
6 सीटों पर मिली हिस्सेदारी, पर दिखी निराशा की झलक एनडीए के सीट बंटवारे में हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा को कुल 6 विधानसभा सीटें दी गई हैं। सूत्रों के अनुसार, मांझी इससे पहले 10 से अधिक सीटों की उम्मीद लगाए बैठे थे। हालांकि उन्होंने मीडिया के सामने नाराजगी जाहिर नहीं की, लेकिन जानकार बताते हैं कि पार्टी के अंदरूनी हलकों में इस निर्णय को लेकर असंतोष व्याप्त है। एक वरिष्ठ हम नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि “हमारी पार्टी को जो सीटें मिली हैं, वे हमारी संगठनात्मक मजबूती के अनुपात में नहीं हैं। लेकिन फिलहाल मांझी जी

6 सीटों पर मिली हिस्सेदारी, पर दिखी निराशा की झलक एनडीए के सीट बंटवारे में हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा को कुल 6 विधानसभा सीटें दी गई हैं। सूत्रों के अनुसार, मांझी इससे पहले 10 से अधिक सीटों की उम्मीद लगाए बैठे थे। हालांकि उन्होंने मीडिया के सामने नाराजगी जाहिर नहीं की, लेकिन जानकार बताते हैं कि पार्टी के अंदरूनी हलकों में इस निर्णय को लेकर असंतोष व्याप्त है। एक वरिष्ठ हम नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि “हमारी पार्टी को जो सीटें मिली हैं, वे हमारी संगठनात्मक मजबूती के अनुपात में नहीं हैं। लेकिन फिलहाल मांझी जी

एनडीए में सीटों के बंटवारे के बाद बिहार की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। इस बार जेडीयू और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विपक्षी नेताओं के सीधे निशाने पर हैं। पूर्णिया के निर्दलीय सांसद और अब कांग्रेस पार्टी में शामिल हो चुके राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने एनडीए की सीट शेयरिंग को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की रणनीति स्पष्ट है — वह नीतीश कुमार की जेडीयू को धीरे-धीरे खत्म करने की दिशा में काम कर रही है। पप्पू यादव का सीधा आरोप भाजपा पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान पप्पू यादव

एनडीए में सीटों के बंटवारे के बाद बिहार की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। इस बार जेडीयू और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विपक्षी नेताओं के सीधे निशाने पर हैं। पूर्णिया के निर्दलीय सांसद और अब कांग्रेस पार्टी में शामिल हो चुके राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने एनडीए की सीट शेयरिंग को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की रणनीति स्पष्ट है — वह नीतीश कुमार की जेडीयू को धीरे-धीरे खत्म करने की दिशा में काम कर रही है। पप्पू यादव का सीधा आरोप भाजपा पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान पप्पू यादव

बिहार चुनाव 2025: उपेंद्र कुशवाहा ने उठाई 24 सीटों की मांग पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियों के बीच एनडीए गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर तनाव बढ़ गया है। राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLJD) अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने बीजेपी और जेडीयू से 24 सीटों की मांग की है। यह मांग गठबंधन में असमंजस और चर्चा का विषय बन गई है। कुशवाहा ने जिन सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है, उनमें उजियारपुर, महुआ, दिनारा, मधुबनी, सासाराम, ओबरा, कुर्था, शेखपुरा, गोह, सुल्तानगंज और बाजपट्टी शामिल हैं। बीजेपी और जेडीयू की प्रतिक्रिया हाल ही में कुशवाहा ने भाजपा के बिहार

बिहार चुनाव 2025: उपेंद्र कुशवाहा ने उठाई 24 सीटों की मांग पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियों के बीच एनडीए गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर तनाव बढ़ गया है। राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLJD) अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने बीजेपी और जेडीयू से 24 सीटों की मांग की है। यह मांग गठबंधन में असमंजस और चर्चा का विषय बन गई है। कुशवाहा ने जिन सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है, उनमें उजियारपुर, महुआ, दिनारा, मधुबनी, सासाराम, ओबरा, कुर्था, शेखपुरा, गोह, सुल्तानगंज और बाजपट्टी शामिल हैं। बीजेपी और जेडीयू की प्रतिक्रिया हाल ही में कुशवाहा ने भाजपा के बिहार

बिहार की राजनीति में हलचल तब बढ़ गई जब केंद्रीय एमएसएमई मंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर में आयोजित मिलन कार्यक्रम में अपनी Jeetan Ram Manjhi Political Strategy 2025 का खुलासा किया। मांझी ने साफ कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में उनकी पार्टी का लक्ष्य कम से कम 20 सीटें जीतना है। सदन में उपेक्षा की पीड़ा मांझी ने कहा कि वर्तमान समय में उनकी पार्टी के पास सिर्फ चार विधायक हैं और इसी वजह से विधानसभा में उनकी आवाज़ को गंभीरता से नहीं लिया जाता। उन्होंने

बिहार की राजनीति में हलचल तब बढ़ गई जब केंद्रीय एमएसएमई मंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर में आयोजित मिलन कार्यक्रम में अपनी Jeetan Ram Manjhi Political Strategy 2025 का खुलासा किया। मांझी ने साफ कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में उनकी पार्टी का लक्ष्य कम से कम 20 सीटें जीतना है। सदन में उपेक्षा की पीड़ा मांझी ने कहा कि वर्तमान समय में उनकी पार्टी के पास सिर्फ चार विधायक हैं और इसी वजह से विधानसभा में उनकी आवाज़ को गंभीरता से नहीं लिया जाता। उन्होंने