
बांग्लादेश में एक बार फिर से राजनीतिक अस्थिरता और हिंसा का माहौल बनता जा रहा है। छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या के बाद से देश में तनाव की स्थिति बनी हुई है। अब उनके भाई शरीफ ओमर बिन हादी ने मैदान में उतरकर मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार को खुली चुनौती दे डाली है। ओमर का कहना है कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह कैंटोनमेंट और यूनुस के आवास जमुना का घेराव करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। बांग्लादेश में बढ़ता राजनीतिक संकट बांग्लादेश इन दिनों गहरे राजनीतिक संकट से गुजर रहा है। शेख हसीना सरकार के

बांग्लादेश में एक बार फिर से राजनीतिक अस्थिरता और हिंसा का माहौल बनता जा रहा है। छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या के बाद से देश में तनाव की स्थिति बनी हुई है। अब उनके भाई शरीफ ओमर बिन हादी ने मैदान में उतरकर मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार को खुली चुनौती दे डाली है। ओमर का कहना है कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह कैंटोनमेंट और यूनुस के आवास जमुना का घेराव करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। बांग्लादेश में बढ़ता राजनीतिक संकट बांग्लादेश इन दिनों गहरे राजनीतिक संकट से गुजर रहा है। शेख हसीना सरकार के

Bangladesh Crisis: बांग्लादेश की राजनीति एक बार फिर ऐसे मोड़ पर खड़ी है, जहां सरकार और सड़क के बीच दूरी तेजी से कम होती जा रही है। जिस अंतरिम सरकार को देश में स्थिरता लाने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को पटरी पर लाने की जिम्मेदारी दी गई थी, उसी सरकार के अस्तित्व पर अब सवाल खड़े होने लगे हैं। मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस की अगुवाई वाली अंतरिम व्यवस्था पर खतरे के बादल तब और गहरे हो गए, जब उसे सत्ता तक पहुंचाने में मदद करने वाले इंकलाब मंच ने ही समर्थन वापस लेने और आंदोलन की चेतावनी दे दी। यह महज

Bangladesh Crisis: बांग्लादेश की राजनीति एक बार फिर ऐसे मोड़ पर खड़ी है, जहां सरकार और सड़क के बीच दूरी तेजी से कम होती जा रही है। जिस अंतरिम सरकार को देश में स्थिरता लाने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को पटरी पर लाने की जिम्मेदारी दी गई थी, उसी सरकार के अस्तित्व पर अब सवाल खड़े होने लगे हैं। मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस की अगुवाई वाली अंतरिम व्यवस्था पर खतरे के बादल तब और गहरे हो गए, जब उसे सत्ता तक पहुंचाने में मदद करने वाले इंकलाब मंच ने ही समर्थन वापस लेने और आंदोलन की चेतावनी दे दी। यह महज

बांग्लादेश में चल रहे हालात को लेकर भारत में रह रहे उन लोगों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है जिनके परिवार के सदस्य और रिश्तेदार पड़ोसी देश में रहते हैं। पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में ऐसे कई लोग हैं जो अपने प्रियजनों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता में डूबे हुए हैं। एक तरफ राज्य में अपनी राजनीतिक गतिविधियां चल रही हैं तो दूसरी तरफ बांग्लादेश में बिगड़ते हालात ने कई परिवारों को परेशानी में डाल दिया है। मालदा के परिवारों में बढ़ती बेचैनी पुराना मालदा की रहने वाली जयंती मंडल इन दिनों बहुत परेशान हैं। उनके माता-पिता

बांग्लादेश में चल रहे हालात को लेकर भारत में रह रहे उन लोगों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है जिनके परिवार के सदस्य और रिश्तेदार पड़ोसी देश में रहते हैं। पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में ऐसे कई लोग हैं जो अपने प्रियजनों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता में डूबे हुए हैं। एक तरफ राज्य में अपनी राजनीतिक गतिविधियां चल रही हैं तो दूसरी तरफ बांग्लादेश में बिगड़ते हालात ने कई परिवारों को परेशानी में डाल दिया है। मालदा के परिवारों में बढ़ती बेचैनी पुराना मालदा की रहने वाली जयंती मंडल इन दिनों बहुत परेशान हैं। उनके माता-पिता

सम्पादकीय: बांग्लादेश की मांग और दक्षिण एशियाई राजनीति में उभरता तनाव बांग्लादेश में ऐतिहासिक निर्णय और उसका क्षेत्रीय प्रभाव बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय अपराध अधिकरण-1 (आईसीटी-1) ने 17 नवम्बर 2025 को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना और पूर्व गृह मंत्री असदुज्ज़मान खान कमाल को फांसी की सज़ा दी। यह निर्णय जुलाई–अगस्त 2024 के दौरान हुए भीषण छात्र आंदोलन और उससे जुड़े कथित नरसंहार तथा मानवता-विरोधी अपराधों के मामलों पर आधारित था। अधिकरण के इस निर्णय ने न केवल बांग्लादेश की घरेलू राजनीति में भूचाल ला दिया है, बल्कि दक्षिण एशिया की क्षेत्रीय कूटनीति में भी नई जटिलताएँ

सम्पादकीय: बांग्लादेश की मांग और दक्षिण एशियाई राजनीति में उभरता तनाव बांग्लादेश में ऐतिहासिक निर्णय और उसका क्षेत्रीय प्रभाव बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय अपराध अधिकरण-1 (आईसीटी-1) ने 17 नवम्बर 2025 को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना और पूर्व गृह मंत्री असदुज्ज़मान खान कमाल को फांसी की सज़ा दी। यह निर्णय जुलाई–अगस्त 2024 के दौरान हुए भीषण छात्र आंदोलन और उससे जुड़े कथित नरसंहार तथा मानवता-विरोधी अपराधों के मामलों पर आधारित था। अधिकरण के इस निर्णय ने न केवल बांग्लादेश की घरेलू राजनीति में भूचाल ला दिया है, बल्कि दक्षिण एशिया की क्षेत्रीय कूटनीति में भी नई जटिलताएँ

Sheikh Hasina Court Verdict: शेख हसीना की मुश्किलें बढ़ीं, 17 नवंबर को अदालत सुनाएगी फैसला नई दिल्ली। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के लिए आने वाला सप्ताह निर्णायक साबित हो सकता है। देश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) ने ऐलान किया है कि वह 17 नवंबर को उनके खिलाफ चल रहे मामले में फैसला सुनाएगा। इस मामले ने बांग्लादेश की राजनीति में भूचाल ला दिया है और देश की सियासी स्थिति पहले से अधिक अस्थिर हो गई है। छात्र आंदोलन और हिंसा का मामला जुलाई 2024 में बांग्लादेश में एक बड़े छात्र आंदोलन ने जन्म लिया था। यह आंदोलन

Sheikh Hasina Court Verdict: शेख हसीना की मुश्किलें बढ़ीं, 17 नवंबर को अदालत सुनाएगी फैसला नई दिल्ली। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के लिए आने वाला सप्ताह निर्णायक साबित हो सकता है। देश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) ने ऐलान किया है कि वह 17 नवंबर को उनके खिलाफ चल रहे मामले में फैसला सुनाएगा। इस मामले ने बांग्लादेश की राजनीति में भूचाल ला दिया है और देश की सियासी स्थिति पहले से अधिक अस्थिर हो गई है। छात्र आंदोलन और हिंसा का मामला जुलाई 2024 में बांग्लादेश में एक बड़े छात्र आंदोलन ने जन्म लिया था। यह आंदोलन