Seven arrested near Quest Mall Kolkata: कोलकाता के पार्क सर्कस क्षेत्र में गुरुवार दोपहर चलाए गए अपराध निरोधी अभियान के दौरान पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी। महानगर की गुप्तचर शाखा के वॉच सेक्शन द्वारा नियमित गश्त के दौरान सात व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई सैयद अमीर अली एवेन्यू स्थित क्वेस्ट मॉल के निकट की गई, जो कि बड़ाबाजार थाना के प्रकरण संख्या 13, दिनांक 21 जनवरी 2026 से संबंधित बताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार, उक्त प्रकरण भारतीय न्याय संहिता की धारा 305 (सी) के अंतर्गत दर्ज है। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों के पास से पाँच मोबाइल दूरभाष यंत्र भी बरामद किए गए हैं, जिन्हें कथित रूप से आपराधिक गतिविधियों से जोड़कर देखा जा रहा है।

अपराध निरोधी गश्त के दौरान कार्रवाई
गुरुवार, 12 फरवरी 2026 को दोपहर के समय वॉच सेक्शन की टीम पार्क सर्कस क्षेत्र में नियमित अपराध निरोधी गश्त पर थी। इसी दौरान संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर कुछ व्यक्तियों को रोका गया। प्रारंभिक पूछताछ और तलाशी में उनके पास से पाँच मोबाइल यंत्र बरामद हुए।
जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि ये सभी व्यक्ति बड़ाबाजार थाना में दर्ज एक मामले से संबंधित हो सकते हैं। इसके पश्चात विधिवत कार्रवाई करते हुए सभी सातों को हिरासत में ले लिया गया।

गिरफ्तार अभियुक्तों का संक्षिप्त विवरण
पुलिस द्वारा उपलब्ध जानकारी के अनुसार गिरफ्तार व्यक्तियों में स्क. दिलबर उर्फ छोटू (38), अंतर दास उर्फ अवि (29), सुकर अली स्क उर्फ भगना (30), मंजूर आलम लस्कर (32), दीप पांजा (26), सिद्दीक स्क (29) तथा अंशु श्रीवास्तव (21) शामिल हैं।
इनमें से कुछ आरोपी कोलकाता के तिलजला और आनंदपुर क्षेत्र से हैं, जबकि अन्य हावड़ा तथा दक्षिण 24 परगना जिले के निवासी बताए गए हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि कथित गिरोह का नेटवर्क महानगर के बाहर तक फैला हो सकता है।
बड़ाबाजार थाना कांड से संबंध
सूत्रों के अनुसार यह गिरफ्तारी बड़ाबाजार थाना में दर्ज एक मामले की कड़ी में की गई है। हालांकि पुलिस ने अभी तक विस्तृत आरोपों का सार्वजनिक खुलासा नहीं किया है, किंतु धारा 305 (सी) के अंतर्गत दर्ज प्रकरण गंभीर प्रकृति का माना जा रहा है।
मेरे व्यक्तिगत आकलन में, कोलकाता जैसे व्यस्त और व्यावसायिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र में इस प्रकार की सक्रिय निगरानी अत्यंत आवश्यक है। बड़ाबाजार और पार्क सर्कस जैसे इलाके न केवल व्यापारिक गतिविधियों के केंद्र हैं, बल्कि जनसंख्या घनत्व भी अत्यधिक है। ऐसे में अपराध निरोधी गश्त की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
मोबाइल यंत्रों की बरामदगी का महत्व
गिरफ्तार व्यक्तियों के पास से पाँच मोबाइल दूरभाष यंत्रों की बरामदगी जांच की दिशा को प्रभावित कर सकती है। आधुनिक समय में संचार माध्यम अपराध की योजना और क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में इन यंत्रों के कॉल विवरण, संदेश और अन्य डिजिटल साक्ष्य मामले की तह तक पहुँचने में सहायक सिद्ध हो सकते हैं।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि जब्त किए गए मोबाइल यंत्रों की तकनीकी जांच कराई जाएगी। यदि इनमें आपराधिक गतिविधियों से जुड़े प्रमाण मिलते हैं, तो यह अभियोजन पक्ष के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य बन सकते हैं।
न्यायालय में पेशी और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने जानकारी दी है कि सभी गिरफ्तार अभियुक्तों को शुक्रवार, 13 फरवरी 2026 को माननीय अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, कलकत्ता की अदालत में प्रस्तुत किया जाएगा। पुलिस रिमांड की मांग कर सकती है, ताकि पूछताछ के माध्यम से मामले के अन्य पहलुओं का खुलासा किया जा सके।
ऐसे मामलों में प्रारंभिक गिरफ्तारी केवल जांच की शुरुआत होती है। वास्तविक तस्वीर तब स्पष्ट होती है जब डिजिटल साक्ष्य, गवाहों के बयान और अन्य प्रमाण एकत्र किए जाते हैं।
महानगर में सतर्कता की आवश्यकता
कोलकाता महानगर निरंतर विस्तार और व्यस्तता के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्क गश्त और खुफिया निगरानी अनिवार्य हो जाती है। पार्क सर्कस में हुई यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि पुलिस तंत्र सक्रिय रूप से निगरानी कर रहा है।
मेरे विचार में, केवल गिरफ्तारी ही पर्याप्त नहीं है; आवश्यक है कि मामलों का त्वरित और निष्पक्ष परीक्षण भी हो, जिससे समाज में कानून के प्रति विश्वास सुदृढ़ बना रहे।
पार्क सर्कस क्षेत्र में सात अभियुक्तों की गिरफ्तारी कोलकाता पुलिस की सतर्कता का उदाहरण है। बड़ाबाजार थाना से जुड़े मामले में यह कार्रवाई जांच की दिशा तय कर सकती है। अब निगाहें न्यायालय की आगामी कार्यवाही और पुलिस की आगे की जांच पर टिकी हैं।