
हर साल 6 दिसंबर का दिन भारतीय इतिहास में एक खास महत्व रखता है। इस दिन को महापरिनिर्वाण दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन भारत रत्न डॉ भीमराव रामजी अंबेडकर की पुण्यतिथि के रूप में जाना जाता है। इस साल 2025 में बाबासाहेब की 70वीं पुण्यतिथि मनाई जा रही है। 1956 में इसी दिन संविधान के रचयिता और दलितों के मसीहा का निधन हुआ था। पूरे देश में उनके अनुयायी और सामाजिक न्याय के समर्थक इस दिन को बड़ी श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाते हैं। Mahaparinirvan Diwas 2025: महापरिनिर्वाण का अर्थ और महत्व महापरिनिर्वाण शब्द बौद्ध धर्म

हर साल 6 दिसंबर का दिन भारतीय इतिहास में एक खास महत्व रखता है। इस दिन को महापरिनिर्वाण दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन भारत रत्न डॉ भीमराव रामजी अंबेडकर की पुण्यतिथि के रूप में जाना जाता है। इस साल 2025 में बाबासाहेब की 70वीं पुण्यतिथि मनाई जा रही है। 1956 में इसी दिन संविधान के रचयिता और दलितों के मसीहा का निधन हुआ था। पूरे देश में उनके अनुयायी और सामाजिक न्याय के समर्थक इस दिन को बड़ी श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाते हैं। Mahaparinirvan Diwas 2025: महापरिनिर्वाण का अर्थ और महत्व महापरिनिर्वाण शब्द बौद्ध धर्म

नागपुर में बाबा साहब अंबेडकर अनुयायियों का स्थायी स्थल हेतु अनशन नागपुर के जरिपटका पुलिस थाना क्षेत्र में बाबा साहब अंबेडकर के अनुयायियों द्वारा स्थायी स्थल की मांग को लेकर अनशन प्रदर्शन किया गया। इस अनशन का मुख्य उद्देश्य था कि नगर में उनके आदर्श नेता बाबा साहब अंबेडकर के नाम पर एक निश्चित स्थायी स्थल अलॉट किया जाए, जहाँ समुदाय नियमित रूप से सामाजिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित कर सके। अनशन स्थल पर पहुंची नगर प्रशासन की टीम ने पाया कि अनुयायी जिस स्थान पर बैठे थे, वह किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति है। अतिक्रमण मानते हुए प्रशासन

नागपुर में बाबा साहब अंबेडकर अनुयायियों का स्थायी स्थल हेतु अनशन नागपुर के जरिपटका पुलिस थाना क्षेत्र में बाबा साहब अंबेडकर के अनुयायियों द्वारा स्थायी स्थल की मांग को लेकर अनशन प्रदर्शन किया गया। इस अनशन का मुख्य उद्देश्य था कि नगर में उनके आदर्श नेता बाबा साहब अंबेडकर के नाम पर एक निश्चित स्थायी स्थल अलॉट किया जाए, जहाँ समुदाय नियमित रूप से सामाजिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित कर सके। अनशन स्थल पर पहुंची नगर प्रशासन की टीम ने पाया कि अनुयायी जिस स्थान पर बैठे थे, वह किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति है। अतिक्रमण मानते हुए प्रशासन

दीक्षाभूमि पर बाबा साहेब आंबेडकर के जयघोष से गूंजा नागपुर नागपुर: करुणा, समता और प्रज्ञा का प्रतीक दीक्षाभूमि मंगलवार को एक बार फिर धम्ममय वातावरण में परिवर्तित हो गई। इस पवित्र स्थल पर आयोजित बुद्ध वंदना कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अनुयायियों ने भाग लेकर बुद्ध, धम्म और संघ के प्रति अपनी निष्ठा प्रकट की। इस अवसर पर भिक्षुसंघ और भिक्षुणी संघ की उपस्थिति ने समारोह को और भी आध्यात्मिक और प्रभावशाली बनाया। भदंत आर्य नागार्जुन सुरेई ससाई की अध्यक्षता में संपन्न इस कार्यक्रम में भगवा वस्त्रधारी भिक्षु और भिक्षुणियों ने बुद्ध और बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित

दीक्षाभूमि पर बाबा साहेब आंबेडकर के जयघोष से गूंजा नागपुर नागपुर: करुणा, समता और प्रज्ञा का प्रतीक दीक्षाभूमि मंगलवार को एक बार फिर धम्ममय वातावरण में परिवर्तित हो गई। इस पवित्र स्थल पर आयोजित बुद्ध वंदना कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अनुयायियों ने भाग लेकर बुद्ध, धम्म और संघ के प्रति अपनी निष्ठा प्रकट की। इस अवसर पर भिक्षुसंघ और भिक्षुणी संघ की उपस्थिति ने समारोह को और भी आध्यात्मिक और प्रभावशाली बनाया। भदंत आर्य नागार्जुन सुरेई ससाई की अध्यक्षता में संपन्न इस कार्यक्रम में भगवा वस्त्रधारी भिक्षु और भिक्षुणियों ने बुद्ध और बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित