
रांची, 2 अक्तूबर।झारखंड की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और हाल ही में सेवानिवृत्त मुख्य सचिव अलका तिवारी ने राज्य की 8वीं राज्य निर्वाचन आयुक्त (State Election Commissioner) के रूप में पदभार ग्रहण किया। उन्होंने 2 अक्तूबर 2025, विजयादशमी के दिन राजधानी रांची के रातू रोड स्थित राज्य निर्वाचन आयुक्त (SEC) कार्यालय में यह जिम्मेदारी संभाली। इससे पहले उनके पति और झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव डीके तिवारी राज्य निर्वाचन आयुक्त रहे थे। डीके तिवारी ने 12 फरवरी 2021 को पदभार संभाला था और अगस्त 2024 तक इस पद पर बने रहे। उनके कार्यकाल की समाप्ति के बाद से यह पद रिक्त

रांची, 2 अक्तूबर।झारखंड की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और हाल ही में सेवानिवृत्त मुख्य सचिव अलका तिवारी ने राज्य की 8वीं राज्य निर्वाचन आयुक्त (State Election Commissioner) के रूप में पदभार ग्रहण किया। उन्होंने 2 अक्तूबर 2025, विजयादशमी के दिन राजधानी रांची के रातू रोड स्थित राज्य निर्वाचन आयुक्त (SEC) कार्यालय में यह जिम्मेदारी संभाली। इससे पहले उनके पति और झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव डीके तिवारी राज्य निर्वाचन आयुक्त रहे थे। डीके तिवारी ने 12 फरवरी 2021 को पदभार संभाला था और अगस्त 2024 तक इस पद पर बने रहे। उनके कार्यकाल की समाप्ति के बाद से यह पद रिक्त

झारखंड। राज्य प्रशासन में एक महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज झारखंड मंत्रालय में मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्त हो रही वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अलका तिवारी को भावभीनी विदाई दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अलका तिवारी की प्रशासनिक उत्कृष्टता और उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में कई सरकारी योजनाएं और राज्य के विकास परियोजनाएं सफलतापूर्वक लागू हुई हैं। अलका तिवारी ने अपने कार्यकाल के दौरान हमेशा ईमानदारी, निष्ठा और पेशेवर तत्परता के साथ काम किया। उन्होंने सरकारी प्रशासन को नई दिशा दी और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को मजबूत किया।

झारखंड। राज्य प्रशासन में एक महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज झारखंड मंत्रालय में मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्त हो रही वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अलका तिवारी को भावभीनी विदाई दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अलका तिवारी की प्रशासनिक उत्कृष्टता और उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में कई सरकारी योजनाएं और राज्य के विकास परियोजनाएं सफलतापूर्वक लागू हुई हैं। अलका तिवारी ने अपने कार्यकाल के दौरान हमेशा ईमानदारी, निष्ठा और पेशेवर तत्परता के साथ काम किया। उन्होंने सरकारी प्रशासन को नई दिशा दी और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को मजबूत किया।