नागपुर उच्च न्यायालय ने ब्रह्मोस मिसाइल परियोजना से जुड़े वैज्ञानिक निशांत अग्रवाल को एक बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ लगाए गए जासूसी के गंभीर आरोपों को खारिज कर दिया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि इस मामले में जासूसी के आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त और ठोस सबूत नहीं मिले। इस फैसले के साथ ही उन पर सत्र न्यायालय द्वारा सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा को रद्द कर दिया गया है। हालांकि, न्यायालय ने गोपनीय और संवेदनशील दस्तावेजों को अनधिकृत रूप से अपने पास रखने के आरोप को सही माना है और इस कारण तीन वर्ष