Kolkata Police Pink Booth: महिला सुरक्षा के लिए कोलकाता पुलिस ने शुरू किए पिंक बूथ और शाइनिंग मोबाइल

Kolkata Police Launches Pink Booth & Shaining Mobile for Women Safety: कोलकाता पुलिस ने महिला सुरक्षा के लिए पिंक बूथ और शाइनिंग मोबाइल पेट्रोलिंग शुरू की। शहर में पांच जगहों पर लगे इन बूथों में महिला अधिकारी शाम पांच से रात 11 बजे तक रहेंगी। सीसीटीवी, फर्स्ट एड और जरूरी जानकारी की सुविधा उपलब्ध है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शाइनिंग मोबाइल का नाम दिया।
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कोलकाता पुलिस की महिला सुरक्षा पहल
Kolkata Police Launches Pink Booth & Shaining Mobile for Women Safety: शहर की महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कोलकाता पुलिस ने एक विशेष पहल की है। शहर की महिलाओं की सुरक्षा और उनकी रक्षा कोलकाता पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता में आती है, यह हमने पहले भी कहा है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए आज दो विशेष पहल की गई हैं।
पिंक बूथ की शुरुआत
महिलाएं सुरक्षित रूप से सड़क पर आ-जा सकें, ऑफिस से लौटने वाली महिला यात्री सुरक्षित रूप से घर पहुंच सकें और उनकी कोई शिकायत हो तो वे बता सकें, इसी के लिए आज से कोलकाता पुलिस की ओर से पिंक बूथ शुरू किया गया है।
शहर कोलकाता के पांच स्थानों पर ये पिंक बूथ होंगे – श्यामबाज़ार पांच मोड़, उल्टोडांगा के हाडको मोड़ पर, कांकुड़गाछी और गड़ियाहाट मोड़, बेहाला चौरास्ते पर। आने वाले दिनों में हम इस संख्या को बढ़ाएंगे। इस पिंक बूथ में महिला अधिकारी और महिला कर्मचारी होंगी।
फिलहाल जितना तय हुआ है, शाम को या दोपहर में पांच बजे से रात 11 बजे तक वे तैनात रहेंगी, ताकि रास्ते में चलते-चलते ऑफिस से लौटने वाली महिलाएं किसी भी समस्या में, किसी असुविधा में पड़ें तो वे जरूरी मदद के लिए इन पिंक बूथों से संपर्क कर सकें।
पिंक बूथ में उपलब्ध सुविधाएं
इन पिंक बूथों में क्षेत्र के सभी सीसीटीवी की फीड है। वायरलेस है, टेलीफोन है, फर्स्ट एड बॉक्स है और महिला कर्मचारियों के लिए चेंजिंग रूम और वॉशरूम भी है। और सभी जरूरी संबंधित जानकारी – इस क्षेत्र में पास में अस्पताल कहां है, थाने का नंबर क्या है, बस रूट क्या है, मेट्रो स्टेशन कहां है या कोई भी अन्य संबंधित जानकारी वे यहां पा सकेंगी। वह स्वागत उन्हें मिलेगा।
पूरी तरह से महिलाओं द्वारा संचालित एक बूथ होने से वे और भी बिना किसी संकोच के, बेझिझक अपनी समस्याओं के बारे में बता सकेंगी।
दूसरी बात जो आपने देखी, पांच गाड़ियां – इन्हें हम शाइनिंग मोबाइल कह रहे हैं। यह है ऑल विमेन पैट्रोलिंग स्क्वाड। हमारी विनर्स हैं जो मोटरसाइकिल पर घूमती हैं, आप जानते हैं विशेष रूप से प्रशिक्षित महिलाएं – एक पैट्रोलिंग दल। उसी तरह यह है ऑल विमेन पैट्रोलिंग स्क्वाड।
इन गाड़ियों का नाम शाइनिंग है। यह शाइनिंग नामकरण हमारे राज्य की माननीय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्वयं किया है। विनर्स नाम भी उन्हीं का दिया हुआ था। शाइनिंग नाम भी उन्हीं ने दिया है। इस नामकरण के लिए माननीय मुख्यमंत्री का कोलकाता पुलिस अत्यंत आभारी है।
फिलहाल जो तय हुआ है, सामान्यतः ये गाड़ियां, शाइनिंग मोबाइल कोलकाता के विभिन्न स्थानों पर ईस्टर्न मेट्रोपॉलिटन बाईपास और शहर के अन्य महत्वपूर्ण कई रास्तों पर जिनका इस्तेमाल आमतौर पर महिलाएं ऑफिस से लौटते समय करती हैं, शाम से रात तक वहां गश्त लगाएंगी – रात आठ बजे से दो बजे तक।
रात आठ बजे से दो बजे तक यह कोई तय समय नहीं है। परिस्थिति के अनुसार दिन का समय बदल भी सकता है, लेकिन सामान्यतः आठ बजे से दो बजे तक ये गाड़ियां चलेंगी। लगातार पैट्रोलिंग होगी। इसे कंट्रोल रूम से मॉनिटर किया जाएगा। महिला पुलिसकर्मी और अधिकारी ही इसमें होंगी।
हमें लग रहा है रात के समय जब महिलाएं ऑफिस से लौट रही हैं, थोड़ी देर रात हो गई है, तब अगर वे देखें कि वर्दीधारी महिलाएं ही पैट्रोलिंग कर रही हैं, विशेष सहायता कर रही हैं, तो वे और अधिक सुरक्षित महसूस करेंगी।
हमारा जो लक्ष्य है – कोलकाता शहर की प्रत्येक महिला, प्रत्येक नारी सिर्फ सुरक्षित न रहे, बल्कि सुरक्षित महसूस करे। सिर्फ संरक्षित न रहे, संरक्षित महसूस करे – यह सुनिश्चित करना। उसी लक्ष्य की ओर हम बढ़ रहे हैं।
पायलट प्रोजेक्ट और भविष्य की योजना
अंतिम बात कह रहा हूं – पायलट प्रोजेक्ट के रूप में पांच से शुरुआत कर रहे हैं – पांच पिंक बूथ और पांच पायलट शाइनिंग मोबाइल व्हीकल। लेकिन इस संख्या को हम बहुत जल्द ही और बढ़ाएंगे ताकि पूरे शहर में इसका विस्तार फैल जाए। सर, अंतिम सूची आज प्रकाशित हो रही है ,उचित व्यवस्था है हमारे पास। इस पर नजर रखी है।
रिपोर्ट: एकबाल, पश्चिम बंगाल

