Bengal Weather: पश्चिम बंगाल में सर्दी ने अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी है और फिलहाल इसमें किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं दिख रहे हैं। अलीपुर मौसम विभाग की मौसम विज्ञानी अन्वेषा भट्टाचार्य के अनुसार, आने वाले पांच से सात दिनों तक राज्य के तापमान में कोई बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं होगा। ठंड से राहत की उम्मीद कर रहे लोगों को अभी थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है, क्योंकि न्यूनतम तापमान पूरे राज्य में सामान्य से नीचे ही बना रहेगा।
सुबह और शाम की ठिठुरन अब रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुकी है। खासकर उत्तर बंगाल के जिलों में ठंड के साथ-साथ घनी धुंध ने आम जनजीवन को और भी चुनौतीपूर्ण बना दिया है। ट्रेन और सड़क यातायात से लेकर खेतों में काम कर रहे किसानों तक, हर कोई मौसम के इस मिजाज से प्रभावित हो रहा है।
आने वाले दिनों में मौसम का समग्र मिजाज
मौसम विभाग के आकलन के मुताबिक, राज्य में ठंड की यह स्थिति स्थिर रहेगी। न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा और यह सामान्य से नीचे ही बना रहेगा। इसका सीधा असर सुबह की ठंड और देर रात की ठिठुरन पर देखने को मिलेगा। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों के लिए यह समय अतिरिक्त सावधानी बरतने का है।
दक्षिण बंगाल में अधिकतम तापमान का हाल
दक्षिण बंगाल के जिलों में अगले तीन दिनों तक अधिकतम तापमान सामान्य से करीब दो डिग्री सेल्सियस नीचे रहने की संभावना है। इसके बाद तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन यह बढ़ोतरी बहुत ज्यादा नहीं होगी। यानी दिन के समय हल्की धूप जरूर मिलेगी, पर ठंड का असर पूरी तरह खत्म नहीं होगा। कोलकाता, हावड़ा, हुगली और आसपास के इलाकों में सुबह की ठंड और शाम की ठिठुरन बनी रहेगी।
उत्तर बंगाल में ठंड का ज्यादा असर
उत्तर बंगाल के जिलों में ठंड का असर दक्षिण बंगाल की तुलना में ज्यादा महसूस किया जाएगा। यहां अधिकतम तापमान सामान्य से दो से चार डिग्री सेल्सियस तक नीचे रह सकता है। पहाड़ी और तराई क्षेत्रों में सर्द हवाएं लोगों की कंपकंपी बढ़ा सकती हैं। दार्जिलिंग और आसपास के इलाकों में ठंड का असर पर्यटन गतिविधियों पर भी पड़ सकता है।
घनी धुंध से बढ़ी परेशानी
उत्तर बंगाल के कई जिलों में घनी धुंध छाए रहने की चेतावनी दी गई है। दार्जिलिंग, उत्तर दिनाजपुर, दक्षिण दिनाजपुर, मालदा, कूचबिहार और जलपाईगुड़ी में सुबह के समय दृश्यता काफी कम रह सकती है। इसका सीधा असर सड़क और रेल यातायात पर पड़ सकता है। वाहन चालकों को खास सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि धुंध के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
मालदा और उत्तर दिनाजपुर में बढ़ेगी ठंड
मौसम विभाग के अनुसार, मालदा में पहले ही शीतल दिन की स्थिति देखी जा चुकी है और आज भी मालदा तथा उत्तर दिनाजपुर के कुछ हिस्सों में ऐसी स्थिति बन सकती है। जब अधिकतम तापमान सामान्य से साढ़े चार डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक नीचे चला जाए और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम रहे, तो उसे शीतल दिन घोषित किया जाता है। ऐसे हालात में दिन भर ठंड का एहसास बना रहता है और धूप भी राहत नहीं दे पाती।
किसानों और मजदूरों पर मौसम का असर
यह मौसम किसानों और दिहाड़ी मजदूरों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। एक ओर धुंध के कारण खेतों में काम प्रभावित हो रहा है, तो दूसरी ओर ठंड की वजह से सुबह जल्दी काम शुरू करना मुश्किल हो जाता है। हालांकि रबी फसलों के लिए यह ठंड कई मामलों में फायदेमंद भी मानी जाती है, लेकिन अत्यधिक ठंड और धुंध से नुकसान की आशंका बनी रहती है।
आम लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
मौसम के इस मिजाज को देखते हुए आम लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। सुबह और रात के समय गर्म कपड़ों का इस्तेमाल जरूरी है। बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से बचाने के लिए अतिरिक्त ध्यान देना चाहिए। धुंध के दौरान वाहन चलाते समय धीमी गति और फॉग लाइट का प्रयोग सुरक्षित रहेगा।