वेस्ट बंगाल के भांगर के खड़गाछी चांदपुर इलाके में सड़क मरम्मत के दौरान एक भयानक हादसा हो गया। पिच रोड बनाने के काम के दौरान केमिकल से भरे एक ड्रम में अचानक ब्लास्ट हो गया। इस हादसे में तीन मासूम बच्चे बुरी तरह से घायल हो गए। तीनों बच्चों को गंभीर हालत में एम आर बांगुर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया।

घायल बच्चों की पहचान
घायल बच्चों में 8 साल का सादिकुल अहमद, 9 साल का रयान मोल्ला और 10 साल का सामिउल मोल्ला शामिल हैं। तीनों बच्चे एक ही इलाके के रहने वाले हैं और आपस में दोस्त हैं। परिवार के सदस्यों का कहना है कि तीनों बच्चे स्कूल की छुट्टी होने के बाद उसी जगह पर खेल रहे थे जहां सड़क का काम चल रहा था। खेलते समय अचानक केमिकल ड्रम में ब्लास्ट हो गया और तीनों बच्चे इसकी चपेट में आ गए।

परिवार का आरोप
पीड़ित परिवारों का आरोप है कि सड़क निर्माण का काम करने वाली एजेंसी ने किसी भी तरह की सुरक्षा व्यवस्था नहीं की थी। खतरनाक केमिकल से भरे ड्रम को खुले में ऐसे ही छोड़ दिया गया था। आसपास कोई चेतावनी का बोर्ड भी नहीं लगाया गया था। परिवार वालों का कहना है कि अगर सही सावधानी बरती गई होती तो यह हादसा नहीं होता। बच्चे सिर्फ खेल रहे थे और इस लापरवाही की वजह से उनकी जान खतरे में है।

अधिकारियों की मदद
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय नेता शौकत मोल्ला खुद एम आर बांगुर हॉस्पिटल पहुंचे। उन्होंने परिवार के सदस्यों से मुलाकात की और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। इसके अलावा अरूप बिश्वास भी अस्पताल पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मिले। उन्होंने परिवार वालों को भरोसा दिलाया कि वे इस मुश्किल समय में उनके साथ खड़े हैं और जो भी मदद की जरूरत होगी वह की जाएगी।
बाल सुरक्षा आयोग ने की कार्रवाई
बाल सुरक्षा विभाग की कमिश्नर तुलिका दास ने बताया कि तीनों बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से एक बच्चे की हालत बेहद गंभीर है और उसे सीसीयू में रखा गया है। बाकी दो बच्चों को बर्न वार्ड में रखा गया है। डॉक्टरों की टीम लगातार तीनों बच्चों का इलाज कर रही है। कमिश्नर ने कहा कि जो बच्चा सीसीयू में है उसकी हालत चिंताजनक है और हम सभी को उसके लिए प्रार्थना करनी चाहिए।

जांच की मांग
बाल सुरक्षा आयोग ने पुलिस से इस घटना की पूरी रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट मिलने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। आयोग ने सवाल उठाया है कि सड़क निर्माण का काम शुरू करने से पहले जरूरी सावधानी क्यों नहीं बरती गई। ऐसी दुर्घटना क्यों हुई इसकी विस्तृत जांच की मांग की गई है। अधिकारियों ने कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बच्चों की मौजूदा स्थिति
सादिकुल अहमद को कल शाम चार बजे सीसीयू में शिफ्ट किया गया था। डॉक्टरों के अनुसार बाकी दो बच्चों की हालत पहले से बेहतर है और वे धीरे-धीरे ठीक हो रहे हैं। लेकिन जिस बच्चे की हालत गंभीर है वह अभी भी खतरे से बाहर नहीं है। चिकित्सकों का कहना है कि उस बच्चे के शरीर का बड़ा हिस्सा झुलस गया है। उसे सीसीयू में रखकर लगातार निगरानी की जा रही है। अगले 48 घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं।
यह घटना सड़क निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी का एक गंभीर उदाहरण है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि ऐसे कामों के दौरान खासकर आबादी वाले इलाकों में विशेष सावधानी बरती जानी चाहिए। बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन को गंभीर कदम उठाने की जरूरत है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।