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Bengal SIR

West Bengal Voter List Controversy: पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची पर टीएमसी और चुनाव आयोग में तनाव

पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची विवाद: टीएमसी ने चुनाव आयोग पर लगाया सॉफ्टवेयर गड़बड़ी का आरोप

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर चुनाव आयोग और तृणमूल कांग्रेस के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। इस बार विवाद का केंद्र राज्य में चल रही मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया है। टीएमसी ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि एक रहस्यमय सॉफ्टवेयर के जरिए बड़े पैमाने पर वास्तविक मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। यह मुद्दा अब राज्य की राजनीति में गर्मा गया है और आने वाले चुनावों को देखते हुए इसकी अहमियत और भी बढ़ गई है। टीएमसी के गंभीर आरोप और सवाल तृणमूल कांग्रेस के राज्य

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Mamata Banerjee In The Supreme Court Summarised: बंगाल की मतदाता सूची पर ममता बनर्जी की सीधी लड़ाई

सुप्रीम कोर्ट में ममता बनर्जी की सीधी लड़ाई, बंगाल की मतदाता सूची पर बड़ा सवाल

सुप्रीम कोर्ट में ममता बनर्जी की आवाज Mamata Banerjee In The Supreme Court Summarised: बुधवार का दिन भारतीय राजनीति के लिए खास बन गया जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद सुप्रीम कोर्ट में खड़ी हुईं और चुनाव आयोग की विशेष मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया पर सवाल उठाए। आम नागरिक की तरह काले कोट और सफेद साड़ी में वह अदालत के पिछले हिस्से में बैठीं, करीब दो घंटे तक इंतजार किया और फिर जब उन्हें बोलने का मौका मिला तो उन्होंने अपनी बात खुलकर रखी। उन्होंने कहा कि बंगाल के लोगों के साथ बहुत बड़ा अन्याय हो रहा है

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SIR Hearing Kolkata: राज्य मंत्री शशि पांजा केशब एकेडमी में एसआईआर सुनवाई में पहुंचीं, रामदुलाल सिरकार स्ट्रीट स्थित केंद्र पर मौजूदगी | West Bengal Minister Shashi Panja spotted at SIR hearing at Keshab Academy 148, Ramdulal Sircar Street, Kolkata. Her presence during the electoral revision process sparks political debate. Opposition may raise questions.

SIR Hearing Kolkata: कोलकाता में एसआईआर सुनवाई में पहुंचे राज्य मंत्री शशि पांजा, केशब एकेडमी में दिखे

पश्चिम बंगाल की राज्य मंत्री शशि पांजा कोलकाता के रामदुलाल सिरकार स्ट्रीट पर स्थित केशब एकेडमी 148 में एसआईआर (सारांश संशोधन) सुनवाई प्रक्रिया के दौरान मौजूद रहीं। मंत्री की इस मौजूदगी ने राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना दिया है। एसआईआर प्रक्रिया पंचायत चुनाव की तैयारी का एक महत्वपूर्ण चरण है, जिसमें मतदाता सूची में सुधार और शिकायतों की सुनवाई होती है। राज्य मंत्री का इस प्रक्रिया के दौरान मौजूद रहना विपक्षी दलों के लिए सवाल खड़े कर सकता है। विपक्षी दल पहले से ही आरोप लगा रहे हैं कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस एसआईआर प्रक्रिया में हस्तक्षेप कर रही

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Mamata Banerjee on SIR: ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने का किया ऐलान

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने SIR मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट जाने की दी धमकी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर से चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। SIR यानी Summary of Inclusion and Revision प्रक्रिया को लेकर आम लोगों को हो रही परेशानियों का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को चिट्ठी लिखी है। इतना ही नहीं, ममता बनर्जी ने कहा है कि वह इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट भी जाएंगी और जरूरत पड़ी तो खुद ही लोगों की तरफ से पैरवी करेंगी। रविवार को गंगासागर में मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि

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SIR Hearing Bongaon: 85 साल के बुजुर्ग को सांस की तकलीफ में भी आना पड़ा, 20 किमी दूर से बुलाए गए लोग, परिवारों ने जताई नाराजगी

Bengal SIR: एसआईआर की सुनवाई में 20-25 किलोमीटर दूर से बुजुर्गों को बुलाया गया, सांस की तकलीफ और कमर दर्द में भी पहुंचे लोग

उत्तर 24 परगना के बनगांव ब्लॉक में दीघारई ग्राम पंचायत की एसआईआर (सोशल इकोनॉमिक रिव्यू) सुनवाई को लेकर स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बनगांव मदरसे में चल रही इस सुनवाई में 20 से 25 किलोमीटर दूर से बुजुर्गों और बीमार लोगों को बुलाया गया, जिससे उन्हें असहनीय कष्ट झेलना पड़ा। परिवारों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक सभी ने इस व्यवस्था पर नाराजगी जताई है। 85 वर्षीय बुजुर्ग सांस की तकलीफ में भी पहुंचे सुनवाई में सबसे दिल दहला देने वाला दृश्य तब सामने आया जब एक 85 वर्षीय बुजुर्ग, जो गंभीर सांस की तकलीफ से

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Trinamool MLA Disrupts SIR Hearing: हुगली में विधायक ने सुनवाई रोकी, बीएलए एंट्री की मांग पर बवाल

हुगली में तृणमूल विधायक ने एसआईआर सुनवाई रोकी, बीएलए की एंट्री की मांग; चुनाव आयोग ने रिपोर्ट मांगी

पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में सोमवार को एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला जब तृणमूल कांग्रेस के विधायक असित मजूमदार ने चिनसुरा-मोगरा ब्लॉक कार्यालय में चल रही विशेष गहन संशोधन सुनवाई को रोक दिया। यह घटना उस वक्त हुई जब चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची की जांच प्रक्रिया चल रही थी। विधायक ने बूथ स्तरीय कार्यकर्ताओं को सुनवाई प्रक्रिया में शामिल करने की जोरदार मांग की। विधायक का विरोध और मांगें चिनसुरा के विधायक असित मजूमदार ब्लॉक कार्यालय में घुस गए जब सुनवाई की प्रक्रिया चल रही थी। उन्होंने कहा कि बूथ स्तरीय कार्यकर्ताओं को इस प्रक्रिया में

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West Bengal SIR: रासबिहारी विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सुनवाई में लोगों की प्रतिक्रिया

कोलकाता दक्षिण में मतदाता सुनवाई कार्यक्रम में आम लोगों ने साझा किए अपने अनुभव

कोलकाता दक्षिण जिले के रासबिहारी विधानसभा क्षेत्र संख्या 160 में हाल ही में जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से एक खास मतदाता सुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में स्थानीय मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी राय तथा अनुभव साझा किए। यह पहल लोकतंत्र को और मजबूत बनाने की दिशा में एक सराहनीय कदम माना जा रहा है। मतदाता सुनवाई का उद्देश्य जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा आयोजित इस विशेष सुनवाई कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों की आवाज सुनना और चुनावी प्रक्रिया में आने वाली दिक्कतों को समझना था। पश्चिम बंगाल के कोलकाता दक्षिण जिले में यह पहल

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Hakimpur Checkpost Border News: SIR समाप्त होने के बाद भी हाकिमपुर चेकपोस्ट पर सैकड़ों बांग्लादेशी नागरिकों की भीड़

हाकिमपुर चेकपोस्ट पर सैकड़ों बांग्लादेशी नागरिकों की भीड़, SIR खत्म होने के बाद भी जारी है वापसी का सिलसिला

भारत-बांग्लादेश सीमा पर इन दिनों एक अनोखा दृश्य देखने को मिल रहा है। पश्चिम बंगाल के स्वरूपनगर थाना क्षेत्र में स्थित हाकिमपुर चेकपोस्ट पर सैकड़ों बांग्लादेशी नागरिकों की भीड़ लगी हुई है। दिलचस्प बात यह है कि SIR (स्टे इन रिपब्लिक) की समय सीमा समाप्त हुए तीन दिन हो चुके हैं, फिर भी ये लोग अपने देश वापस जाने के लिए यहां इकट्ठा हैं। सभी बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल) के निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं। जब मैं इस खबर को पढ़ता हूं, तो मन में कई सवाल उठते हैं। क्या ये लोग कानूनी रूप से यहां थे? SIR योजना

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Bengal SIR: तीन बच्चों के पिता को फॉर्म में दिखे पांच बच्चे, BDO के पास शिकायत दर्ज

Bengal SIR: बंगाल में एसआईआर फॉर्म से खुला फर्जी वोटरों का खेल, तीन की जगह पांच बच्चे दिखाए गए

SIR फॉर्म में क्या हुआ खुलासा रबींद्रनाथ बिश्वास जब अपना SIR फॉर्म देख रहे थे तो उन्हें बड़ा धक्का लगा। फॉर्म में उनके तीन असली बच्चों के अलावा राजू बिश्वास और बिशु बिश्वास नाम के दो और बच्चे दिखाए गए थे। रबींद्रनाथ का कहना है कि वह इन दोनों को जानते तक नहीं हैं। उनके इलाके में इन दोनों का घर भी नहीं है। किसी ने उनका नाम पिता के रूप में दिखाकर फर्जी वोटर बना दिया है। पांच सदस्यों के परिवार के लिए पांच लोगों का SIR फॉर्म आना था लेकिन BLO सात लोगों का फॉर्म लेकर आया। यह

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SIR Fear

कोलकाता में सूचीकरण फार्म न मिलने की आशंका ने ली जान: वृद्धा ने आत्मदाह कर दी प्राणोत्सर्ग

पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया पर भय का साया पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के आरम्भ होते ही जहाँ राज्य प्रशासन मतदाता सूची को अद्यतन करने में जुटा हुआ है, वहीं आम नागरिकों के बीच उत्पन्न चिंता और भ्रम ने कई जटिल परिस्थितियाँ खड़ी कर दी हैं। कोलकाता के पुरबा पुटियारी क्षेत्र में 67 वर्षीय जमुना मंडल द्वारा भयवश आत्मदाह किए जाने की घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। यह घटना न केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी है, बल्कि प्रशासनिक संवाद और जागरूकता की कमी पर गंभीर प्रश्न भी खड़े करती है। घटना और

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West Bengal SIR: मतदाता सूची में नाम जुड़वाने को लेकर प्रवासी श्रमिकों में चिंता, घर लौटें या काम बचाएं?

Bengal SIR: पश्चिम बंगाल के प्रवासी श्रमिकों की दुविधा, मतदाता सूची में नाम जोड़ने को लेकर काम या घर लौटने का संकट

पश्चिम बंगाल के प्रवासी श्रमिकों की दुविधा West Bengal SIR: पश्चिम बंगाल में इस महीने शुरू हुई विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया (SIR) ने प्रवासी श्रमिकों के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है — क्या वे अपने रोजगार को छोड़कर घर लौटें या फिर काम करते हुए नाम मतदाता सूची से छूटने का जोखिम उठाएँ? वोट के अधिकार और रोज़गार के बीच फंसे प्रवासी केरल के एर्नाकुलम जिले के अंगमाली में काम करने वाले 28 वर्षीय जयरूल मंडल के लिए यह निर्णय बेहद कठिन है। उनका कहना है, “फॉर्म आ चुके हैं, अगर हम भाग नहीं लेते तो

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Bengal SIR Form Process: पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची पुनरीक्षण के लिए ऑनलाइन फॉर्म कैसे भरें – पूरी प्रक्रिया जानें

Bengal SIR Form Process: पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची पुनरीक्षण की नई प्रक्रिया, अब घर बैठे करें ऑनलाइन पंजीकरण

विशेष गहन पुनरीक्षण की नई पहल Bengal SIR Form Process: पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है। इस बार राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं की सुविधा के लिए ऑनलाइन फॉर्म भरने की व्यवस्था शुरू की है। इससे वे मतदाता जो अपने नाम, पता या अन्य विवरण संशोधित कराना चाहते हैं, अब घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। SIR 2025 का उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन करना, नए मतदाताओं को जोड़ना और गलत विवरणों को ठीक करना है। पहले यह प्रक्रिया पूरी तरह ऑफलाइन थी, लेकिन अब इसे तकनीकी रूप

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Mamata Banerjee on Bengal SIR

Bengal SIR: ममता बनर्जी का ऐलान, जब तक बंगाल का हर नागरिक नहीं भरेगा मतदाता फार्म, मैं भी नहीं भरूंगी

Mamata Banerjee on Bengal SIR: ममता बनर्जी का ऐलान – जब तक हर नागरिक नहीं भरेगा फॉर्म, तब तक नहीं भरूंगी मैं कोलकाता। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की प्रक्रिया जारी है। इसी बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया है कि उन्होंने अभी तक गणना फार्म नहीं भरा है और तब तक नहीं भरेंगी जब तक राज्य का हर योग्य नागरिक अपना फार्म नहीं भर लेता। बीएलओ के घर पहुंचने पर शुरू हुआ विवाद बुधवार को बूथ लेवल अधिकारी (BLO) मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास

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Bengal SIR

Bengal SIR: बंगाल में मतदाता सूची पुनरीक्षण पर सियासी जंग, ममता बनर्जी ने कहा “जान दे दूंगी, अधिकार नहीं छिनने दूंगी”

मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर बंगाल में सियासी तूफान कोलकाता। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की शुरुआत के पहले ही दिन राज्य की राजनीति में जबरदस्त उथल-पुथल मच गई। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस ने एसआईआर के खिलाफ विशाल विरोध मार्च निकालकर केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखे हमले बोले। तृणमूल का विरोध मार्च और ममता का नेतृत्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं के साथ कोलकाता के ऐतिहासिक रेड रोड से लेकर जोड़ासांको ठाकुरबाड़ी तक चार किलोमीटर लंबा पैदल मार्च किया। यह प्रदर्शन मतदाता सूची पुनरीक्षण के कथित

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SIR in Bengal: मतदाता सूची पुनरीक्षण के बाद बांग्लादेशी घुसपैठियों में दहशत, सीमा पर बढ़ी बीएसएफ की चौकसी

Bengal SIR: एसआईआर घोषणा के बाद बंगाल में घुसपैठियों में दहशत, बांग्लादेश की ओर पलायन शुरू

एसआईआर का असर: बंगाल में मचा हड़कंप, सीमा से लौट रहे बांग्लादेशी घुसपैठिए कोलकाता: पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की घोषणा के बाद बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्याओं में दहशत फैल गई है।सूत्रों के अनुसार, सीमावर्ती जिलों से बड़ी संख्या में अवैध प्रवासी बांग्लादेश वापस भाग रहे हैं। बीएसएफ (BSF) ने पिछले चार दिनों में करीब 400 घुसपैठियों को सीमा पार करने की कोशिश में पकड़ा, जबकि पिछले तीन महीनों में 8,000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। घुसपैठियों में डर: ‘एसआईआर के बाद भेज देंगे वापस’ एसआईआर की घोषणा के बाद बंगाल के

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TMC Bengal SIR Abhishek Banerjee – अभिषेक बनर्जी ने SIR प्रक्रिया पर दी चेतावनी, कहा एक भी BLO को अकेला न छोड़ें

Bengal SIR: अभिषेक बनर्जी का निर्देश – “एक भी BLO को अकेला न छोड़ें”, पश्चिम बंगाल में SIR को लेकर TMC का सतर्क मोर्चा

अभिषेक बनर्जी का संदेश: SIR प्रक्रिया में ‘Silent Invisible Rigging’ का खतरा, TMC ने दी सख्त हिदायतें पश्चिम बंगाल में चल रही Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया के बीच सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने शुक्रवार को अपने कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने का निर्देश दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने साफ कहा — “एक भी बूथ लेवल अफ़सर (BLO) को एक मिनट के लिए भी अकेला न छोड़ा जाए।” उन्होंने कहा कि बीजेपी इस प्रक्रिया का इस्तेमाल आगामी 2026 विधानसभा चुनावों में मतदाता सूची में “चुपचाप गड़बड़ी करने” के लिए कर रही है। ‘Silent Invisible Rigging’ पर वार,

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SIR News: Voter List Revision 2025 - छत्तीसगढ़ में केवल 5 प्रतिशत मतदाताओं को ही देने होंगे दस्तावेज | Special Intensive Revision (SIR)

SIR News: मतदाता सूची पुनरीक्षण में नई व्यवस्था, केवल 5 प्रतिशत नागरिकों से ही मांगे जाएंगे दस्तावेज

Special Intensive Revision (SIR) News: छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुंच रही है। इस बार की प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुविधा को केंद्र में रखकर कई नई व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अनुसार, अब केवल 5 से 6 प्रतिशत मतदाताओं को ही दस्तावेज प्रस्तुत करने की आवश्यकता होगी, जबकि बाकी सभी मतदाताओं का सत्यापन स्वतः ही पूरा हो जाएगा। मतदाता सूची पुनरीक्षण का नया स्वरूप वर्ष 2003 के आधार पर छत्तीसगढ़ की मतदाता सूची को पुनः सत्यापित किया जा रहा है। इस बार

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SIR Revision West Bengal Election Commission News: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, कोई टकराव नहीं, चुनाव आयोग अपना कर्तव्य निभा रहा है | CEC Gyanesh Kumar says no confrontation, EC doing its duty

Bengal SIR: पश्चिम बंगाल में SIR पर टकराव की कोई स्थिति नहीं, चुनाव आयोग अपना काम कर रहा है: मुख्य चुनाव आयुक्त ग्यानेश कुमार

चुनाव आयोग की स्पष्टता: पश्चिम बंगाल में SIR पर कोई टकराव नहीं नई दिल्ली, 27 अक्टूबर 2025 —मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ग्यानेश कुमार ने सोमवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर किसी प्रकार के टकराव या मतभेद की स्थिति नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग अपना संवैधानिक दायित्व पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ निभा रहा है, वहीं राज्य सरकार की भी यह जिम्मेदारी है कि वह प्रशासनिक प्रक्रिया में सहयोग सुनिश्चित करे। SIR प्रक्रिया का दूसरा चरण शुरू मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि SIR का दूसरा चरण

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