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CJI B R Gavai: न्यायपालिका की शक्ति जनता के विश्वास में है, न कि तलवार में

न्यायपालिका की ताकत जनता के विश्वास में निहित है, न कि तलवार में: मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई

न्यायपालिका की भूमिका और उसकी सीमाएँ भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने बुधवार को महाराष्ट्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एमएनएलयू) मुंबई में आयोजित एक समारोह में कहा कि न्यायपालिका की असली शक्ति जनता के विश्वास में निहित है। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका के पास कोई तलवार जैसी ताकत नहीं होती, बल्कि यह संविधान और कानूनों की व्याख्या के माध्यम से देश में न्याय स्थापित करती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के तीनों स्तंभ — विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका — मिलकर देश के नागरिकों के कल्याण के लिए काम करते हैं। कोई भी संस्था अपने आप में अलग या सर्वोच्च नहीं

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New CJI of India

New CJI: भारत को मिलेगा नया मुख्य न्यायाधीश, न्यायमूर्ति सूर्यकांत संभालेंगे सर्वोच्च न्यायालय की कमान

भारत को मिलेगा नया मुख्य न्यायाधीश: न्यायमूर्ति सूर्यकांत संभालेंगे सर्वोच्च न्यायालय की कमान भारत के सर्वोच्च न्यायालय में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। मौजूदा मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति बी.आर. गवई के 23 नवंबर 2025 को सेवानिवृत्त होने के बाद, देश को एक नया मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice of India) मिलने जा रहा है। परंपरा के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश को यह जिम्मेदारी सौंपी जाती है, और इस बार यह सम्मान न्यायमूर्ति सूर्यकांत को मिलने वाला है। मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति प्रक्रिया: परंपरा और नियम सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के न्यायाधीशों की नियुक्ति प्रक्रिया का

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Chief Justice B.R. Gavai Credits Constitution for Rise | बी.आर. गवई बोले – संविधान ने दलित परिवार से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचाया

मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई बोले — संविधान ने एक दलित परिवार से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचने का रास्ता बनाया

मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई बोले — “संविधान ने मुझे दलित परिवार से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचाया” भारत के मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई, जो सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में पहले बौद्ध मुख्य न्यायाधीश हैं, ने अपने जीवन के सफर और भारतीय संविधान की भूमिका पर भावुकता से बातें कीं।उन्होंने कहा कि यदि डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान न होता, तो शायद आज वह भारत के सर्वोच्च न्यायालय के शीर्ष पद तक नहीं पहुंच पाते। महाराष्ट्र के रत्नागिरी और वियतनाम में दिया संबोधन मुख्य न्यायाधीश गवई ने 12 अक्टूबर को महाराष्ट्र के रत्नागिरी में और 11 अक्टूबर को वियतनाम में आयोजित

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