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कोलकाता: चोरी की दो बड़ी वारदातों का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार, लाखों के गहने बरामद

कोलकाता: चोरी की दो बड़ी वारदातों का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार, लाखों के गहने बरामद
कोलकाता: चोरी की दो बड़ी वारदातों का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार

अशोकनगर थाना पुलिस ने जून और दिसंबर में हुई दो चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों से करीब 8 लाख रुपये के सोने-चांदी के गहने बरामद किए हैं। मामले में आगे की जांच जारी है।

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Dipali Kumari
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Kolkata Crime News: कोलकाता के अशोक नगर इलाके में पिछले कई महीनों से चोरी की घटनाओं को लेकर लोगों के मन में डर और असुरक्षा का माहौल बना हुआ था। घरों में सेंधमारी और कीमती गहनों की चोरी ने आम लोगों की नींद उड़ा दी थी। अब अशोकनगर थाना पुलिस ने राहत की खबर दी है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर दो अलग-अलग चोरी की घटनाओं का सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है।

अशोकनगर में चोरी की घटनाओं का पूरा मामला

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम शेख राजिब, वाजेद अली मोल्ला और शहजाहान अली मंडल हैं। तीनों आरोपी अशोकनगर इलाके के ही निवासी हैं। इनकी गिरफ्तारी इस महीने की 1 तारीख को की गई थी, जिसके बाद उन्हें बारासात अदालत में पेश किया गया।

अदालत से सात दिन की पुलिस हिरासत मिलने के बाद आरोपियों से कड़ी पूछताछ की गई। इसी पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए।

जून और दिसंबर की चोरी का खुला राज

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पिछले साल जून और दिसंबर महीने में अशोकनगर में हुई दो अलग-अलग चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया था। दोनों मामलों में चोरों ने सुनियोजित तरीके से घरों को निशाना बनाया और लाखों रुपये के सोने-चांदी के गहने चुरा लिए थे।

उस वक्त पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि आरोपियों ने कोई ठोस सुराग नहीं छोड़ा था। बावजूद इसके, लगातार निगरानी और तकनीकी जांच के जरिए पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।

पूछताछ में उगले राज, लाखों के गहने बरामद

पुलिस हिरासत के दौरान जब आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की गई, तो उन्होंने चोरी की दोनों घटनाओं में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने करीब 8 लाख रुपये से अधिक कीमत के सोने और चांदी के गहने बरामद किए हैं।

बरामद गहनों में हार, अंगूठी, कंगन और अन्य कीमती आभूषण शामिल हैं, जिन्हें चोरी के बाद अलग-अलग जगहों पर छिपाकर रखा गया था।

दूसरी बार पुलिस हिरासत में भेजे गए आरोपी

शनिवार को पुलिस हिरासत की अवधि पूरी होने के बाद तीनों आरोपियों को फिर से बारासात अदालत में पेश किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने दूसरी बार भी पुलिस हिरासत मंजूर कर ली है।

पुलिस का कहना है कि आगे की पूछताछ में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या इन आरोपियों का संबंध किसी बड़े चोरी गिरोह से है या उन्होंने और भी वारदातों को अंजाम दिया है।

एसपी ने दी पूरी जानकारी

शनिवार रात इस मामले को लेकर बारासात पुलिस जिले के पुलिस अधीक्षक प्रियब्रत राय ने पत्रकारों को जानकारी दी। उनके साथ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दुर्बार बंद्योपाध्याय और हाबड़ा के एसडीपीओ सुबीर कुमार बाग भी मौजूद थे।

एसपी ने बताया कि पुलिस की प्राथमिकता इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और चोरी की घटनाओं पर पूरी तरह लगाम लगाना है।

स्थानीय लोगों ने ली राहत की सांस

चोरी के मामलों का खुलासा होने के बाद अशोकनगर के स्थानीय निवासियों ने राहत की सांस ली है। लोगों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों से वे डर के साये में जी रहे थे। अब आरोपियों की गिरफ्तारी से उन्हें सुरक्षा का भरोसा मिला है।

स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना करते हुए उम्मीद जताई है कि आगे भी इस तरह की सक्रियता बनी रहेगी।

पुलिस की अपील: सतर्क रहें, सहयोग करें

पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे अपने घरों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। पुलिस का कहना है कि जनता के सहयोग से ही अपराध पर पूरी तरह नियंत्रण पाया जा सकता है।

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।