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उत्तर बंगाल में बनी रहेगी सर्दी की मार, दो दिन बाद दक्षिण में मिलेगी राहत

उत्तर बंगाल में बनी रहेगी सर्दी की मार, दो दिन बाद दक्षिण में मिलेगी राहत
North Bengal Cold Wave: उत्तर बंगाल में सर्दी जारी, दक्षिण में दो दिन बाद राहत का अनुमान (Image Source: FB, Pexels)

पश्चिम बंगाल में सर्दी का प्रकोप जारी है। दार्जिलिंग में तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो राज्य में सबसे कम है। IMD के अनुसार उत्तर बंगाल में अगले सात दिनों तक ठंड बनी रहेगी, जबकि दक्षिण बंगाल में दो दिन बाद तापमान में 2-3 डिग्री की वृद्धि होगी। कोहरे से दृश्यता प्रभावित रहेगी।

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Asfi Shadab
Asfi Shadab
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पश्चिम बंगाल में इन दिनों सर्दी का मौसम अपने चरम पर है। उत्तर बंगाल के पहाड़ी इलाकों में तापमान तेजी से गिरता जा रहा है और मौसम विभाग ने आगामी सप्ताह भर तक इसी स्थिति के बने रहने का अनुमान जताया है। सोमवार को दार्जिलिंग में तापमान गिरकर 4.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो पूरे राज्य में सबसे कम रहा। वहीं दक्षिण बंगाल में दो दिनों के बाद हालात में थोड़ा सुधार होने की संभावना है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार को जारी अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा कि अगले सात दिनों तक उत्तर बंगाल में ठंड का प्रकोप बना रहेगा। लेकिन राज्य के दक्षिणी हिस्सों में दो दिन बाद न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। इससे लोगों को सर्दी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

दार्जिलिंग में सबसे कम तापमान दर्ज

उत्तर बंगाल का पहाड़ी शहर दार्जिलिंग सोमवार को राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा। यहां सुबह का न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह तापमान सामान्य से काफी कम है और इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। पहाड़ी इलाकों में रात और सुबह के समय कोहरे की चादर भी छाई रहती है, जिससे दृश्यता काफी कम हो जाती है।

मैदानी इलाकों में बांकुड़ा सबसे ठंडा

दक्षिण बंगाल के मैदानी इलाकों में बांकुड़ा जिले ने सबसे कम तापमान का रिकॉर्ड बनाया। सोमवार को यहां न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मैदानी इलाकों में इस स्तर का तापमान सर्दी के मौसम में सामान्य माना जाता है, लेकिन स्थानीय लोगों को रात और सुबह के समय काफी ठंड महसूस हो रही है।

अन्य जिलों में तापमान की स्थिति

राज्य के कई अन्य जिलों में भी तापमान में गिरावट देखी गई। कालिम्पोंग में न्यूनतम तापमान 9.5 डिग्री सेल्सियस, बर्धमान में 9.8 डिग्री सेल्सियस, अलीपुरद्वार में 10 डिग्री सेल्सियस, आसनसोल में 10.1 डिग्री सेल्सियस, पुरुलिया में 10.2 डिग्री सेल्सियस, बहरामपुर में 10.4 डिग्री सेल्सियस और श्रीनिकेतन में 10.5 डिग्री सेल्सियस रहा। ये सभी क्षेत्र इस समय सर्दी की मार झेल रहे हैं और लोग गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं।

कोलकाता में हल्की ठंड का अहसास

राज्य की राजधानी कोलकाता में सोमवार को न्यूनतम तापमान 13.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह तापमान अन्य जिलों की तुलना में अधिक है, लेकिन शहरवासियों को भी सुबह और शाम के समय हल्की ठंड का अनुमान हो रहा है। मौसम विभाग ने मंगलवार को सुबह और दोपहर के समय हल्के कोहरे की संभावना जताई है, जिससे दृश्यता में कमी आ सकती है।

अगले सात दिनों का मौसम पूर्वानुमान

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने आने वाले सप्ताह के लिए अपना पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग के अनुसार, पूरे पश्चिम बंगाल में अगले सात दिनों तक शुष्क मौसम बना रहेगा। बारिश की कोई संभावना नहीं है। उत्तर बंगाल के जिलों में न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा और ठंड का प्रकोप जारी रहेगा।

हालांकि, दक्षिण बंगाल के जिलों में दो दिन बाद स्थिति में सुधार की उम्मीद है। यहां न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हो सकती है, जिससे लोगों को सर्दी से कुछ राहत मिलेगी।

कोहरे से दृश्यता में कमी

मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि अगले पांच दिनों तक राज्य के सभी जिलों में एक-दो स्थानों पर सुबह के समय हल्के से मध्यम स्तर का कोहरा छाया रहेगा। इससे दृश्यता एक किलोमीटर से भी कम हो सकती है। यह स्थिति यातायात और दैनिक गतिविधियों में बाधा उत्पन्न कर सकती है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे सुबह के समय यात्रा करते समय सावधानी बरतें।

लोगों पर प्रभाव

इस मौसम का असर आम लोगों के जीवन पर साफ दिख रहा है। उत्तर बंगाल के पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोग और पर्यटक दोनों ही कड़ाके की ठंड से जूझ रहे हैं। गर्म कपड़ों की मांग बढ़ गई है और लोग अलाव जलाकर ठंड से बचने की कोशिश कर रहे हैं। स्कूलों में सुबह की पढ़ाई का समय भी कुछ जगहों पर बदला जा सकता है।

दक्षिण बंगाल में हालांकि स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है, लेकिन यहां भी लोग सुबह और शाम के समय गर्म कपड़े पहनना पसंद कर रहे हैं। किसानों को भी अपनी फसलों की देखभाल में अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है, क्योंकि तेज ठंड कुछ फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है।

मौसम विभाग की सलाह

मौसम विभाग ने लोगों से अनुरोध किया है कि वे ठंड से बचाव के उपाय करें। बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। गर्म कपड़े पहनें और रात में बाहर जाने से बचें। साथ ही, कोहरे के कारण सुबह के समय गाड़ी चलाते समय सतर्क रहें और धीमी गति से वाहन चलाएं।

राज्य सरकार भी स्थिति पर नजर रख रही है और जरूरत पड़ने पर राहत शिविर लगाने की तैयारी में है। विशेष रूप से बेघर लोगों और गरीब तबके के लिए इस ठंड के मौसम में अतिरिक्त व्यवस्था की जा रही है।

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असफ़ी शादाब राष्ट्र भारत में कंटेंट एडिटर और न्यूज़ राइटर हैं। वे क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं, खेल, राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय घटनाओं से संबंधित समाचारों का संपादन, तथ्य सत्यापन और प्रकाशन कार्य संभालते हैं। उनकी जिम्मेदारी विभिन्न राज्यों से प्राप्त समाचारों को आधिकारिक स्रोतों, उपलब्ध दस्तावेजों और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर व्यवस्थित एवं स्पष्ट रूप में पाठकों तक पहुंचाना है। राष्ट्र भारत में वे महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और अन्य राज्यों से प्राप्त समाचारों का संपादन करते हैं तथा उन्हें सरल, सटीक और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करने का कार्य करते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रकाशित सामग्री संपादकीय मानकों, तथ्यात्मक शुद्धता और विश्वसनीय स्रोतों के अनुरूप हो। मुख्य कार्यक्षेत्र (Core Responsibilities): क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं और समसामयिक समाचारों का संपादन। विभिन्न संवाददाताओं और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से प्राप्त सामग्री का तथ्य सत्यापन। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी दस्तावेजों एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचारों का संपादन। स्पष्ट, संतुलित और पाठक-अनुकूल भाषा में समाचार प्रस्तुत करना। राष्ट्र भारत की संपादकीय नीतियों और पत्रकारिता मानकों के अनुरूप सामग्री प्रकाशित करना। संपादकीय दृष्टिकोण (Editorial Approach): असफ़ी शादाब का उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, संतुलित और स्पष्ट समाचार पहुंचाना है। वे प्रकाशित होने वाली प्रत्येक सामग्री की भाषा, संदर्भ और उपलब्ध स्रोतों की समीक्षा करते हैं ताकि समाचार संपादकीय गुणवत्ता और विश्वसनीयता के मानकों पर खरा उतर सके।