
पंडुम कैफे: बस्तर के भय से आशा की ओर का महत्वपूर्ण सफर बस्तर के घने जंगलों में जहाँ कभी बंदूकों की आवाजें सुनाई देती थीं वहाँ अब कॉफी के प्याले की मीठी खनक सुनाई दे रही है। यह शांत क्रांति का प्रतीक है जो छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साई के द्वारा पुलिस लाइन्स परिसर में स्थित ‘पंडुम कैफे’ का उद्घाटन करके शुरू हुई है। इस छोटे से कैफे का महत्व सिर्फ खाना परोसने तक सीमित नहीं है बल्कि यह उन लोगों के लिए नए जीवन की शुरुआत है जो कभी नक्सलवाद में फंसे हुए थे। पंडुम कैफे के कर्मचारियों

पंडुम कैफे: बस्तर के भय से आशा की ओर का महत्वपूर्ण सफर बस्तर के घने जंगलों में जहाँ कभी बंदूकों की आवाजें सुनाई देती थीं वहाँ अब कॉफी के प्याले की मीठी खनक सुनाई दे रही है। यह शांत क्रांति का प्रतीक है जो छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साई के द्वारा पुलिस लाइन्स परिसर में स्थित ‘पंडुम कैफे’ का उद्घाटन करके शुरू हुई है। इस छोटे से कैफे का महत्व सिर्फ खाना परोसने तक सीमित नहीं है बल्कि यह उन लोगों के लिए नए जीवन की शुरुआत है जो कभी नक्सलवाद में फंसे हुए थे। पंडुम कैफे के कर्मचारियों

हिंसा छोड़कर लौटे बस्तर के माओवादी छत्तीसगढ़ सरकार की व्यापक नक्सल उन्मूलन नीति के परिणामस्वरूप दण्डकारण्य क्षेत्र के लगभग 200 माओवादी कैडर, जिनमें वरिष्ठतम नेता भी शामिल हैं, ने हिंसा का मार्ग छोड़कर सामाजिक मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है। सरकार, पुलिस, सुरक्षा बल, स्थानीय प्रशासन और जागरूक समाज के निरंतर प्रयासों का यह निर्णायक परिणाम है। शांति, संवाद और विकास पर केंद्रित प्रयासों ने कई कैडरों को सम्मानजनक और सौहार्दपूर्ण जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया है। औपचारिक पुनर्समावेशन समारोह इन कैडरों के औपचारिक पुनर्समावेशन समारोह का आयोजन रिजर्व पुलिस लाइन, जगदलपुर (जिला बस्तर) में शुक्रवार, 17 अक्टूबर

हिंसा छोड़कर लौटे बस्तर के माओवादी छत्तीसगढ़ सरकार की व्यापक नक्सल उन्मूलन नीति के परिणामस्वरूप दण्डकारण्य क्षेत्र के लगभग 200 माओवादी कैडर, जिनमें वरिष्ठतम नेता भी शामिल हैं, ने हिंसा का मार्ग छोड़कर सामाजिक मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है। सरकार, पुलिस, सुरक्षा बल, स्थानीय प्रशासन और जागरूक समाज के निरंतर प्रयासों का यह निर्णायक परिणाम है। शांति, संवाद और विकास पर केंद्रित प्रयासों ने कई कैडरों को सम्मानजनक और सौहार्दपूर्ण जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया है। औपचारिक पुनर्समावेशन समारोह इन कैडरों के औपचारिक पुनर्समावेशन समारोह का आयोजन रिजर्व पुलिस लाइन, जगदलपुर (जिला बस्तर) में शुक्रवार, 17 अक्टूबर

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलियों की बर्बरता एक बार फिर उजागर हुई है। जिले के इलमीदी थाना क्षेत्र के उजाला कांकेर गांव में भाजपा नेता पूनम सत्यम की नक्सलियों ने बेरहमी से हत्या कर दी। यह घटना रात के समय हुई, जब नक्सलियों ने सत्यम को उनके घर से बाहर बुलाया और फिर जबरदस्ती गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी। घटना का विवरण सूत्रों के अनुसार, घटना की रात नक्सलियों ने गांव में सन्नाटा कर दिया था। पूनम सत्यम को बाहर बुलाने के बाद, उन्हें घेरकर मार डाला गया। इस वारदात के बाद मौके से एक पर्चा बरामद हुआ,

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलियों की बर्बरता एक बार फिर उजागर हुई है। जिले के इलमीदी थाना क्षेत्र के उजाला कांकेर गांव में भाजपा नेता पूनम सत्यम की नक्सलियों ने बेरहमी से हत्या कर दी। यह घटना रात के समय हुई, जब नक्सलियों ने सत्यम को उनके घर से बाहर बुलाया और फिर जबरदस्ती गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी। घटना का विवरण सूत्रों के अनुसार, घटना की रात नक्सलियों ने गांव में सन्नाटा कर दिया था। पूनम सत्यम को बाहर बुलाने के बाद, उन्हें घेरकर मार डाला गया। इस वारदात के बाद मौके से एक पर्चा बरामद हुआ,

बस्तर में अमित शाह का नक्सलियों को अंतिम संदेश केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में नक्सलियों को अंतिम चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलियों को हथियार डालने होंगे, और इसके बाद किसी भी प्रकार की बातचीत की कोई संभावना नहीं होगी। अमित शाह ने कहा कि सरकार बस्तर और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। “अब बात करने के लिए कुछ नहीं बचा” जगदलपुर में ‘बस्तर दशहरा लोकोत्सव’ और ‘स्वदेशी मेला’ को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा,“अब बात करने की क्या बात

बस्तर में अमित शाह का नक्सलियों को अंतिम संदेश केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में नक्सलियों को अंतिम चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलियों को हथियार डालने होंगे, और इसके बाद किसी भी प्रकार की बातचीत की कोई संभावना नहीं होगी। अमित शाह ने कहा कि सरकार बस्तर और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। “अब बात करने के लिए कुछ नहीं बचा” जगदलपुर में ‘बस्तर दशहरा लोकोत्सव’ और ‘स्वदेशी मेला’ को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा,“अब बात करने की क्या बात

बीजापुर मुठभेड़ में एक नक्सली ढेर छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में एक माओवादी को मार गिराया गया। यह मुठभेड़ गंगालूर थाना क्षेत्र में हुई, जहाँ माओवादियों की गतिविधियों की सूचना मिलने पर सुरक्षाबलों ने गश्त पर रवाना किया। मुठभेड़ का विवरण सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच गोलीबारी लगभग सुबह 11 बजे शुरू हुई और रूक-रूककर अभी तक जारी है। अधिकारियों के अनुसार, अब तक मुठभेड़ स्थल से एक माओवादी का शव, हथियार, विस्फोटक सामग्री और माओवादी सामग्री बरामद की गई है। सुरक्षा कारणों से जानकारी सीमित अभियान अभी जारी है, इसलिए मुठभेड़

बीजापुर मुठभेड़ में एक नक्सली ढेर छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में एक माओवादी को मार गिराया गया। यह मुठभेड़ गंगालूर थाना क्षेत्र में हुई, जहाँ माओवादियों की गतिविधियों की सूचना मिलने पर सुरक्षाबलों ने गश्त पर रवाना किया। मुठभेड़ का विवरण सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच गोलीबारी लगभग सुबह 11 बजे शुरू हुई और रूक-रूककर अभी तक जारी है। अधिकारियों के अनुसार, अब तक मुठभेड़ स्थल से एक माओवादी का शव, हथियार, विस्फोटक सामग्री और माओवादी सामग्री बरामद की गई है। सुरक्षा कारणों से जानकारी सीमित अभियान अभी जारी है, इसलिए मुठभेड़

Bijapur Maoists Surrender: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों के सामने 103 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। यह संख्या अब तक का सबसे बड़ा एक साथ सरेंडर माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वालों में 22 महिलाएं भी शामिल हैं और इनमें कई उच्च पदों पर रहे माओवादी भी शामिल हैं। आत्मसमर्पण करने वालों पर इनाम अधिकारियों ने बताया कि 49 माओवादियों पर कुल 1.63 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। इसमें डिविजनल कमेटी सदस्य, प्लाटून पार्टी कमेटी सदस्य, एरिया कमेटी सदस्य, मिलिशिया कमांडर और जनताना सरकार अध्यक्ष जैसे पदों पर रहे माओवादी शामिल थे। उदाहरण

Bijapur Maoists Surrender: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों के सामने 103 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। यह संख्या अब तक का सबसे बड़ा एक साथ सरेंडर माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वालों में 22 महिलाएं भी शामिल हैं और इनमें कई उच्च पदों पर रहे माओवादी भी शामिल हैं। आत्मसमर्पण करने वालों पर इनाम अधिकारियों ने बताया कि 49 माओवादियों पर कुल 1.63 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। इसमें डिविजनल कमेटी सदस्य, प्लाटून पार्टी कमेटी सदस्य, एरिया कमेटी सदस्य, मिलिशिया कमांडर और जनताना सरकार अध्यक्ष जैसे पदों पर रहे माओवादी शामिल थे। उदाहरण