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Sridhar Vembu Arattai: श्रीधर वेम्बु अरट्टई 20 वर्षों की घरेलू तकनीक पर आधारित - ज़ोहो के सह-संस्थापक ने गहन अनुसंधान एवं विकास आधार का खुलासा किया

श्रीधर वेंबू बोले — “अरट्टाई दिखने में साधारण, पर इसके पीछे है 20 साल की स्वदेशी तकनीकी मेहनत”

श्रीधर वेंबू बोले — अरट्टाई दिखने में साधारण, पर इसके पीछे है 20 साल की स्वदेशी तकनीकी मेहनत नई दिल्ली।भारतीय सॉफ्टवेयर कंपनी Zoho के सह-संस्थापक और चीफ साइंटिस्ट श्रीधर वेंबू ने कहा है कि कंपनी का मैसेजिंग ऐप “अरट्टाई” (Arattai) भले ही बाहर से साधारण लगे, लेकिन इसके पीछे दो दशकों की गहरी स्वदेशी तकनीकी मेहनत और रिसर्च का नतीजा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में कंपनी की तकनीकी विरासत और शोध-आधारित विकास यात्रा के बारे में विस्तार से बताया। “अरट्टाई” — साधारण दिखने वाला पर गहराई में समृद्ध प्रोडक्ट वेंबू ने लिखा,

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Arattai App Language Debate: Zoho Sridhar Vembu's statement again in the headlines

Arattai App ने छेड़ी Language Debate: Zoho के Sridhar Vembu का बयान फिर चर्चा में

भारत में Language Debate समय-समय पर चर्चा में आती रहती है। कभी Hindi Imposition का मुद्दा तो कभी Regional Pride की बहस। अब इस बार बहस का केंद्र बना है Zoho का नया Messaging App — Arattai। Arattai का मतलब Tamil में होता है “Banter” यानी हल्की-फुल्की बातचीत। लेकिन जब यह App तेजी से डाउनलोड होने लगा और WhatsApp का desi alternative बनकर सामने आया, तो इसका नाम खुद एक बड़ा विवाद बन गया। Sridhar Vembu और Hindi Debate Zoho के Founder Sridhar Vembu ने इसी साल फरवरी में बयान दिया था कि Tamil Nadu के Engineers और Entrepreneurs को

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