
अंतरराज्यीय वधू-वर मेले में महाज्योती का स्टॉल अमरावती में आयोजित अंतरराज्यीय वधू-वर परिचय मेले में ओबीसी छात्रों के लिए शिक्षा और कैरियर के नए मार्ग दिखाने वाला ‘महाज्योती’ का शैक्षणिक स्टॉल मुख्य आकर्षण बना। यह कार्यक्रम वीरशैव लिंगायत बहुउद्देशीय संस्था और महिला मंडल द्वारा आयोजित किया गया। वेब स्टोरी: इस स्टॉल पर छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, छात्रावास सुविधा, स्कॉलरशिप योजनाएं, कौशल विकास प्रशिक्षण, विदेश में उच्च शिक्षा के अवसर और डिजिटल शिक्षा से जुड़ी जानकारी प्रदान की गई। छात्र और अभिभावकों में उत्साह विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों ने स्टॉल का दौरा बड़े उत्साह और रुचि के साथ किया।

अंतरराज्यीय वधू-वर मेले में महाज्योती का स्टॉल अमरावती में आयोजित अंतरराज्यीय वधू-वर परिचय मेले में ओबीसी छात्रों के लिए शिक्षा और कैरियर के नए मार्ग दिखाने वाला ‘महाज्योती’ का शैक्षणिक स्टॉल मुख्य आकर्षण बना। यह कार्यक्रम वीरशैव लिंगायत बहुउद्देशीय संस्था और महिला मंडल द्वारा आयोजित किया गया। वेब स्टोरी: इस स्टॉल पर छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, छात्रावास सुविधा, स्कॉलरशिप योजनाएं, कौशल विकास प्रशिक्षण, विदेश में उच्च शिक्षा के अवसर और डिजिटल शिक्षा से जुड़ी जानकारी प्रदान की गई। छात्र और अभिभावकों में उत्साह विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों ने स्टॉल का दौरा बड़े उत्साह और रुचि के साथ किया।

ओबीसी आरक्षण विवाद में युवक ने आत्महत्या की अमरावती – राज्य में मराठा समुदाय को ओबीसी में आरक्षण दिए जाने के विवाद के बीच अमरावती में एक युवक ने आत्महत्या कर ली। मृतक ने सुसाइड नोट में अपनी आपबीती और विरोध की बातें लिखीं। यह घटना समाज में बढ़ते तनाव और युवा वर्ग में असंतोष को उजागर करती है। घटना की पृष्ठभूमि युवक के परिवार और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मराठा समुदाय को आरक्षण दिए जाने के बाद सामाजिक और शैक्षणिक अवसरों में बदलाव के कारण कुछ युवा असंतुष्ट थे। इसी मानसिक दबाव और असंतोष के चलते युवक ने यह

ओबीसी आरक्षण विवाद में युवक ने आत्महत्या की अमरावती – राज्य में मराठा समुदाय को ओबीसी में आरक्षण दिए जाने के विवाद के बीच अमरावती में एक युवक ने आत्महत्या कर ली। मृतक ने सुसाइड नोट में अपनी आपबीती और विरोध की बातें लिखीं। यह घटना समाज में बढ़ते तनाव और युवा वर्ग में असंतोष को उजागर करती है। घटना की पृष्ठभूमि युवक के परिवार और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मराठा समुदाय को आरक्षण दिए जाने के बाद सामाजिक और शैक्षणिक अवसरों में बदलाव के कारण कुछ युवा असंतुष्ट थे। इसी मानसिक दबाव और असंतोष के चलते युवक ने यह