एक मत से सुनाया गया, आस्था से ऊपर सैन्य अनुशासन भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने यह स्पष्ट कर दिया कि भारतीय सेना में किसी भी प्रकार का निजी धार्मिक मत, सैन्य अनुशासन से ऊपर नहीं हो सकता। सुप्रीम कोर्ट ने एक पूर्व ईसाई अधिकारी सैमुअल कमलेसन की याचिका ठुकराते हुए कहा कि सेना में ऐसे लोग नहीं रह सकते जो निजी आस्था के आधार पर वैध आदेश का पालन करने से इनकार करें। अदालत ने उनके व्यवहार को सेना की गरिमा के विरुद्ध और अत्यधिक अनुशासनहीन बताया। इस फैसले के बाद भारत की सेना और धर्मनिरपेक्षता पर चल रही चर्चा