐसी तेज और प्रभावी कार्रवाई से आम लोगों का पुलिस पर भरोसा बढ़ता है।