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West Bnegal News: ग्राम पंचायत में सुलह बैठक के दौरान खूनी संघर्ष, पांच घायल | Video

Haroa Panchayat Meeting Turns Violent: ग्राम पंचायत में सुलह बैठक के दौरान खूनी संघर्ष, पांच घायल

Haroah panchayat violence West Bengal: पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के हाड़ोया इलाके में ग्राम पंचायत में सुलह बैठक हिंसक हो गई। कालिकापुर गांव में दूसरी शादी के विवाद को सुलझाने के लिए बुलाई गई बैठक में दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हुआ। घटना में पांच लोग घायल हो गए। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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Asfi Shadab
Asfi Shadab
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Haroah Panchayat Meeting Turns Violent: पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के हाड़ोया इलाके में एक सुलह बैठक हिंसा में बदल गई। कालिकापुर गांव में ग्राम पंचायत सभा घर में दो परिवारों के बीच विवाद सुलझाने के लिए बुलाई गई बैठक खूनी संघर्ष में तब्दील हो गई। दूसरी शादी को लेकर चल रहे पारिवारिक विवाद को सुलझाने की कोशिश उल्टी पड़ गई और दोनों पक्षों के पांच लोग घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।

दूसरी शादी से शुरू हुआ विवाद

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कालिकापुर गांव के निवासी आसादुल काजी की शादी करीब आठ साल पहले उसी इलाके की रिम्पा बीबी से हुई थी। दोनों के बीच वैवाहिक जीवन सामान्य रूप से चल रहा था। लेकिन कुछ समय बाद आसादुल ने दूसरी शादी कर ली। इस फैसले से परिवार में अशांति शुरू हो गई। रिम्पा बीबी और उसके परिवार वालों ने इस दूसरी शादी का विरोध किया। धीरे-धीरे यह मामला पारिवारिक विवाद में बदल गया और दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ता गया।

कई बार हुई सुलह की कोशिश

परिवार के सदस्यों ने बताया कि दूसरी शादी को लेकर दोनों परिवारों के बीच कई दिनों से अशांति चल रही थी। इस मामले को सुलझाने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने कई बार पहल की। गांव के बुजुर्गों और पंचायत सदस्यों ने बीच-बचाव की कोशिश की। लेकिन हर बार कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया। आखिरकार हाड़ोया ग्राम पंचायत के सभा घर में अंतिम बार सुलह बैठक बुलाने का फैसला किया गया। उद्देश्य था कि दोनों पक्षों को बैठाकर समस्या का स्थायी हल निकाला जाए।

बैठक में बदल गया माहौल

ग्राम पंचायत सभा घर में जब बैठक शुरू हुई, तो शुरुआत में माहौल सामान्य था। दोनों पक्ष अपनी-अपनी बात रख रहे थे। लेकिन बातचीत के दौरान ही स्थिति बिगड़ने लगी। आरोप है कि बैठक के दौरान पहले शाब्दिक बहस शुरू हुई। एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगने लगे। बातें तीखी होती गईं और देखते ही देखते स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि सभा घर में ही धक्का-मुक्की शुरू हो गई। दोनों पक्षों के सदस्य एक-दूसरे पर झपट पड़े।

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हाथापाई में घायल हुए पांच लोग

सूत्रों के मुताबिक, बैठक में मौजूद लोगों के बीच जमकर हाथापाई हुई। कुछ लोगों ने लाठी-डंडों से भी मारपीट की। इस हिंसक झड़प में दोनों पक्षों के कुल पांच लोग घायल हो गए। घायलों में महिलाएं भी शामिल हैं। सभा घर में हंगामा मच गया। आसपास के लोग घटनास्थल पर जमा हो गए।

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घर में भी हुई तोड़फोड़ का आरोप

एक पक्ष का आरोप है कि सभा घर से वापस जाने के बाद विरोधी पक्ष के लोग उनके घर पहुंच गए। वहां उन्होंने घर में तोड़फोड़ की। घरेलू सामान को नुकसान पहुंचाया गया। परिवार के सदस्यों को धमकी भी दी गई। हालांकि दूसरे पक्ष ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि उन्होंने किसी के घर में तोड़फोड़ नहीं की।

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पुलिस जांच में जुटी

Haroah Panchayat Meeting Turns Violent: घटना की सूचना मिलते ही हाड़ोया थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों से पूछताछ की। घायलों को इलाज के लिए भेजा गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वे घटना की गहराई से जांच कर रहे हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि किस तरह से सुलह बैठक हिंसक हो गई। दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।

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स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

घटना के बाद इलाके के लोग सकते में हैं। सबीना खातून ने कहा कि सुलह के लिए बुलाई गई बैठक में इतनी हिंसा होना दुखद है। जान्नातुल फिरदौसी ने बताया कि दोनों परिवारों के बीच पहले भी तनाव था, लेकिन किसी ने सोचा नहीं था कि मामला इतना बिगड़ जाएगा। मोफज्जल काजी और जमाल काजी ने कहा कि पुलिस को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। स्थानीय लोगों की मांग है कि शांति बनाए रखने के लिए पुलिस को सतर्क रहना चाहिए।

पंचायत स्तर पर होने वाली सुलह बैठकें आमतौर पर विवादों को सुलझाने का माध्यम होती हैं। लेकिन कभी-कभी ये बैठकें उल्टा असर डाल देती हैं। कालिकापुर में हुई घटना इसका ताजा उदाहरण है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या सामने आता है और क्या दोनों परिवारों के बीच शांति बहाल हो पाती है।

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Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब राष्ट्र भारत में कंटेंट एडिटर और न्यूज़ राइटर हैं। वे क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं, खेल, राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय घटनाओं से संबंधित समाचारों का संपादन, तथ्य सत्यापन और प्रकाशन कार्य संभालते हैं। उनकी जिम्मेदारी विभिन्न राज्यों से प्राप्त समाचारों को आधिकारिक स्रोतों, उपलब्ध दस्तावेजों और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर व्यवस्थित एवं स्पष्ट रूप में पाठकों तक पहुंचाना है। राष्ट्र भारत में वे महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और अन्य राज्यों से प्राप्त समाचारों का संपादन करते हैं तथा उन्हें सरल, सटीक और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करने का कार्य करते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रकाशित सामग्री संपादकीय मानकों, तथ्यात्मक शुद्धता और विश्वसनीय स्रोतों के अनुरूप हो। मुख्य कार्यक्षेत्र (Core Responsibilities): क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं और समसामयिक समाचारों का संपादन। विभिन्न संवाददाताओं और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से प्राप्त सामग्री का तथ्य सत्यापन। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी दस्तावेजों एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचारों का संपादन। स्पष्ट, संतुलित और पाठक-अनुकूल भाषा में समाचार प्रस्तुत करना। राष्ट्र भारत की संपादकीय नीतियों और पत्रकारिता मानकों के अनुरूप सामग्री प्रकाशित करना। संपादकीय दृष्टिकोण (Editorial Approach): असफ़ी शादाब का उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, संतुलित और स्पष्ट समाचार पहुंचाना है। वे प्रकाशित होने वाली प्रत्येक सामग्री की भाषा, संदर्भ और उपलब्ध स्रोतों की समीक्षा करते हैं ताकि समाचार संपादकीय गुणवत्ता और विश्वसनीयता के मानकों पर खरा उतर सके।