Rashtra Bharat Logo

Bihar SIR

कोर्ट में लेटलतीफी खत्म! देरी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, हाईकोर्ट्स के लिए जारी किए नए नियम

अब नहीं रुकेगी वोटर लिस्ट की जांच, सुप्रीम कोर्ट ने दी हरी झंडी, कहा- “SIR पूरी तरह से वैध”

Supreme Court on SIR: बिहार की राजनीति और चुनावी माहौल के बीच सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा शुरू की गई मतदाता सूची की “विशेष गहन पुनरीक्षण” यानी SIR प्रक्रिया को सही और कानूनी बताया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद अब बिहार में वोटर लिस्ट की जांच और अपडेट का काम जारी रहेगा। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने साफ कहा कि सिर्फ इसलिए इस प्रक्रिया को अवैध नहीं कहा जा सकता क्योंकि यह सामान्य वोटर लिस्ट अपडेट प्रक्रिया से अलग है। अदालत ने माना कि चुनाव

Updated:
Sanjay Singh on Bihar Duplicate Voters: संजय सिंह बोले – बिहार की मतदाता सूची में अब भी 5 लाख डुप्लीकेट वोटर, चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप

Bihar SIR: संजय सिंह का आरोप – बिहार की मतदाता सूची में अब भी मौजूद हैं 5 लाख ‘डुप्लीकेट वोटर’, चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप

संजय सिंह का गंभीर आरोप, चुनाव आयोग पर उठाए सवाल पटना, 31 अक्टूबर – आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि बिहार की मतदाता सूची में आज भी पांच लाख ‘डुप्लीकेट वोटर’ मौजूद हैं, जबकि चुनाव आयोग ने हाल ही में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) पूरा किया था। संजय सिंह ने कहा कि बिहार में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची में कई नाम बार-बार दर्ज हैं, जबकि लगभग एक लाख ऐसे वोटर भी हैं जिनके नाम और

Updated:
SIR News: Voter List Revision 2025 - छत्तीसगढ़ में केवल 5 प्रतिशत मतदाताओं को ही देने होंगे दस्तावेज | Special Intensive Revision (SIR)

SIR News: मतदाता सूची पुनरीक्षण में नई व्यवस्था, केवल 5 प्रतिशत नागरिकों से ही मांगे जाएंगे दस्तावेज

Special Intensive Revision (SIR) News: छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुंच रही है। इस बार की प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुविधा को केंद्र में रखकर कई नई व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अनुसार, अब केवल 5 से 6 प्रतिशत मतदाताओं को ही दस्तावेज प्रस्तुत करने की आवश्यकता होगी, जबकि बाकी सभी मतदाताओं का सत्यापन स्वतः ही पूरा हो जाएगा। मतदाता सूची पुनरीक्षण का नया स्वरूप वर्ष 2003 के आधार पर छत्तीसगढ़ की मतदाता सूची को पुनः सत्यापित किया जा रहा है। इस बार

Updated: