TMC Violence: पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस में आंतरिक गुटबाजी एक बार फिर सड़कों पर दिखने लगी है। दक्षिण 24 परगना जिले में पार्टी नेताओं के बीच तनाव ने हिंसक रूप ले लिया, जहां मुलाकातों और राजनीतिक नजदीकियों को लेकर शुरू हुआ विवाद खुले हंगामे, मारपीट और पुलिस से झड़प तक पहुंच गया।
घटना की जड़ उस समय पड़ी, जब तृणमूल के कर्माध्यक्ष अदुत मोल्ला ने हाल ही में जिला अध्यक्ष शुभाशीष चक्रवर्ती से मुलाकात की। इसी मुलाकात को लेकर शौकत मोल्ला के करीबी नेताओं में नाराजगी फैल गई। आरोप है कि इसी नाराजगी के चलते अदुत मोल्ला के घर पर हमला किया गया और उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया।
मुलाकात के बाद बढ़ा तनाव, घर बना सियासी अखाड़ा
रविवार सुबह हालात और ज्यादा बिगड़ गए, जब आराबुल इस्लाम के पुत्र और जिला परिषद सदस्य हाकिमुल इस्लाम, एससी-एसटी सेल के अध्यक्ष प्रदीप मंडल के साथ अदुत मोल्ला से मिलने उनके घर पहुंचे। यह मुलाकात अभी चल ही रही थी कि शौकत मोल्ला के करीबी तृणमूल नेता और समर्थक अदुत मोल्ला के घर के बाहर जमा हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घर के बाहर मौजूद लोगों ने जोर-जोर से नारेबाजी शुरू कर दी और कथित तौर पर गाली-गलौज की। माहौल तेजी से तनावपूर्ण होता चला गया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
पुलिस के पहुंचते ही बढ़ा टकराव
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए उत्तर काशीपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। लेकिन आरोप है कि पुलिस के पहुंचने के बाद भी हालात शांत होने के बजाय और बिगड़ गए। शौकत मोल्ला के करीबी नेताओं और समर्थकों ने पुलिस से भी धक्का-मुक्की शुरू कर दी।
पुलिस ने स्थिति को संभालने के लिए अदुत मोल्ला के घर से हाकिमुल इस्लाम और प्रदीप मंडल को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश की। इसी दौरान आरोप है कि बाहर खड़े कुछ लोगों ने हाकिमुल इस्लाम की गाड़ी पर हमला कर दिया। वहीं प्रदीप मंडल पर भी हमला करने की कोशिश की गई, हालांकि पुलिस ने समय रहते उन्हें वहां से निकाल लिया।
सड़क पर पीछा, नए आरोपों ने बढ़ाई सनसनी
घटना यहीं नहीं रुकी। आरोप है कि हाकिमुल इस्लाम जब वहां से निकलकर पोलरहाट स्थित अपने पंप की ओर जा रहे थे, तभी रास्ते में वनभूमि विभाग के कर्माध्यक्ष खैरुल इस्लाम के साथ एक और विवाद हो गया। खैरुल इस्लाम ने आरोप लगाया कि हाकिमुल की गाड़ी ने जानबूझकर उनकी ओर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की।
हालांकि हाकिमुल इस्लाम ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है और इसे पूरी तरह निराधार बताया है। उनका कहना है कि वे खुद भीड़ और हंगामे से बचते हुए वहां से निकले थे।
पेट्रोल पंप पर मारपीट का आरोप
खैरुल इस्लाम के समर्थकों ने आरोप लगाया कि उसी गाड़ी का पीछा करते हुए वे पोलरहाट स्थित पंप तक पहुंचे, जहां प्रदीप मंडल के साथ बेरहमी से मारपीट की गई। इस घटना के बाद इलाके में तनाव और ज्यादा बढ़ गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रही गुटबाजी अब आम जनता की सुरक्षा के लिए खतरा बनती जा रही है। पार्टी के अंदरूनी विवादों का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।