
Donald Trump Buffalo: बांग्लादेश में इन दिनों एक अनोखा भैंसा लोगों के बीच चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है। हल्के गुलाबी रंग और सिर पर अमेरिकी राष्ट्रपति जैसी हेयरस्टाइल के कारण इस दुर्लभ एल्बिनो भैंसे को लोगों ने ‘डोनाल्ड ट्रंप’ नाम दे दिया। सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें वायरल होने के बाद यह भैंसा इंटरनेट सेंसेशन बन गया और अब ईद-उल-अजहा से ठीक पहले इसकी बिक्री भी हो चुकी है। एल्बिनो नस्ल का भैंसा यह खास भैंसा बांग्लादेश की राजधानी ढाका के पास नारायणगंज जिले के राबेया एग्रो फार्म में पाला गया था। फार्म मालिक जियाउद्दीन मैरदा के अनुसार

Donald Trump Buffalo: बांग्लादेश में इन दिनों एक अनोखा भैंसा लोगों के बीच चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है। हल्के गुलाबी रंग और सिर पर अमेरिकी राष्ट्रपति जैसी हेयरस्टाइल के कारण इस दुर्लभ एल्बिनो भैंसे को लोगों ने ‘डोनाल्ड ट्रंप’ नाम दे दिया। सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें वायरल होने के बाद यह भैंसा इंटरनेट सेंसेशन बन गया और अब ईद-उल-अजहा से ठीक पहले इसकी बिक्री भी हो चुकी है। एल्बिनो नस्ल का भैंसा यह खास भैंसा बांग्लादेश की राजधानी ढाका के पास नारायणगंज जिले के राबेया एग्रो फार्म में पाला गया था। फार्म मालिक जियाउद्दीन मैरदा के अनुसार

Tarique Rahman: बांग्लादेश की राजनीति आज एक नए दौर में प्रवेश करने जा रही है। 2024 में शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद जो राजनीतिक खालीपन बना था, वह अब भरने जा रहा है। तारिक रहमान आज प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। तारिक रहमान, पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे हैं और लंबे समय तक विदेश में रहने के बाद उन्होंने वापसी की। लगभग 17 वर्षों के अंतराल के बाद उनकी यह वापसी केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से भी ऐतिहासिक मानी जा रही है। शपथ ग्रहण समारोह ढाका स्थित जातीय संसद के साउथ प्लाजा

Tarique Rahman: बांग्लादेश की राजनीति आज एक नए दौर में प्रवेश करने जा रही है। 2024 में शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद जो राजनीतिक खालीपन बना था, वह अब भरने जा रहा है। तारिक रहमान आज प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। तारिक रहमान, पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे हैं और लंबे समय तक विदेश में रहने के बाद उन्होंने वापसी की। लगभग 17 वर्षों के अंतराल के बाद उनकी यह वापसी केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से भी ऐतिहासिक मानी जा रही है। शपथ ग्रहण समारोह ढाका स्थित जातीय संसद के साउथ प्लाजा

Bangladesh Election Result: करीब 20 वर्षों से चली आ रही राजनीतिक धारा अब बदल चुकी है। इस चुनाव में तारिक रहमान के नेतृत्व में उनकी पार्टी ने 299 में से 212 सीटों पर जीत दर्ज कर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। यह जीत केवल सीटों का आंकड़ा नहीं है, बल्कि लंबे इंतजार के बाद वापसी की कहानी भी है। यह जनादेश सिर्फ सरकार बदलने का नहीं, बल्कि राजनीतिक विश्वास की पुनर्स्थापना का भी प्रतीक है। मतदाताओं ने इस बार किसी गठबंधन या अनिश्चितता को नहीं, बल्कि एक स्थिर सरकार को चुना है। अल्पसंख्यक चेहरों की उल्लेखनीय जीत इस चुनाव में

Bangladesh Election Result: करीब 20 वर्षों से चली आ रही राजनीतिक धारा अब बदल चुकी है। इस चुनाव में तारिक रहमान के नेतृत्व में उनकी पार्टी ने 299 में से 212 सीटों पर जीत दर्ज कर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। यह जीत केवल सीटों का आंकड़ा नहीं है, बल्कि लंबे इंतजार के बाद वापसी की कहानी भी है। यह जनादेश सिर्फ सरकार बदलने का नहीं, बल्कि राजनीतिक विश्वास की पुनर्स्थापना का भी प्रतीक है। मतदाताओं ने इस बार किसी गठबंधन या अनिश्चितता को नहीं, बल्कि एक स्थिर सरकार को चुना है। अल्पसंख्यक चेहरों की उल्लेखनीय जीत इस चुनाव में

Bangladesh Election Results 2026: अगस्त 2024 में बांग्लादेश की सड़कों पर जो छात्र आंदोलन उभरा था, उसने देश की राजनीति की दिशा बदल दी थी। उसी आंदोलन ने लंबे समय से सत्ता में रही सरकार को चुनौती दी और अंततः सत्ता परिवर्तन का रास्ता तैयार किया। उस समय युवाओं की ऊर्जा और बदलाव की मांग को देखकर लगा था कि राजनीति में एक नया अध्याय खुलने जा रहा है। इसी आंदोलन से निकली नेशनल सिटीजन पार्टी (NCP) ने खुद को एक नए और साफ-सुथरे विकल्प के रूप में पेश किया। लेकिन 13वें संसदीय चुनाव के नतीजों ने यह साफ कर

Bangladesh Election Results 2026: अगस्त 2024 में बांग्लादेश की सड़कों पर जो छात्र आंदोलन उभरा था, उसने देश की राजनीति की दिशा बदल दी थी। उसी आंदोलन ने लंबे समय से सत्ता में रही सरकार को चुनौती दी और अंततः सत्ता परिवर्तन का रास्ता तैयार किया। उस समय युवाओं की ऊर्जा और बदलाव की मांग को देखकर लगा था कि राजनीति में एक नया अध्याय खुलने जा रहा है। इसी आंदोलन से निकली नेशनल सिटीजन पार्टी (NCP) ने खुद को एक नए और साफ-सुथरे विकल्प के रूप में पेश किया। लेकिन 13वें संसदीय चुनाव के नतीजों ने यह साफ कर

Tarique Rehman: बांग्लादेश में हुए आम चुनाव के नतीजों ने देश की राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया है। वोटों की गिनती के साथ ही यह साफ हो गया है कि बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी यानी बीएनपी बहुमत के आंकड़े को पार कर चुकी है। 17 साल के लंबे अंतराल के बाद देश लौटे तारिक रहमान अब प्रधानमंत्री पद के सबसे प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। यह केवल एक चुनावी जीत नहीं, बल्कि एक ऐसे नेता की वापसी है जिसने निर्वासन, मुकदमों और राजनीतिक संघर्ष के बीच अपना रास्ता बनाया। चुनाव परिणामों ने साफ संकेत दिया है कि जनता बदलाव

Tarique Rehman: बांग्लादेश में हुए आम चुनाव के नतीजों ने देश की राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया है। वोटों की गिनती के साथ ही यह साफ हो गया है कि बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी यानी बीएनपी बहुमत के आंकड़े को पार कर चुकी है। 17 साल के लंबे अंतराल के बाद देश लौटे तारिक रहमान अब प्रधानमंत्री पद के सबसे प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। यह केवल एक चुनावी जीत नहीं, बल्कि एक ऐसे नेता की वापसी है जिसने निर्वासन, मुकदमों और राजनीतिक संघर्ष के बीच अपना रास्ता बनाया। चुनाव परिणामों ने साफ संकेत दिया है कि जनता बदलाव

Bangladesh Hindu Man Murder: बांग्लादेश में आम चुनाव के लिए मतदान से ठीक एक दिन पहले मौलवीबाजार जिले से आई एक दर्दनाक खबर ने पूरे माहौल को तनावपूर्ण बना दिया है। यहां 28 वर्षीय हिंदू युवक रतन साहूकार की बेरहमी से हत्या कर दी गई। उसका शव हाथ-पैर बंधी हालत में मिला, शरीर पर गहरे घाव थे और बताया जा रहा है कि जब शव बरामद हुआ, तब भी कुछ घावों से खून बह रहा था। इस घटना ने न केवल स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है, बल्कि अल्पसंख्यक समुदाय के भीतर एक बार फिर असुरक्षा की भावना को गहरा

Bangladesh Hindu Man Murder: बांग्लादेश में आम चुनाव के लिए मतदान से ठीक एक दिन पहले मौलवीबाजार जिले से आई एक दर्दनाक खबर ने पूरे माहौल को तनावपूर्ण बना दिया है। यहां 28 वर्षीय हिंदू युवक रतन साहूकार की बेरहमी से हत्या कर दी गई। उसका शव हाथ-पैर बंधी हालत में मिला, शरीर पर गहरे घाव थे और बताया जा रहा है कि जब शव बरामद हुआ, तब भी कुछ घावों से खून बह रहा था। इस घटना ने न केवल स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है, बल्कि अल्पसंख्यक समुदाय के भीतर एक बार फिर असुरक्षा की भावना को गहरा

Bangladesh Hindu Violence: बांग्लादेश में जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे वहां का माहौल और अधिक असहज व भयावह होता जा रहा है। लोकतंत्र का पर्व कहे जाने वाले चुनावी दौर में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर हो रहे हमले यह सवाल खड़ा करते हैं कि क्या बांग्लादेश में आज भी सभी नागरिक समान रूप से सुरक्षित हैं। हाल के दिनों में सामने आई घटनाएं सिर्फ अपराध नहीं, बल्कि समाज के भीतर पनप रही नफरत और कट्टरता का आईना हैं। नरसिंदी की घटना ने झकझोर दिया शुक्रवार की रात नरसिंदी जिले में जो हुआ, उसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया।

Bangladesh Hindu Violence: बांग्लादेश में जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे वहां का माहौल और अधिक असहज व भयावह होता जा रहा है। लोकतंत्र का पर्व कहे जाने वाले चुनावी दौर में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर हो रहे हमले यह सवाल खड़ा करते हैं कि क्या बांग्लादेश में आज भी सभी नागरिक समान रूप से सुरक्षित हैं। हाल के दिनों में सामने आई घटनाएं सिर्फ अपराध नहीं, बल्कि समाज के भीतर पनप रही नफरत और कट्टरता का आईना हैं। नरसिंदी की घटना ने झकझोर दिया शुक्रवार की रात नरसिंदी जिले में जो हुआ, उसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया।

T20 World Cup 2026: ICC मेन्स T-20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले बांग्लादेश क्रिकेट एक ऐसे मोड़ पर आ खड़ा हुआ है, जहां से वापसी की उम्मीद बेहद कमजोर नजर आ रही है। भारत में होने वाले इस बड़े टूर्नामेंट को लेकर सुरक्षा कारणों का हवाला देकर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने जो रुख अपनाया, वही अब उसके लिए सबसे बड़ा संकट बन गया है। टूर्नामेंट शुरू होने में महज कुछ ही दिन बचे हैं और बांग्लादेश की भागीदारी पर सवाल लगभग तय माने जा रहे हैं। ICC बोर्ड का स्पष्ट फैसला आईसीसी बोर्ड ने इस पूरे मामले में अपना रुख

T20 World Cup 2026: ICC मेन्स T-20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले बांग्लादेश क्रिकेट एक ऐसे मोड़ पर आ खड़ा हुआ है, जहां से वापसी की उम्मीद बेहद कमजोर नजर आ रही है। भारत में होने वाले इस बड़े टूर्नामेंट को लेकर सुरक्षा कारणों का हवाला देकर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने जो रुख अपनाया, वही अब उसके लिए सबसे बड़ा संकट बन गया है। टूर्नामेंट शुरू होने में महज कुछ ही दिन बचे हैं और बांग्लादेश की भागीदारी पर सवाल लगभग तय माने जा रहे हैं। ICC बोर्ड का स्पष्ट फैसला आईसीसी बोर्ड ने इस पूरे मामले में अपना रुख

T20 World Cup 2026: टी20 विश्व कप 2026 की तैयारियां अभी शुरुआती दौर में ही हैं, लेकिन भारत और बांग्लादेश के बीच क्रिकेट को लेकर तनाव खुलकर सामने आने लगा है। मामला सिर्फ एक टूर्नामेंट में खेलने या न खेलने का नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सुरक्षा, राजनीति और खेल प्रशासन की सीमाओं को भी उजागर करता है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड का भारत आने से इनकार और आईसीसी की सख्त प्रतिक्रिया इस पूरे विवाद को और गंभीर बना रही है। बांग्लादेश ने पहले ही साफ कर दिया था कि वह अपने खिलाड़ियों को भारत भेजने के पक्ष में

T20 World Cup 2026: टी20 विश्व कप 2026 की तैयारियां अभी शुरुआती दौर में ही हैं, लेकिन भारत और बांग्लादेश के बीच क्रिकेट को लेकर तनाव खुलकर सामने आने लगा है। मामला सिर्फ एक टूर्नामेंट में खेलने या न खेलने का नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सुरक्षा, राजनीति और खेल प्रशासन की सीमाओं को भी उजागर करता है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड का भारत आने से इनकार और आईसीसी की सख्त प्रतिक्रिया इस पूरे विवाद को और गंभीर बना रही है। बांग्लादेश ने पहले ही साफ कर दिया था कि वह अपने खिलाड़ियों को भारत भेजने के पक्ष में

बांग्लादेश में एक बड़े राजनीतिक हत्याकांड का खुलासा हुआ है। देश की पुलिस ने मंगलवार को साफ शब्दों में कहा कि छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या एक सोची-समझी साजिश थी। यह हत्या अवामी लीग के इशारे पर राजनीतिक प्रतिशोध के तहत की गई। इस मामले में पुलिस ने 17 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है और अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। यह मामला बांग्लादेश की राजनीति में एक नया मोड़ लेकर आया है। हत्या के पीछे की कहानी ढाका महानगर पुलिस की डिटेक्टिव ब्रांच के अतिरिक्त आयुक्त मोहम्मद शफीकुल इस्लाम ने प्रेस

बांग्लादेश में एक बड़े राजनीतिक हत्याकांड का खुलासा हुआ है। देश की पुलिस ने मंगलवार को साफ शब्दों में कहा कि छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या एक सोची-समझी साजिश थी। यह हत्या अवामी लीग के इशारे पर राजनीतिक प्रतिशोध के तहत की गई। इस मामले में पुलिस ने 17 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है और अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। यह मामला बांग्लादेश की राजनीति में एक नया मोड़ लेकर आया है। हत्या के पीछे की कहानी ढाका महानगर पुलिस की डिटेक्टिव ब्रांच के अतिरिक्त आयुक्त मोहम्मद शफीकुल इस्लाम ने प्रेस

IPL2026: आईपीएल 2026 की तैयारियों के बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड का एक फैसला चर्चा के केंद्र में आ गया है। बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को आगामी आईपीएल सीजन से बाहर करने का निर्णय केवल एक खेल से जुड़ा फैसला नहीं माना जा रहा, बल्कि इसके पीछे भावनाएं, राजनीति और मौजूदा सामाजिक माहौल भी जुड़ा हुआ है। दरअसल, बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों का मुद्दा सामने आने के बाद देश में आक्रोश का माहौल बना। इसी दौरान कोलकाता नाइट राइडर्स द्वारा आईपीएल 2026 के मिनी ऑक्शन में मुस्तफिजुर रहमान को खरीदने का फैसला कई लोगों को नागवार

IPL2026: आईपीएल 2026 की तैयारियों के बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड का एक फैसला चर्चा के केंद्र में आ गया है। बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को आगामी आईपीएल सीजन से बाहर करने का निर्णय केवल एक खेल से जुड़ा फैसला नहीं माना जा रहा, बल्कि इसके पीछे भावनाएं, राजनीति और मौजूदा सामाजिक माहौल भी जुड़ा हुआ है। दरअसल, बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों का मुद्दा सामने आने के बाद देश में आक्रोश का माहौल बना। इसी दौरान कोलकाता नाइट राइडर्स द्वारा आईपीएल 2026 के मिनी ऑक्शन में मुस्तफिजुर रहमान को खरीदने का फैसला कई लोगों को नागवार

Rajnath Singh: नई दिल्ली में गुरुवार का दिन भारत-बांग्लादेश संबंधों के लिहाज से भावनात्मक और कूटनीतिक दोनों ही दृष्टियों से अहम रहा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का बांग्लादेश उच्चायोग जाना केवल एक औपचारिक शोक यात्रा नहीं थी, बल्कि यह पड़ोसी देश के साथ भारत के रिश्तों में संवेदनशीलता, सम्मान और संवाद की निरंतरता का संकेत भी माना जा रहा है। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की अध्यक्ष रहीं बेगम खालिदा जिया के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित कर भारत ने यह साफ किया कि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर मानवीय संवेदना और पड़ोसी धर्म को प्राथमिकता दी जाती है।

Rajnath Singh: नई दिल्ली में गुरुवार का दिन भारत-बांग्लादेश संबंधों के लिहाज से भावनात्मक और कूटनीतिक दोनों ही दृष्टियों से अहम रहा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का बांग्लादेश उच्चायोग जाना केवल एक औपचारिक शोक यात्रा नहीं थी, बल्कि यह पड़ोसी देश के साथ भारत के रिश्तों में संवेदनशीलता, सम्मान और संवाद की निरंतरता का संकेत भी माना जा रहा है। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की अध्यक्ष रहीं बेगम खालिदा जिया के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित कर भारत ने यह साफ किया कि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर मानवीय संवेदना और पड़ोसी धर्म को प्राथमिकता दी जाती है।

Khaleda Zia Funeral: बांग्लादेश की राजनीति की सबसे प्रभावशाली और चर्चित चेहरों में शामिल रहीं पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की प्रमुख खालिदा जिया को आज ढाका में अंतिम विदाई दी जाएगी। उनके निधन की खबर के साथ ही न सिर्फ बांग्लादेश बल्कि दक्षिण एशिया की राजनीति में एक युग के अंत का एहसास गहराता जा रहा है। खालिदा जिया का निधन 80 वर्ष की आयु में मंगलवार सुबह हुआ। वे पिछले करीब 20 दिनों से गंभीर रूप से बीमार थीं और वेंटिलेटर सपोर्ट पर थीं। लंबे समय से अस्वस्थ रहने के बावजूद उनके समर्थकों को उम्मीद थी कि

Khaleda Zia Funeral: बांग्लादेश की राजनीति की सबसे प्रभावशाली और चर्चित चेहरों में शामिल रहीं पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की प्रमुख खालिदा जिया को आज ढाका में अंतिम विदाई दी जाएगी। उनके निधन की खबर के साथ ही न सिर्फ बांग्लादेश बल्कि दक्षिण एशिया की राजनीति में एक युग के अंत का एहसास गहराता जा रहा है। खालिदा जिया का निधन 80 वर्ष की आयु में मंगलवार सुबह हुआ। वे पिछले करीब 20 दिनों से गंभीर रूप से बीमार थीं और वेंटिलेटर सपोर्ट पर थीं। लंबे समय से अस्वस्थ रहने के बावजूद उनके समर्थकों को उम्मीद थी कि

Khaleda Zia: बांग्लादेश की राजनीति में एक लंबे और प्रभावशाली अध्याय का आज 30 दिसंबर को अंत हो गया। देश की पूर्व प्रधानमंत्री और पहली महिला प्रधानमंत्री रहीं खालिदा जिया ने 80 वर्ष की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया। उनके निधन की खबर सामने आते ही न केवल बांग्लादेश, बल्कि भारत और दक्षिण एशिया की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई। खालिदा जिया सिर्फ एक राजनेता नहीं थीं, बल्कि वह उस दौर की प्रतिनिधि थीं, जिसने बांग्लादेश को सैन्य शासन से लोकतंत्र की ओर ले जाने में अहम भूमिका निभाई। खालिदा जिया को अक्सर शेख हसीना के

Khaleda Zia: बांग्लादेश की राजनीति में एक लंबे और प्रभावशाली अध्याय का आज 30 दिसंबर को अंत हो गया। देश की पूर्व प्रधानमंत्री और पहली महिला प्रधानमंत्री रहीं खालिदा जिया ने 80 वर्ष की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया। उनके निधन की खबर सामने आते ही न केवल बांग्लादेश, बल्कि भारत और दक्षिण एशिया की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई। खालिदा जिया सिर्फ एक राजनेता नहीं थीं, बल्कि वह उस दौर की प्रतिनिधि थीं, जिसने बांग्लादेश को सैन्य शासन से लोकतंत्र की ओर ले जाने में अहम भूमिका निभाई। खालिदा जिया को अक्सर शेख हसीना के

बांग्लादेश में अगस्त 2024 में शेख हसीना की सरकार के गिरने के बाद जो उम्मीदें जगी थीं, वे अब टूटती नजर आ रही हैं। मुहम्मद युनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान देश में महिलाओं की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। नैतिक पुलिसिंग और महिलाओं के खिलाफ हिंसा की घटनाएं खतरनाक स्तर तक पहुंच गई हैं। एक अमेरिका में पढ़ी-लिखी बांग्लादेशी युवा महिला ने हाल ही में फोन पर कहा, “मैं अब इस देश में नहीं रहने वाली हूं।” उसकी आवाज में निराशा साफ झलक रही थी। यह वही महिला है जिसने अगस्त 2024 में हसीना सरकार के

बांग्लादेश में अगस्त 2024 में शेख हसीना की सरकार के गिरने के बाद जो उम्मीदें जगी थीं, वे अब टूटती नजर आ रही हैं। मुहम्मद युनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान देश में महिलाओं की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। नैतिक पुलिसिंग और महिलाओं के खिलाफ हिंसा की घटनाएं खतरनाक स्तर तक पहुंच गई हैं। एक अमेरिका में पढ़ी-लिखी बांग्लादेशी युवा महिला ने हाल ही में फोन पर कहा, “मैं अब इस देश में नहीं रहने वाली हूं।” उसकी आवाज में निराशा साफ झलक रही थी। यह वही महिला है जिसने अगस्त 2024 में हसीना सरकार के

बांग्लादेश में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। अब वहां संगीत कार्यक्रमों पर भी हमले हो रहे हैं। ताजा घटना फरीदपुर जिले की है जहां मशहूर रॉक स्टार जेम्स और उनके बैंड का कार्यक्रम हमले की वजह से रद्द करना पड़ा। यह हमला फरीदपुर जिला विद्यालय के 185वें वर्षगांठ समारोह के दौरान हुआ। इस हमले में करीब 25 से 30 लोग घायल हो गए हैं। आयोजकों का कहना है कि हमलावर बाहरी लोग थे जो कार्यक्रम में शामिल होने से वंचित रहने पर भड़क गए। फरीदपुर में क्या हुआ फरीदपुर जिला स्कूल अपनी 185वीं वर्षगांठ मना रहा था। इस खास

बांग्लादेश में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। अब वहां संगीत कार्यक्रमों पर भी हमले हो रहे हैं। ताजा घटना फरीदपुर जिले की है जहां मशहूर रॉक स्टार जेम्स और उनके बैंड का कार्यक्रम हमले की वजह से रद्द करना पड़ा। यह हमला फरीदपुर जिला विद्यालय के 185वें वर्षगांठ समारोह के दौरान हुआ। इस हमले में करीब 25 से 30 लोग घायल हो गए हैं। आयोजकों का कहना है कि हमलावर बाहरी लोग थे जो कार्यक्रम में शामिल होने से वंचित रहने पर भड़क गए। फरीदपुर में क्या हुआ फरीदपुर जिला स्कूल अपनी 185वीं वर्षगांठ मना रहा था। इस खास

Tarique Rahman: बांग्लादेश की राजनीति ने आज एक ऐसा दृश्य देखा, जो आने वाले वर्षों तक याद रखा जाएगा। सत्रह वर्षों के लंबे निर्वासन के बाद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान आखिरकार लंदन से ढाका लौट आए हैं। उनकी यह वापसी केवल एक नेता के स्वदेश लौटने की घटना नहीं है, बल्कि इसे बांग्लादेश की बदलती राजनीतिक धारा, सत्ता संघर्ष और आगामी आम चुनावों की दिशा तय करने वाले क्षण के रूप में देखा जा रहा है। तारिक रहमान बांग्लादेश एयरलाइंस की विशेष उड़ान से सिलहट के उस्मानी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रास्ते ढाका पहुंचे। सुबह करीब

Tarique Rahman: बांग्लादेश की राजनीति ने आज एक ऐसा दृश्य देखा, जो आने वाले वर्षों तक याद रखा जाएगा। सत्रह वर्षों के लंबे निर्वासन के बाद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान आखिरकार लंदन से ढाका लौट आए हैं। उनकी यह वापसी केवल एक नेता के स्वदेश लौटने की घटना नहीं है, बल्कि इसे बांग्लादेश की बदलती राजनीतिक धारा, सत्ता संघर्ष और आगामी आम चुनावों की दिशा तय करने वाले क्षण के रूप में देखा जा रहा है। तारिक रहमान बांग्लादेश एयरलाइंस की विशेष उड़ान से सिलहट के उस्मानी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रास्ते ढाका पहुंचे। सुबह करीब

बांग्लादेश में दीपू दास की मौत के मामले को लेकर बुधवार को हावड़ा ब्रिज के दोनों छोर पर विरोध प्रदर्शन की लहर उमड़ पड़ी। भारतीय जनता पार्टी यानी बीजेपी ने सेतु अवरोध का आह्वान किया था, जिसके बाद सुबह से ही इलाके में भारी अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को ब्रिज पर चढ़ने से पहले ही रोक दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की शुरू हो गई। नारेबाजी और सड़क पर बैठकर विरोध करने के कारण सेतु के आसपास वाहनों की लंबी कतार लग गई। प्रदर्शनकारियों का आरोप, शांतिपूर्ण कार्यक्रम को रोका गया मिछिल में शामिल लोगों का कहना

बांग्लादेश में दीपू दास की मौत के मामले को लेकर बुधवार को हावड़ा ब्रिज के दोनों छोर पर विरोध प्रदर्शन की लहर उमड़ पड़ी। भारतीय जनता पार्टी यानी बीजेपी ने सेतु अवरोध का आह्वान किया था, जिसके बाद सुबह से ही इलाके में भारी अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को ब्रिज पर चढ़ने से पहले ही रोक दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की शुरू हो गई। नारेबाजी और सड़क पर बैठकर विरोध करने के कारण सेतु के आसपास वाहनों की लंबी कतार लग गई। प्रदर्शनकारियों का आरोप, शांतिपूर्ण कार्यक्रम को रोका गया मिछिल में शामिल लोगों का कहना

Osman Hadi Murder: बांग्लादेश की राजनीति एक बार फिर हिंसा, आरोपों और साजिशों के भंवर में फंसती नजर आ रही है। चर्चित छात्र नेता और इंकिलाब मंच के संयोजक शरीफ उस्मान हादी की हत्या ने न सिर्फ देश को झकझोर दिया है, बल्कि आगामी राष्ट्रीय चुनावों पर भी गहरा सवालिया निशान लगा दिया है। यह हत्या अब सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं रह गई, बल्कि सत्ता, चुनाव और लोकतंत्र की दिशा तय करने वाली बहस का केंद्र बन चुकी है। हादी की मौत के बाद जिस तरह से आरोप-प्रत्यारोप शुरू हुए हैं, उन्होंने अंतरिम सरकार के नेतृत्व और उसकी नीयत

Osman Hadi Murder: बांग्लादेश की राजनीति एक बार फिर हिंसा, आरोपों और साजिशों के भंवर में फंसती नजर आ रही है। चर्चित छात्र नेता और इंकिलाब मंच के संयोजक शरीफ उस्मान हादी की हत्या ने न सिर्फ देश को झकझोर दिया है, बल्कि आगामी राष्ट्रीय चुनावों पर भी गहरा सवालिया निशान लगा दिया है। यह हत्या अब सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं रह गई, बल्कि सत्ता, चुनाव और लोकतंत्र की दिशा तय करने वाली बहस का केंद्र बन चुकी है। हादी की मौत के बाद जिस तरह से आरोप-प्रत्यारोप शुरू हुए हैं, उन्होंने अंतरिम सरकार के नेतृत्व और उसकी नीयत

Dipu Das Murder Case: बांग्लादेश के मयमनसिंह जिले से आई एक दर्दनाक और शर्मनाक घटना ने पूरे दक्षिण एशिया को झकझोर कर रख दिया है। 27 वर्षीय हिंदू युवक दीपू चंद्र दास को भीड़ द्वारा जिंदा जलाकर मार दिया गया। इस हत्या को शुरू में मजहबी उन्माद का रंग दिया गया, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, सच्चाई की परतें खुलती जा रही हैं। अब यह सवाल और भी गहराता जा रहा है कि क्या दीपू की हत्या सच में धर्म के नाम पर हुई या इसके पीछे निजी रंजिश, नौकरी और प्रमोशन का खेल था। यह मामला सिर्फ

Dipu Das Murder Case: बांग्लादेश के मयमनसिंह जिले से आई एक दर्दनाक और शर्मनाक घटना ने पूरे दक्षिण एशिया को झकझोर कर रख दिया है। 27 वर्षीय हिंदू युवक दीपू चंद्र दास को भीड़ द्वारा जिंदा जलाकर मार दिया गया। इस हत्या को शुरू में मजहबी उन्माद का रंग दिया गया, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, सच्चाई की परतें खुलती जा रही हैं। अब यह सवाल और भी गहराता जा रहा है कि क्या दीपू की हत्या सच में धर्म के नाम पर हुई या इसके पीछे निजी रंजिश, नौकरी और प्रमोशन का खेल था। यह मामला सिर्फ

Dipuchandra Das Murder: बांग्लादेश के मयमनसिंह में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की बेरहमी से हत्या ने न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया के हिंदू समाज को झकझोर कर रख दिया है। एक व्यक्ति की मौत अब सिर्फ आपराधिक घटना नहीं रह गई, बल्कि यह अल्पसंख्यकों की सुरक्षा, लोकतांत्रिक मूल्यों और पड़ोसी देशों के रिश्तों पर सीधा सवाल बन चुकी है। आज मंगलवार की सुबह दिल्ली में बांग्लादेशी हाई कमीशन के बाहर जनसैलाब उमड़ पड़ा. यह जनसैलाब इस बात का संकेत है कि यह मामला अब चुपचाप दबने वाला नहीं है। लोगों के हाथों में पोस्टर थे, आंखों में आक्रोश

Dipuchandra Das Murder: बांग्लादेश के मयमनसिंह में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की बेरहमी से हत्या ने न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया के हिंदू समाज को झकझोर कर रख दिया है। एक व्यक्ति की मौत अब सिर्फ आपराधिक घटना नहीं रह गई, बल्कि यह अल्पसंख्यकों की सुरक्षा, लोकतांत्रिक मूल्यों और पड़ोसी देशों के रिश्तों पर सीधा सवाल बन चुकी है। आज मंगलवार की सुबह दिल्ली में बांग्लादेशी हाई कमीशन के बाहर जनसैलाब उमड़ पड़ा. यह जनसैलाब इस बात का संकेत है कि यह मामला अब चुपचाप दबने वाला नहीं है। लोगों के हाथों में पोस्टर थे, आंखों में आक्रोश

मुंबई में आयोजित पत्रकार वार्ता में विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष और प्रसिद्ध अधिवक्ता श्री आलोक कुमार ने बांग्लादेश के मैमनसिंह शहर में घटी एक दिल दहला देने वाली घटना पर गहरा दुःख प्रकट किया। हिंदू युवक दीपु चंद्रदास की भीड़ द्वारा की गई हत्या ने पूरे विश्व में हिंदू समाज को झकझोर कर रख दिया है। यह घटना केवल एक व्यक्ति की हत्या नहीं, बल्कि मानवता और धर्मनिरपेक्षता पर एक गहरा प्रहार है। घटना का विवरण और परिस्थितियां श्री आलोक कुमार ने बताया कि दीपु चंद्रदास नामक युवक ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखी थी जिसमें उन्होंने लिखा

मुंबई में आयोजित पत्रकार वार्ता में विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष और प्रसिद्ध अधिवक्ता श्री आलोक कुमार ने बांग्लादेश के मैमनसिंह शहर में घटी एक दिल दहला देने वाली घटना पर गहरा दुःख प्रकट किया। हिंदू युवक दीपु चंद्रदास की भीड़ द्वारा की गई हत्या ने पूरे विश्व में हिंदू समाज को झकझोर कर रख दिया है। यह घटना केवल एक व्यक्ति की हत्या नहीं, बल्कि मानवता और धर्मनिरपेक्षता पर एक गहरा प्रहार है। घटना का विवरण और परिस्थितियां श्री आलोक कुमार ने बताया कि दीपु चंद्रदास नामक युवक ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखी थी जिसमें उन्होंने लिखा

बांग्लादेश में हिन्दुओं पर लगातार हो रहे अत्याचार और पश्चिम बंगाल में सनातनियों की उपेक्षा के खिलाफ शनिवार शाम को हावड़ा मैदान मेट्रो स्टेशन के पास एक विशाल विरोध प्रदर्शन हुआ। अंजनी पुत्र सेना के कार्यकर्ताओं ने इस प्रदर्शन में बांग्लादेश के अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद युनूस का पुतला जलाकर अपना गुस्सा जाहिर किया। शाम साढ़े पांच बजे शुरू हुए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में हिन्दू सनातनी समुदाय के लोग शामिल हुए और अपनी आवाज बुलंद की। बांग्लादेश में युवक के साथ हुई शर्मनाक घटना कुछ दिन पहले बांग्लादेश में एक हिन्दू युवक के साथ हुई शर्मनाक घटना

बांग्लादेश में हिन्दुओं पर लगातार हो रहे अत्याचार और पश्चिम बंगाल में सनातनियों की उपेक्षा के खिलाफ शनिवार शाम को हावड़ा मैदान मेट्रो स्टेशन के पास एक विशाल विरोध प्रदर्शन हुआ। अंजनी पुत्र सेना के कार्यकर्ताओं ने इस प्रदर्शन में बांग्लादेश के अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद युनूस का पुतला जलाकर अपना गुस्सा जाहिर किया। शाम साढ़े पांच बजे शुरू हुए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में हिन्दू सनातनी समुदाय के लोग शामिल हुए और अपनी आवाज बुलंद की। बांग्लादेश में युवक के साथ हुई शर्मनाक घटना कुछ दिन पहले बांग्लादेश में एक हिन्दू युवक के साथ हुई शर्मनाक घटना

Dipu Chandra Das: बांग्लादेश एक बार फिर सामाजिक तनाव, राजनीतिक अस्थिरता और अल्पसंख्यक सुरक्षा के गंभीर सवालों से घिर गया है। मैमनसिंह जिले के बालुका क्षेत्र में 27 वर्षीय सनातन हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की पीट-पीटकर हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया है। यह घटना केवल एक आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि उस डर और असुरक्षा का प्रतीक बन गई है, जो आज बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय महसूस कर रहा है। इसी बीच मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने शनिवार को जानकारी दी कि इस जघन्य हत्या के मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। रैपिड एक्शन बटालियन

Dipu Chandra Das: बांग्लादेश एक बार फिर सामाजिक तनाव, राजनीतिक अस्थिरता और अल्पसंख्यक सुरक्षा के गंभीर सवालों से घिर गया है। मैमनसिंह जिले के बालुका क्षेत्र में 27 वर्षीय सनातन हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की पीट-पीटकर हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया है। यह घटना केवल एक आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि उस डर और असुरक्षा का प्रतीक बन गई है, जो आज बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय महसूस कर रहा है। इसी बीच मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने शनिवार को जानकारी दी कि इस जघन्य हत्या के मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। रैपिड एक्शन बटालियन

पश्चिम बंगाल के स्वरूपनगर इलाके में स्थित हाकिमपुर सीमा पर एक बार फिर बड़ी संख्या में बांग्लादेशी नागरिक जमा हो गए हैं। पिछले कुछ दिनों से जारी यह सिलसिला आज भी जारी है। सीमा पर करीब सौ से अधिक बांग्लादेशी लोग अपने देश वापस जाने के इंतजार में खड़े हैं। इनमें से अधिकतर लोग अवैध तरीके से भारत में रह रहे थे और अब सीमा पार कर वापस अपने देश जाना चाहते हैं। यह स्थिति पिछले कई दिनों से बनी हुई है। हर रोज़ नए लोग सीमा पर पहुंच रहे हैं। कुछ लोग अपने परिवार के साथ आए हैं तो

पश्चिम बंगाल के स्वरूपनगर इलाके में स्थित हाकिमपुर सीमा पर एक बार फिर बड़ी संख्या में बांग्लादेशी नागरिक जमा हो गए हैं। पिछले कुछ दिनों से जारी यह सिलसिला आज भी जारी है। सीमा पर करीब सौ से अधिक बांग्लादेशी लोग अपने देश वापस जाने के इंतजार में खड़े हैं। इनमें से अधिकतर लोग अवैध तरीके से भारत में रह रहे थे और अब सीमा पार कर वापस अपने देश जाना चाहते हैं। यह स्थिति पिछले कई दिनों से बनी हुई है। हर रोज़ नए लोग सीमा पर पहुंच रहे हैं। कुछ लोग अपने परिवार के साथ आए हैं तो

शेख हसीना जब तक चाहें भारत में रह सकती हैं, विदेश मंत्री जयशंकर ने दिया आश्वासन भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को एक अहम बयान देते हुए पूर्व बांग्लादेशी प्रधानमंत्री शेख हसीना के भारत में ठहरने को लेकर स्पष्टता दी। उन्होंने कहा कि शेख हसीना का भारत में रहना पूरी तरह से उनका निजी फैसला है, लेकिन जिन हालात में वे यहां आईं, वे इस निर्णय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 78 वर्षीय शेख हसीना पिछले साल अगस्त में तब भारत आई थीं जब बांग्लादेश में उनकी 15 साल की सत्ता खूनी हिंसा के बीच समाप्त हो

शेख हसीना जब तक चाहें भारत में रह सकती हैं, विदेश मंत्री जयशंकर ने दिया आश्वासन भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को एक अहम बयान देते हुए पूर्व बांग्लादेशी प्रधानमंत्री शेख हसीना के भारत में ठहरने को लेकर स्पष्टता दी। उन्होंने कहा कि शेख हसीना का भारत में रहना पूरी तरह से उनका निजी फैसला है, लेकिन जिन हालात में वे यहां आईं, वे इस निर्णय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 78 वर्षीय शेख हसीना पिछले साल अगस्त में तब भारत आई थीं जब बांग्लादेश में उनकी 15 साल की सत्ता खूनी हिंसा के बीच समाप्त हो

शुक्रवार को दक्षिण एशियाई क्षेत्र में भूकंपीय गतिविधियों का सिलसिला जारी रहा। पाकिस्तान में तड़के भूकंप के झटकों के बाद, सुबह बांग्लादेश में केंद्रित एक और शक्तिशाली भूकंप ने भारत के पश्चिम बंगाल समेत कई क्षेत्रों को हिलाकर रख दिया। रिक्टर स्केल पर 5.7 तीव्रता के इस भूकंप ने लगभग 17 सेकंड तक धरती को डोलाया और लोगों में व्यापक दहशत फैल गई। बांग्लादेश के ढाका में रहा भूकंप का केंद्र जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार सुबह 10 बजकर 10 मिनट पर बांग्लादेश की राजधानी ढाका के आसपास 5.7 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप

शुक्रवार को दक्षिण एशियाई क्षेत्र में भूकंपीय गतिविधियों का सिलसिला जारी रहा। पाकिस्तान में तड़के भूकंप के झटकों के बाद, सुबह बांग्लादेश में केंद्रित एक और शक्तिशाली भूकंप ने भारत के पश्चिम बंगाल समेत कई क्षेत्रों को हिलाकर रख दिया। रिक्टर स्केल पर 5.7 तीव्रता के इस भूकंप ने लगभग 17 सेकंड तक धरती को डोलाया और लोगों में व्यापक दहशत फैल गई। बांग्लादेश के ढाका में रहा भूकंप का केंद्र जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार सुबह 10 बजकर 10 मिनट पर बांग्लादेश की राजधानी ढाका के आसपास 5.7 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप

बांग्लादेश में डेंगू संकट की विकरालता बांग्लादेश में डेंगू का संक्रमण वर्ष 2025 में एक बार फिर अपनी भयावहता का परिचय दे रहा है। देश में पिछले चौबीस घंटों के भीतर चार और लोगों की मृत्यु ने सरकार, स्वास्थ्य विभाग और आम जनता की चिंता को और गहरा कर दिया है। स्वास्थ्य महानिदेशालय द्वारा जारी ताजा आँकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में डेंगू से मरने वालों की संख्या बढ़कर 343 तक पहुँच गई है। महामारी के पैमाने और उसके फैलाव की गति को देखते हुए विशेषज्ञों का कहना है कि यह केवल मौसमी समस्या नहीं, बल्कि एक दीर्घकालिक सार्वजनिक स्वास्थ्य

बांग्लादेश में डेंगू संकट की विकरालता बांग्लादेश में डेंगू का संक्रमण वर्ष 2025 में एक बार फिर अपनी भयावहता का परिचय दे रहा है। देश में पिछले चौबीस घंटों के भीतर चार और लोगों की मृत्यु ने सरकार, स्वास्थ्य विभाग और आम जनता की चिंता को और गहरा कर दिया है। स्वास्थ्य महानिदेशालय द्वारा जारी ताजा आँकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में डेंगू से मरने वालों की संख्या बढ़कर 343 तक पहुँच गई है। महामारी के पैमाने और उसके फैलाव की गति को देखते हुए विशेषज्ञों का कहना है कि यह केवल मौसमी समस्या नहीं, बल्कि एक दीर्घकालिक सार्वजनिक स्वास्थ्य

भारत द्वारा शेख हसीना प्रत्यर्पण अनुरोध अस्वीकार करने की कानूनी संभावनाएं गहरी बांग्लादेश की अंतरिम सरकार का नया आग्रह और उसके निहितार्थ बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और पूर्व गृह मंत्री असदुज्ज़मान कमाल को भारत से प्रत्यर्पित करने का औपचारिक आग्रह दोबारा करने की घोषणा की है। ढाका से प्राप्त सूचनाओं के अनुसार, दोनों को जुलाई 2024 के छात्रों के आंदोलन के दौरान विरोध कर रहे लोगों की कथित हत्या के प्रकरण में मृत्यु-दंड दिया गया है। इस संदर्भ में अंतरिम प्रशासन के विधिक सलाहकार आसिफ नज़रुल ने स्पष्ट किया कि भारत को भेजे गए पिछले

भारत द्वारा शेख हसीना प्रत्यर्पण अनुरोध अस्वीकार करने की कानूनी संभावनाएं गहरी बांग्लादेश की अंतरिम सरकार का नया आग्रह और उसके निहितार्थ बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और पूर्व गृह मंत्री असदुज्ज़मान कमाल को भारत से प्रत्यर्पित करने का औपचारिक आग्रह दोबारा करने की घोषणा की है। ढाका से प्राप्त सूचनाओं के अनुसार, दोनों को जुलाई 2024 के छात्रों के आंदोलन के दौरान विरोध कर रहे लोगों की कथित हत्या के प्रकरण में मृत्यु-दंड दिया गया है। इस संदर्भ में अंतरिम प्रशासन के विधिक सलाहकार आसिफ नज़रुल ने स्पष्ट किया कि भारत को भेजे गए पिछले

ढाका हवाई अड्डे के कार्गो क्षेत्र में भीषण आग ढाका, बांग्लादेश – बांग्लादेश की राजधानी ढाका के हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के कार्गो विलेज इलाके में शनिवार दोपहर भीषण आग लग गई। आग की तीव्रता अत्यधिक होने के कारण हवाई अड्डे पर हड़कंप मच गया। इस आपात स्थिति में फायर सर्विस के 16 यूनिट मौके पर पहुंची, जबकि अन्य 16 यूनिट रास्ते में हैं। कार्गो क्षेत्र में आग लगने के कारण हवाई अड्डे पर सभी उड़ानों का संचालन फिलहाल रोक दिया गया है। चार उड़ानों को चटगांव के शाह अमानत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की ओर मोड़ दिया गया है।

ढाका हवाई अड्डे के कार्गो क्षेत्र में भीषण आग ढाका, बांग्लादेश – बांग्लादेश की राजधानी ढाका के हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के कार्गो विलेज इलाके में शनिवार दोपहर भीषण आग लग गई। आग की तीव्रता अत्यधिक होने के कारण हवाई अड्डे पर हड़कंप मच गया। इस आपात स्थिति में फायर सर्विस के 16 यूनिट मौके पर पहुंची, जबकि अन्य 16 यूनिट रास्ते में हैं। कार्गो क्षेत्र में आग लगने के कारण हवाई अड्डे पर सभी उड़ानों का संचालन फिलहाल रोक दिया गया है। चार उड़ानों को चटगांव के शाह अमानत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की ओर मोड़ दिया गया है।