
Bihar Assembly Elections 2025: राज्यपाल का चुनाव आयोग पर भरोसा रखने और लोकतंत्र की मर्यादा बनाए रखने का आह्वान बिहार के आगामी विधानसभा चुनाव यानी Bihar Assembly Elections को लेकर राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य में दो चरणों में चुनाव कराने के निर्णय पर जनता को चुनाव आयोग पर भरोसा रखना चाहिए। राज्यपाल ने यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग ने यह निर्णय अपने पास उपलब्ध जानकारी और परिस्थितियों के आधार पर लिया है। राज्यपाल ने कहा कि बिहार दुनिया के सबसे पुराने लोकतंत्रों में से एक है। इस ऐतिहासिक

Bihar Assembly Elections 2025: राज्यपाल का चुनाव आयोग पर भरोसा रखने और लोकतंत्र की मर्यादा बनाए रखने का आह्वान बिहार के आगामी विधानसभा चुनाव यानी Bihar Assembly Elections को लेकर राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य में दो चरणों में चुनाव कराने के निर्णय पर जनता को चुनाव आयोग पर भरोसा रखना चाहिए। राज्यपाल ने यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग ने यह निर्णय अपने पास उपलब्ध जानकारी और परिस्थितियों के आधार पर लिया है। राज्यपाल ने कहा कि बिहार दुनिया के सबसे पुराने लोकतंत्रों में से एक है। इस ऐतिहासिक

बक्सर (सिमरी)। Buxar Ramkatha Mahotsav: बिहार के महामहिम राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने रविवार को सिमरी काली पूजा समिति द्वारा आयोजित रामकथा महोत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने श्रद्धालुओं और उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज और राष्ट्र निर्माण का भी मार्गदर्शन करता है। राज्यपाल ने कहा, “रामकथा केवल कथा नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की कला और मूल्य आधारित समाज की स्थापना का माध्यम है। भगवान श्रीराम ने अपने जीवन से यह संदेश दिया कि त्याग, मर्यादा और न्याय को

बक्सर (सिमरी)। Buxar Ramkatha Mahotsav: बिहार के महामहिम राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने रविवार को सिमरी काली पूजा समिति द्वारा आयोजित रामकथा महोत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने श्रद्धालुओं और उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज और राष्ट्र निर्माण का भी मार्गदर्शन करता है। राज्यपाल ने कहा, “रामकथा केवल कथा नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की कला और मूल्य आधारित समाज की स्थापना का माध्यम है। भगवान श्रीराम ने अपने जीवन से यह संदेश दिया कि त्याग, मर्यादा और न्याय को