
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में हुमायूं कबीर द्वारा प्रस्तावित बाबरी मस्जिद के निर्माण के लिए जमा हुई धनराशि ने सबको चौंका दिया है। धन की इतनी बड़ी मात्रा जमा हुई है कि उसे गिनने के लिए विशेष मशीनों का सहारा लेना पड़ रहा है। हुमायूं कबीर के रेजिनगर स्थित आवास पर कई घंटों से धन की गिनती का काम जारी है। सूत्रों के अनुसार, मस्जिद निर्माण के लिए दान में मिले धन को संभालने के लिए 11 ट्रंक भरे पड़े हैं। इन ट्रंकों में भरे नोटों की सही गणना करने के लिए धन गिनने वाली मशीनें लगाई गई हैं।

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में हुमायूं कबीर द्वारा प्रस्तावित बाबरी मस्जिद के निर्माण के लिए जमा हुई धनराशि ने सबको चौंका दिया है। धन की इतनी बड़ी मात्रा जमा हुई है कि उसे गिनने के लिए विशेष मशीनों का सहारा लेना पड़ रहा है। हुमायूं कबीर के रेजिनगर स्थित आवास पर कई घंटों से धन की गिनती का काम जारी है। सूत्रों के अनुसार, मस्जिद निर्माण के लिए दान में मिले धन को संभालने के लिए 11 ट्रंक भरे पड़े हैं। इन ट्रंकों में भरे नोटों की सही गणना करने के लिए धन गिनने वाली मशीनें लगाई गई हैं।

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद के मॉडल की आधारशिला रखने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। तृणमूल कांग्रेस से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने इस मामले में अपना रुख साफ कर दिया है और आधारशिला रखने की तारीख की घोषणा कर दी है। शुक्रवार को हुमायूं कबीर ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि बाबरी मस्जिद मॉडल की आधारशिला शनिवार यानी 6 दिसंबर को दोपहर 12 बजे से 2 बजे के बीच रखी जाएगी। उन्होंने बताया कि इस दौरान हजारों लोगों की मौजूदगी में पवित्र

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद के मॉडल की आधारशिला रखने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। तृणमूल कांग्रेस से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने इस मामले में अपना रुख साफ कर दिया है और आधारशिला रखने की तारीख की घोषणा कर दी है। शुक्रवार को हुमायूं कबीर ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि बाबरी मस्जिद मॉडल की आधारशिला शनिवार यानी 6 दिसंबर को दोपहर 12 बजे से 2 बजे के बीच रखी जाएगी। उन्होंने बताया कि इस दौरान हजारों लोगों की मौजूदगी में पवित्र

पश्चिम बंगाल में बाबरी मस्जिद निर्माण की घोषणा से उभरी नई बहस मुर्शिदाबाद में 6 दिसंबर को नींव रखने की तैयारी पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर धार्मिक प्रतीकों और चुनावी रणनीतियों के केंद्र में आ खड़ी हुई है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के विधायक हुमायूं कबीर द्वारा मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद निर्माण की घोषणा ने पूरे राज्य में राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि मस्जिद की नींव 6 दिसंबर को रखी जाएगी और निर्माण में लगभग तीन वर्ष लगने की संभावना है। मस्जिद निर्माण प्रस्ताव के पीछे उनका दावा है कि यह मुस्लिम समाज

पश्चिम बंगाल में बाबरी मस्जिद निर्माण की घोषणा से उभरी नई बहस मुर्शिदाबाद में 6 दिसंबर को नींव रखने की तैयारी पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर धार्मिक प्रतीकों और चुनावी रणनीतियों के केंद्र में आ खड़ी हुई है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के विधायक हुमायूं कबीर द्वारा मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद निर्माण की घोषणा ने पूरे राज्य में राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि मस्जिद की नींव 6 दिसंबर को रखी जाएगी और निर्माण में लगभग तीन वर्ष लगने की संभावना है। मस्जिद निर्माण प्रस्ताव के पीछे उनका दावा है कि यह मुस्लिम समाज

पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर धर्म और विवाद के घेरे में दिख रही है. तृणमूल कांग्रेस के बहरतपुर से विधायक हुमायूँ कबीर ने घोषणा की है कि मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद की नींव रखी जाएगी. यह वही तारीख है जब अयोध्या में बाबरी मस्जिद विध्वंस हुआ था और देशभर में इस दिन को कई संगठन विभिन्न स्वरूप में याद करते हैं. इस घोषणा के साथ ही राज्य का राजनीतिक माहौल अचानक गर्म हो गया है, क्योंकि उसी दिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी कोलकाता में साम्प्रदायिक सौहार्द हेतु

पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर धर्म और विवाद के घेरे में दिख रही है. तृणमूल कांग्रेस के बहरतपुर से विधायक हुमायूँ कबीर ने घोषणा की है कि मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद की नींव रखी जाएगी. यह वही तारीख है जब अयोध्या में बाबरी मस्जिद विध्वंस हुआ था और देशभर में इस दिन को कई संगठन विभिन्न स्वरूप में याद करते हैं. इस घोषणा के साथ ही राज्य का राजनीतिक माहौल अचानक गर्म हो गया है, क्योंकि उसी दिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी कोलकाता में साम्प्रदायिक सौहार्द हेतु