पश्चिम बंगाल में एक बार फिर राजनीतिक हिंसा की घटना सामने आई है। उत्तर 24 परगना जिले के गोपालनगर थाना क्षेत्र के बेलडांगा इलाके में बीजेपी विधायक अशोक कीर्तनिया के परिवार पर हमला हुआ है। यह घटना तब हुई जब विधायक का परिवार एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद वापस लौट रहा था। हमलावरों ने उनकी गाड़ी को निशाना बनाया और जमकर तोड़फोड़ की। इस घटना में बंगांव दक्षिण के बीजेपी विधायक स्वपन मजूमदार की सास भी मौजूद थीं। विधायक अशोक कीर्तनिया ने तृणमूल कांग्रेस के गुंडों पर अपने परिवार को जान से मारने की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है।
बंगाल में बढ़ती राजनीतिक हिंसा
पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा कोई नई बात नहीं है। पिछले कुछ सालों में राज्य में विपक्षी दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर हमलों की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं। खासकर बीजेपी नेताओं को निशाना बनाया जाता रहा है। इस बार बंगांव उत्तर के विधायक अशोक कीर्तनिया के परिवार को निशाना बनाया गया। विधायक का कहना है कि यह हमला सुनियोजित तरीके से किया गया था और इसका मकसद उनके परिवार को डराना और नुकसान पहुंचाना था।
घटना का पूरा विवरण
विधायक अशोक कीर्तनिया का परिवार उत्तर 24 परगना जिले के बेलडांगा इलाके में एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने गया था। कार्यक्रम खत्म होने के बाद जब वे अपनी गाड़ी में बैठकर वापस लौट रहे थे, तभी कुछ लोगों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया। इसके बाद हमलावरों ने गाड़ी पर हमला बोल दिया और जमकर तोड़फोड़ की। गाड़ी के शीशे तोड़ दिए गए और गाड़ी को काफी नुकसान पहुंचाया गया। गाड़ी में बैठे लोग काफी डर गए थे। इस घटना में विधायक खुद मौजूद नहीं थे, लेकिन उनके परिवार के सदस्य और बंगांव दक्षिण के बीजेपी विधायक स्वपन मजूमदार की सास गाड़ी में मौजूद थीं।
विधायक ने लगाए गंभीर आरोप
इस घटना के बाद बीजेपी विधायक अशोक कीर्तनिया ने मीडिया से बातचीत करते हुए तृणमूल कांग्रेस के गुंडों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि तृणमूल के हथियारबंद गुंडों ने उनके परिवार को जिंदा जलाकर मारने की साजिश रची थी। उन्होंने आरोप लगाया कि हमलावरों ने पहले गाड़ी को घेरा और फिर तोड़फोड़ शुरू कर दी। विधायक ने कहा कि अगर समय पर गाड़ी वहां से नहीं निकल पाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। उन्होंने राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि बंगाल में अब किसी भी विपक्षी नेता की सुरक्षा नहीं है।
राज्य में कानून व्यवस्था पर सवाल
बीजेपी विधायक अशोक कीर्तनिया ने राज्य सरकार पर कानून व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में विपक्षी नेताओं और उनके परिवारों की सुरक्षा को लेकर सरकार गंभीर नहीं है। हर रोज कहीं न कहीं बीजेपी कार्यकर्ताओं और नेताओं पर हमले हो रहे हैं, लेकिन सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। विधायक ने कहा कि अगर सरकार इस मामले में सही और सख्त कार्रवाई नहीं करती है तो वे बंगांव को पूरी तरह से बंद करवा देंगे।
बंगांव बंद करने की चेतावनी
विधायक अशोक कीर्तनिया ने अपने बयान में साफ कहा है कि अगर इस मामले में सही तरीके से जांच नहीं हुई और दोषियों को सजा नहीं मिली तो वे बंगांव शहर को पूरी तरह से बंद करवा देंगे। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि यह जनता की सुरक्षा का सवाल है। अगर विधायकों के परिवार ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम लोगों की सुरक्षा कैसे हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द दोषियों को गिरफ्तार किया जाए और उन पर सख्त कार्रवाई की जाए।
बीजेपी ने की निंदा
इस घटना के बाद बीजेपी ने तृणमूल कांग्रेस सरकार की जमकर निंदा की है। बीजेपी नेताओं ने कहा है कि राज्य में तृणमूल के गुंडे खुलेआम विपक्षी नेताओं और उनके परिवारों को निशाना बना रहे हैं। बीजेपी ने राज्य सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की है। पार्टी ने कहा है कि अगर सरकार ने जल्द कदम नहीं उठाए तो वे राज्यपाल से मिलकर शिकायत करेंगे और केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग करेंगे।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में काफी गुस्सा है। लोगों का कहना है कि राजनीति के नाम पर हिंसा बर्दाश्त नहीं की जा सकती। कई लोगों ने कहा कि धार्मिक कार्यक्रम से लौट रहे लोगों पर हमला करना बेहद शर्मनाक है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द दोषियों को पकड़ा जाए और उन्हें सजा दी जाए। लोगों ने कहा कि अगर इस तरह की घटनाएं रुकीं नहीं तो इलाके में माहौल खराब हो सकता है।
राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी
पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा रोकने के लिए सभी राजनीतिक दलों को मिलकर काम करना होगा। किसी भी लोकतांत्रिक देश में राजनीतिक मतभेदों को हिंसा के जरिए नहीं सुलझाया जा सकता। सभी दलों को अपने कार्यकर्ताओं को संयम बरतने की सलाह देनी चाहिए। साथ ही सरकार को भी सख्त कदम उठाने होंगे ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। राजनीतिक हिंसा से न सिर्फ लोकतंत्र कमजोर होता है बल्कि आम लोगों को भी नुकसान पहुंचता है।
पुलिस जांच शुरू
इस घटना की खबर मिलने के बाद स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने कहा है कि घटना की जांच की जा रही है और जल्द ही दोषियों को गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है और गवाहों के बयान लिए जा रहे हैं। पुलिस ने कहा है कि कानून अपना काम करेगा और किसी भी दोषी को नहीं बख्शा जाएगा। हालांकि बीजेपी नेताओं को पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं है। उनका कहना है कि राज्य में पुलिस भी सत्ताधारी पार्टी के दबाव में काम करती है।
आगे क्या होगा
अब देखना यह होगा कि इस मामले में पुलिस क्या कार्रवाई करती है और दोषियों को सजा मिलती है या नहीं। बीजेपी ने साफ कर दिया है कि अगर न्याय नहीं मिला तो वे आंदोलन करेंगे। राज्य की राजनीति में यह घटना एक नया मोड़ ला सकती है। विपक्षी दल इस मुद्दे को उठा सकते हैं और सरकार पर दबाव बना सकते हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में क्या होता है, यह देखना दिलचस्प होगा।