साइबर क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई
Kolkata Cyber Crime Gang Busted | 6 Arrested in ₹19 Lakh Fraud Case: कोलकाता की साइबर क्राइम ब्रांच ने एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने अलग-अलग छापेमारी में कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया है। यह मामला सर्वे पार्क थाने में दर्ज केस संख्या 19/26 से जुड़ा है, जिसमें एक व्यक्ति से 19 लाख 51 हजार रुपये की ठगी की गई थी। पीड़ित के मोबाइल में खतरनाक एपीके फाइल डालकर यह रकम निकाली गई थी।

पहली छापेमारी में चार गिरफ्तार
साइबर क्राइम ब्रांच ने सबसे पहले सोदेपुर इलाके में छापेमारी की। यह इलाका बारकपुर पुलिस कमिश्नरेट के अधीन आता है। देर रात और सुबह की कार्रवाई में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें 21 साल का अरिंदम दास उर्फ बिट्टू, 23 साल का सौविक बेपारी, 21 साल का सयन राजबंशी और 27 साल का अर्पण दास शामिल हैं।
पुलिस की जांच में पता चला कि ये लोग साइबर ठगों को बैंक खाते की जानकारी और सिम कार्ड जुटाकर देने का काम करते थे। इनके पास से चार मोबाइल फोन, बैंक के कागजात, दस एक्टिव सिम कार्ड और दूसरे सबूत बरामद किए गए। इन सभी आरोपियों को अलीपुर की अदालत में पेश किया गया।
डिजिटल सबूतों से मिली सफलता
साइबर क्राइम ब्रांच ने डिजिटल सबूतों और पैसों के लेन-देन का गहराई से विश्लेषण किया। इससे पूरे गिरोह की पहचान करने में मदद मिली। पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ के बाद नए सुराग मिले। इसके आधार पर एंटली थाने की सीमा में एक और छापेमारी की गई।

दूसरी छापेमारी में दो और गिरफ्तार
पहले गिरफ्तार आरोपियों के बयान और डिजिटल सबूतों के आधार पर 24 फरवरी को एंटली इलाके में एक फ्लैट पर छापा मारा गया। शाम करीब साढ़े चार बजे दो और लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें 33 साल का दिलदार अंसारी और 21 साल का अनीश सरकार शामिल हैं। दिलदार का असली पता झारखंड के मार्गो मुंडा इलाके का है, जबकि अनीश सरकार सोदेपुर का रहने वाला है।

भारी मात्रा में जब्त किया गया सामान
पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से काफी सामान जब्त किया है। इसमें 12 मोबाइल फोन, सोने के रंग की एक चेन, सोने के कान के टॉप्स और झुमके, तीन एटीएम कार्ड, चार चेक बुक, रेडो और गेस कंपनी की घड़ियां शामिल हैं। इसके अलावा टाटा हैरियर कार और उसके कागजात भी बरामद किए गए। सबसे अहम बात यह है कि इनके पास से 8 लाख रुपये नकद भी मिले हैं।

गिरोह का काम करने का तरीका
जांच में पता चला कि अनीश सरकार लोगों से बैंक खाते की जानकारी और उस खाते से जुड़े मोबाइल नंबर जुटाता था। इसके बाद वह यह सब दिलदार अंसारी को सौंप देता था। इस काम के बदले उसे मोटी रकम मिलती थी। दिलदार अंसारी झारखंड में सक्रिय एक साइबर ठगी गिरोह का सदस्य है। वह इन बैंक खातों को कई मोबाइल फोन के जरिए चलाता था और लोगों से ठगे गए पैसे निकाल लेता था।
ठगे गए पैसों का इस्तेमाल
जांच से पता चला कि कभी ठगे गए पैसे सीधे नकद निकाल लिए जाते थे। कभी इन पैसों से सोना और दूसरी कीमती चीजें खरीदी जाती थीं। इससे पता चलता है कि यह गिरोह बहुत सोच-समझकर काम करता था। पैसों को अलग-अलग तरीके से इस्तेमाल करके वे पुलिस की पकड़ से बचने की कोशिश करते थे।
झारखंड तक फैला है नेटवर्क
Kolkata Cyber Crime Gang Busted | 6 Arrested in ₹19 Lakh Fraud Case: दिलदार अंसारी के गिरफ्तार होने से पता चला कि यह गिरोह सिर्फ पश्चिम बंगाल तक ही सीमित नहीं है। इसके तार झारखंड तक जाते हैं। पुलिस को शक है कि इस गिरोह में और भी कई लोग शामिल हो सकते हैं। इसलिए आगे की जांच जारी है।
अभी जांच जारी
पुलिस ने बताया कि पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है। अधिकारी इस गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश कर रहे हैं। कोलकाता के अलग-अलग इलाकों में छापेमारी की जा रही है। पुलिस का मानना है कि इस गिरोह का नेटवर्क बड़ा हो सकता है और इसमें कई और लोग शामिल हो सकते हैं। सभी गिरफ्तार आरोपियों से विस्तार से पूछताछ की जा रही है ताकि पूरे षड्यंत्र का पता लगाया जा सके।