Three children injured in road accident West Bengal: सड़क पर काम के दौरान हुई लापरवाही से तीन मासूम बच्चे बुरी तरह से घायल हो गए हैं। इस दुर्घटना में सभी तीन बच्चों को गंभीर जलने की चोटें आई हैं। शिशु सुरक्षा आयोग ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए पुलिश से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने सवाल उठाया है कि सड़क पर काम शुरू करने से पहले जरूरी सावधानियां क्यों नहीं बरती गईं।
घायल बच्चों की स्थिति गंभीर
शिशु सुरक्षा विभाग की आयुक्त तुलिका दास ने इस हादसे पर जानकारी देते हुए बताया कि तीनों बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा कि इनमें से एक बच्चे की हालत बेहद गंभीर है और उसे CCU यानी क्रिटिकल केयर यूनिट में रखा गया है। बाकी दो बच्चों को बर्न वार्ड में इलाज के लिए रखा गया है। तीनों बच्चों को सही और संभव सर्वोत्तम चिकित्सा सेवाएं दी जा रही हैं।
तुलिका दास ने भावुक होते हुए कहा कि जो बच्चा CCU में गंभीर हालत में इलाज करा रहा है, उसके लिए हम सभी को प्रार्थना करनी चाहिए। उनके स्वर से चिंता साफ झलक रही थी।
शिशु सुरक्षा आयोग ने उठाए सवाल
शिशु सुरक्षा आयोग ने इस घटना को लेकर पुलिश से औपचारिक रिपोर्ट मांगी है। आयुक्त तुलिका दास ने स्पष्ट किया कि रिपोर्ट मिलने के बाद उसके आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कड़े सवाल उठाते हुए कहा कि सड़क पर कोई भी काम शुरू करने से पहले पर्याप्त सावधानी बरतना जरूरी है।
आयोग ने सवाल किया है कि आखिर ऐसी दुर्घटना क्यों हुई। यदि सड़क पर काम के दौरान सही सुरक्षा उपाय किए गए होते तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था। तीन मासूम बच्चों को इस तरह की पीड़ा से बचाया जा सकता था।
सड़क सुरक्षा मानकों का उल्लंघन
यह घटना सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की ओर इशारा करती है। आम तौर पर जब सड़क पर कोई काम चल रहा होता है तो उस जगह पर चेतावनी बोर्ड लगाए जाने चाहिए। काम की जगह को अच्छी तरह से बैरिकेड किया जाना चाहिए ताकि आम लोग खासकर बच्चे उस खतरनाक क्षेत्र में न जाएं।
लेकिन ऐसा लगता है कि इस मामले में इन बुनियादी सावधानियों का पालन नहीं किया गया। जिसकी वजह से तीन मासूम बच्चे इस भयानक हादसे का शिकार हो गए।
प्रशासन की जिम्मेदारी
इस तरह की घटनाएं स्थानीय प्रशासन की लापरवाही को उजागर करती हैं। सड़क पर काम करने वाली एजेंसियों को सख्त निर्देश होने चाहिए कि वे सुरक्षा मानकों का पालन करें। खासकर आबादी वाले इलाकों में जहां बच्चे खेलते रहते हैं, वहां अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
शिशु सुरक्षा आयोग ने सही सवाल उठाए हैं। यह जरूरी है कि इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
चिकित्सा टीम की मेहनत
अस्पताल के डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ तीनों बच्चों को बचाने के लिए पूरी मेहनत कर रहे हैं। बर्न इंजरी के मामले बेहद नाजुक होते हैं और इनमें संक्रमण का खतरा बहुत ज्यादा रहता है। चिकित्सा टीम लगातार बच्चों की निगरानी कर रही है और हर संभव इलाज दिया जा रहा है।
समाज की भूमिका
ऐसी घटनाओं से सीख लेते हुए समाज को भी जागरूक होना होगा। अभिभावकों को चाहिए कि वे अपने बच्चों को सड़क सुरक्षा के बारे में सिखाएं। बच्चों को समझाना चाहिए कि सड़क पर जहां काम चल रहा हो, वहां से दूर रहें।
साथ ही स्थानीय लोगों को भी अगर अपने इलाके में सड़क निर्माण कार्य देखें जहां सुरक्षा उपाय नहीं किए गए हों, तो उन्हें तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करना चाहिए।
आगे की कार्रवाई
Three children injured in road accident West Bengal: अब सबकी नजरें पुलिस की रिपोर्ट पर हैं। शिशु सुरक्षा आयोग ने साफ कर दिया है कि रिपोर्ट के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। यह जरूरी है कि दोषी लोगों को सजा मिले और ऐसे नियम बनाए जाएं जो आगे ऐसी घटनाओं को रोक सकें।
तीनों बच्चों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना है। उम्मीद है कि CCU में भर्ती बच्चा जल्द स्वस्थ होगा और सभी बच्चे सामान्य जीवन में वापस लौट सकेंगे। यह घटना एक चेतावनी है कि सार्वजनिक सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।