
महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला महाराष्ट्र सरकार ने 27 जनवरी 2026 को एक अहम बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। इनमें सबसे खास फैसला राज्य की औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं में पीएम सेतू योजना को लागू करने का है। यह योजना राज्य के युवाओं के भविष्य को संवारने में एक बड़ी भूमिका निभाएगी। इसके साथ ही मंत्रिमंडल ने ठेकेदारों के भुगतान, सहकारी सूतगिरणी के पुनरुद्धार और भूमि पट्टे से जुड़े कई अन्य फैसले भी लिए हैं। राज्य सरकार का यह कदम युवाओं को कौशल विकास और रोजगार के नए अवसर प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। पीएम

महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला महाराष्ट्र सरकार ने 27 जनवरी 2026 को एक अहम बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। इनमें सबसे खास फैसला राज्य की औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं में पीएम सेतू योजना को लागू करने का है। यह योजना राज्य के युवाओं के भविष्य को संवारने में एक बड़ी भूमिका निभाएगी। इसके साथ ही मंत्रिमंडल ने ठेकेदारों के भुगतान, सहकारी सूतगिरणी के पुनरुद्धार और भूमि पट्टे से जुड़े कई अन्य फैसले भी लिए हैं। राज्य सरकार का यह कदम युवाओं को कौशल विकास और रोजगार के नए अवसर प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। पीएम

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में होने वाली अगली जनगणना के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने जनगणना 2027 के लिए 11,718 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी है। यह जनगणना देश के इतिहास में पहली बार पूरी तरह से डिजिटल तरीके से होगी। नई दिल्ली में आज मीडिया को जानकारी देते हुए सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस फैसले की घोषणा की। मंत्री ने बताया कि जनगणना 2027 को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहला चरण और दूसरा चरण मिलकर इस बड़े काम को अंजाम देंगे। यह भारत की 16वीं जनगणना होगी और

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में होने वाली अगली जनगणना के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने जनगणना 2027 के लिए 11,718 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी है। यह जनगणना देश के इतिहास में पहली बार पूरी तरह से डिजिटल तरीके से होगी। नई दिल्ली में आज मीडिया को जानकारी देते हुए सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस फैसले की घोषणा की। मंत्री ने बताया कि जनगणना 2027 को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहला चरण और दूसरा चरण मिलकर इस बड़े काम को अंजाम देंगे। यह भारत की 16वीं जनगणना होगी और

Cabinet Decisions: प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने तमिलनाडु में मरक्कनम- पुडुचेरी (46 किलोमीटर) 4-लेन राजमार्ग के निर्माण को मंज़ूरी दे दी है। इस परियोजना का विकास हाइब्रिड एन्युइटी मोड (एचएएम) के तहत किया जाएगा, जिसकी कुल पूंजीगत लागत 2,157 करोड़ रुपये होगी। वर्तमान में, चेन्नई, पुडुचेरी, विलुप्पुरम और नागपट्टिनम के बीच संपर्क मौजूदा 2-लेन राष्ट्रीय राजमार्ग 332ए (एनएच-332ए) और संबंधित राज्य राजमार्गों पर निर्भर है, जहां यातायात की अधिकता के कारण, विशेष रूप से घनी आबादी वाले क्षेत्रों और गलियारे वाले प्रमुख कस्बों में, काफी भीड़भाड़ रहती है। इन चुनौतियों का समाधान करने के लिए,

Cabinet Decisions: प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने तमिलनाडु में मरक्कनम- पुडुचेरी (46 किलोमीटर) 4-लेन राजमार्ग के निर्माण को मंज़ूरी दे दी है। इस परियोजना का विकास हाइब्रिड एन्युइटी मोड (एचएएम) के तहत किया जाएगा, जिसकी कुल पूंजीगत लागत 2,157 करोड़ रुपये होगी। वर्तमान में, चेन्नई, पुडुचेरी, विलुप्पुरम और नागपट्टिनम के बीच संपर्क मौजूदा 2-लेन राष्ट्रीय राजमार्ग 332ए (एनएच-332ए) और संबंधित राज्य राजमार्गों पर निर्भर है, जहां यातायात की अधिकता के कारण, विशेष रूप से घनी आबादी वाले क्षेत्रों और गलियारे वाले प्रमुख कस्बों में, काफी भीड़भाड़ रहती है। इन चुनौतियों का समाधान करने के लिए,