
Sonia Gandhi: कल सोमवार की रात कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी को सीने में दर्द और सांस लेने में तकलीफ महसूस हुई, जिसके बाद उन्हें तुरंत सर गंगाराम अस्पताल ले जाया गया। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ कि कोई गंभीर हृदय संबंधी आपात स्थिति नहीं है, लेकिन उनकी अस्थमा की समस्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई। डॉक्टरों के मुताबिक, सर्दी के मौसम और दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण ने इस समस्या को और गंभीर बना दिया। डॉक्टरों की निगरानी में स्थिर स्थिति सर गंगाराम अस्पताल के चेयरमैन डॉ. अजय स्वरूप ने जानकारी दी कि सोनिया गांधी की हालत पूरी

Sonia Gandhi: कल सोमवार की रात कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी को सीने में दर्द और सांस लेने में तकलीफ महसूस हुई, जिसके बाद उन्हें तुरंत सर गंगाराम अस्पताल ले जाया गया। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ कि कोई गंभीर हृदय संबंधी आपात स्थिति नहीं है, लेकिन उनकी अस्थमा की समस्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई। डॉक्टरों के मुताबिक, सर्दी के मौसम और दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण ने इस समस्या को और गंभीर बना दिया। डॉक्टरों की निगरानी में स्थिर स्थिति सर गंगाराम अस्पताल के चेयरमैन डॉ. अजय स्वरूप ने जानकारी दी कि सोनिया गांधी की हालत पूरी

राजधानी दिल्ली के लिए प्रदूषण एक पुरानी समस्या है जो हर साल सर्दियों के मौसम में और भी गंभीर हो जाती है। लेकिन अब एक नया खतरा सामने आया है जो प्रदूषण से भी ज्यादा चिंताजनक साबित हो सकता है। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की एक ताजा रिसर्च में यह बात सामने आई है कि दिल्ली-एनसीआर की हवा में अब खतरनाक दवा-प्रतिरोधी बैक्टीरिया भी फैल रहे हैं। यह बैक्टीरिया सर्दियों के मौसम में सबसे ज्यादा सक्रिय होते हैं और लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं। जेएनयू के शोध में हुआ चौंकाने वाला खुलासा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय

राजधानी दिल्ली के लिए प्रदूषण एक पुरानी समस्या है जो हर साल सर्दियों के मौसम में और भी गंभीर हो जाती है। लेकिन अब एक नया खतरा सामने आया है जो प्रदूषण से भी ज्यादा चिंताजनक साबित हो सकता है। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की एक ताजा रिसर्च में यह बात सामने आई है कि दिल्ली-एनसीआर की हवा में अब खतरनाक दवा-प्रतिरोधी बैक्टीरिया भी फैल रहे हैं। यह बैक्टीरिया सर्दियों के मौसम में सबसे ज्यादा सक्रिय होते हैं और लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं। जेएनयू के शोध में हुआ चौंकाने वाला खुलासा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय

दिल्ली की बिगड़ती हवा और एयर प्यूरीफायर पर भारी कर का सवाल राजधानी में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से एयर प्यूरीफायर पर लगाए गए 18 फीसदी जीएसटी को लेकर सख्त सवाल किया है। अदालत ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण के बीच नागरिकों को स्वच्छ हवा उपलब्ध कराना सरकार की न्यूनतम जिम्मेदारी है। बुधवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने इस मामले में सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई न होने पर नाराजगी जताई। अदालत ने क्या कहा दिल्ली हाईकोर्ट की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि एयर प्यूरीफायर को विलासिता की

दिल्ली की बिगड़ती हवा और एयर प्यूरीफायर पर भारी कर का सवाल राजधानी में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से एयर प्यूरीफायर पर लगाए गए 18 फीसदी जीएसटी को लेकर सख्त सवाल किया है। अदालत ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण के बीच नागरिकों को स्वच्छ हवा उपलब्ध कराना सरकार की न्यूनतम जिम्मेदारी है। बुधवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने इस मामले में सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई न होने पर नाराजगी जताई। अदालत ने क्या कहा दिल्ली हाईकोर्ट की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि एयर प्यूरीफायर को विलासिता की

Delhi Pollution: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण लगातार बढ़ता जा रहा है, और इसे नियंत्रित करने के लिए दिल्ली सरकार ने गुरुवार (18 दिसंबर) से कई कड़े नियम लागू किए हैं। राजधानी में बढ़ते प्रदूषण ने लोगों की स्वास्थ्य सुरक्षा को चुनौती दी है, जिसके चलते सरकार ने वाहनों, दफ्तरों और दैनिक जीवन पर असर डालने वाले निर्णय लिए हैं। अब राजधानी में बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) वाले वाहनों को पेट्रोल पंपों से ईंधन नहीं मिलेगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदूषण फैलाने वाले वाहन शहर में न चलें। इसके अलावा, दिल्ली से बाहर पंजीकृत

Delhi Pollution: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण लगातार बढ़ता जा रहा है, और इसे नियंत्रित करने के लिए दिल्ली सरकार ने गुरुवार (18 दिसंबर) से कई कड़े नियम लागू किए हैं। राजधानी में बढ़ते प्रदूषण ने लोगों की स्वास्थ्य सुरक्षा को चुनौती दी है, जिसके चलते सरकार ने वाहनों, दफ्तरों और दैनिक जीवन पर असर डालने वाले निर्णय लिए हैं। अब राजधानी में बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) वाले वाहनों को पेट्रोल पंपों से ईंधन नहीं मिलेगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदूषण फैलाने वाले वाहन शहर में न चलें। इसके अलावा, दिल्ली से बाहर पंजीकृत

राजधानी दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण के संकट को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कई अहम फैसले लिए हैं। बुधवार को हुई सुनवाई में देश की सबसे बड़ी अदालत ने दिल्ली बॉर्डर पर टोल टैक्स की वसूली रोकने का आदेश दिया है। इसके साथ ही कंस्ट्रक्शन मजदूरों को राहत देने और वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए कई सख्त निर्देश भी जारी किए हैं। यह फैसला दिल्ली-NCR में रहने वाले करोड़ों लोगों के लिए राहत भरा साबित हो सकता है। दिल्ली बॉर्डर पर टोल वसूली को मिली रोक सुप्रीम कोर्ट ने NHAI और MCD को दिल्ली बॉर्डर पर लगे 9 टोल प्लाजा

राजधानी दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण के संकट को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कई अहम फैसले लिए हैं। बुधवार को हुई सुनवाई में देश की सबसे बड़ी अदालत ने दिल्ली बॉर्डर पर टोल टैक्स की वसूली रोकने का आदेश दिया है। इसके साथ ही कंस्ट्रक्शन मजदूरों को राहत देने और वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए कई सख्त निर्देश भी जारी किए हैं। यह फैसला दिल्ली-NCR में रहने वाले करोड़ों लोगों के लिए राहत भरा साबित हो सकता है। दिल्ली बॉर्डर पर टोल वसूली को मिली रोक सुप्रीम कोर्ट ने NHAI और MCD को दिल्ली बॉर्डर पर लगे 9 टोल प्लाजा

Delhi Pollution: राजधानी दिल्ली की हवा ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि प्रदूषण अब सिर्फ मौसम से जुड़ी समस्या नहीं, बल्कि एक गंभीर सार्वजनिक संकट बन चुका है। शनिवार सुबह 10 बजे जब औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 401 दर्ज किया गया, तो यह महज एक आंकड़ा नहीं था, बल्कि करोड़ों लोगों की सेहत पर मंडराते खतरे का संकेत था। ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच चुकी हवा ने प्रशासन को भी त्वरित और कड़े कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। लगातार बिगड़ते हालात को देखते हुए सेंट्रल एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (सीएक्यूएम) की उप-समिति ने आपात बैठक बुलाई और

Delhi Pollution: राजधानी दिल्ली की हवा ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि प्रदूषण अब सिर्फ मौसम से जुड़ी समस्या नहीं, बल्कि एक गंभीर सार्वजनिक संकट बन चुका है। शनिवार सुबह 10 बजे जब औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 401 दर्ज किया गया, तो यह महज एक आंकड़ा नहीं था, बल्कि करोड़ों लोगों की सेहत पर मंडराते खतरे का संकेत था। ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच चुकी हवा ने प्रशासन को भी त्वरित और कड़े कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। लगातार बिगड़ते हालात को देखते हुए सेंट्रल एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (सीएक्यूएम) की उप-समिति ने आपात बैठक बुलाई और

Delhi Pollution: दिल्ली में शनिवार की सुबह कुछ अलग नहीं, बल्कि पहले से कहीं अधिक परेशान करने वाली साबित हुई। मौसम की ठंडक के साथ घना कोहरा और हवा में घुला ज़हरीला स्मॉग जब एक साथ दिखाई दिया, तो यह साफ संकेत था कि राजधानी की हवा फिर से खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी है। आंखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में तकलीफ जैसी शिकायतें आम हो गईं। शहर का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 387 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी के अंतिम छोर पर है और ‘गंभीर’ स्तर को छूने के करीब है। राजधानी की

Delhi Pollution: दिल्ली में शनिवार की सुबह कुछ अलग नहीं, बल्कि पहले से कहीं अधिक परेशान करने वाली साबित हुई। मौसम की ठंडक के साथ घना कोहरा और हवा में घुला ज़हरीला स्मॉग जब एक साथ दिखाई दिया, तो यह साफ संकेत था कि राजधानी की हवा फिर से खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी है। आंखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में तकलीफ जैसी शिकायतें आम हो गईं। शहर का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 387 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी के अंतिम छोर पर है और ‘गंभीर’ स्तर को छूने के करीब है। राजधानी की

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को लेकर अब प्रधानमंत्री कार्यालय ने सीधे तौर पर हस्तक्षेप करना शुरू कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देश पर पीएमओ ने दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए काम कर रही 19 विभिन्न एजेंसियों से एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी है। इस कदम से साफ संकेत मिलता है कि केंद्र सरकार दिल्ली की गंभीर समस्याओं को लेकर अब पहले से ज्यादा गंभीर है। दिल्ली सरकार के पर्यावरण विभाग ने 25 नवंबर को सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों को पत्र भेजकर उनसे प्रदूषण रोकने के लिए उठाए गए कदमों की विस्तृत जानकारी मांगी है।

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को लेकर अब प्रधानमंत्री कार्यालय ने सीधे तौर पर हस्तक्षेप करना शुरू कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देश पर पीएमओ ने दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए काम कर रही 19 विभिन्न एजेंसियों से एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी है। इस कदम से साफ संकेत मिलता है कि केंद्र सरकार दिल्ली की गंभीर समस्याओं को लेकर अब पहले से ज्यादा गंभीर है। दिल्ली सरकार के पर्यावरण विभाग ने 25 नवंबर को सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों को पत्र भेजकर उनसे प्रदूषण रोकने के लिए उठाए गए कदमों की विस्तृत जानकारी मांगी है।

दिल्ली में सर्दी की शुरुआत के साथ ही एक बार फिर से वायु प्रदूषण ने खतरनाक स्तर छू लिया है। राजधानी के कई इलाकों में AQI यानी वायु गुणवत्ता सूचकांक का स्तर 450 को पार कर गया है, जो सुरक्षित सीमा से बहुत अधिक है। यह स्थिति न केवल पर्यावरण के लिए बल्कि लाखों लोगों की सेहत के लिए भी गंभीर चुनौती बन गई है। इस समस्या से निपटने के लिए विशेषज्ञों ने इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने और स्वच्छ ईंधन की ओर बदलाव की जरूरत पर जोर दिया है। वाहनों से होता है 40 फीसदी प्रदूषण दिल्ली में वायु प्रदूषण

दिल्ली में सर्दी की शुरुआत के साथ ही एक बार फिर से वायु प्रदूषण ने खतरनाक स्तर छू लिया है। राजधानी के कई इलाकों में AQI यानी वायु गुणवत्ता सूचकांक का स्तर 450 को पार कर गया है, जो सुरक्षित सीमा से बहुत अधिक है। यह स्थिति न केवल पर्यावरण के लिए बल्कि लाखों लोगों की सेहत के लिए भी गंभीर चुनौती बन गई है। इस समस्या से निपटने के लिए विशेषज्ञों ने इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने और स्वच्छ ईंधन की ओर बदलाव की जरूरत पर जोर दिया है। वाहनों से होता है 40 फीसदी प्रदूषण दिल्ली में वायु प्रदूषण

दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से प्रदूषण का स्तर लगातार खतरनाक बना हुआ था। लेकिन अब हवा की रफ्तार बढ़ने और मौसम में बदलाव के कारण वायु गुणवत्ता में कुछ सुधार देखने को मिला है। इस सुधार को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने ग्रैप-3 यानी ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के तीसरे चरण की पाबंदियां हटाने का फैसला किया है। हालांकि यह राहत अस्थायी मानी जा रही है क्योंकि हवा अभी भी अति खराब श्रेणी में बनी हुई है। दिल्ली की हवा में आया सुधार केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार बुधवार को

दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से प्रदूषण का स्तर लगातार खतरनाक बना हुआ था। लेकिन अब हवा की रफ्तार बढ़ने और मौसम में बदलाव के कारण वायु गुणवत्ता में कुछ सुधार देखने को मिला है। इस सुधार को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने ग्रैप-3 यानी ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के तीसरे चरण की पाबंदियां हटाने का फैसला किया है। हालांकि यह राहत अस्थायी मानी जा रही है क्योंकि हवा अभी भी अति खराब श्रेणी में बनी हुई है। दिल्ली की हवा में आया सुधार केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार बुधवार को

दिल्ली की हवा एक बार फिर इंसान के लिए खतरा बन चुकी है। राजधानी में ऐसी जहरीली धुंध फैल गई है, जिसमें सांस लेना मानो किसी धीमे जहर को शरीर में जाने देना हो। लोग आंखों में जलन, गले में दर्द और सांस की तकलीफ को अपनी सामान्य दिनचर्या की तरह झेलने पर मजबूर हैं। दिल्ली की अदालतों में भी अब प्रदूषण की मार साफ दिखाई देने लगी है। ऐसा ही दृश्य मंगलवार को नजर आया, जब सुप्रीम कोर्ट में एक वकील की आवाज बैठ गई और नए मुख्य न्यायाधीश को भी इस हालत पर टिप्पणी करनी पड़ी। दिल्ली की

दिल्ली की हवा एक बार फिर इंसान के लिए खतरा बन चुकी है। राजधानी में ऐसी जहरीली धुंध फैल गई है, जिसमें सांस लेना मानो किसी धीमे जहर को शरीर में जाने देना हो। लोग आंखों में जलन, गले में दर्द और सांस की तकलीफ को अपनी सामान्य दिनचर्या की तरह झेलने पर मजबूर हैं। दिल्ली की अदालतों में भी अब प्रदूषण की मार साफ दिखाई देने लगी है। ऐसा ही दृश्य मंगलवार को नजर आया, जब सुप्रीम कोर्ट में एक वकील की आवाज बैठ गई और नए मुख्य न्यायाधीश को भी इस हालत पर टिप्पणी करनी पड़ी। दिल्ली की

राजधानी में प्रदूषण का बढ़ता संकट राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदूषण का स्तर इस समय गंभीर स्थिति में पहुँच चुका है। हर साल की तरह इस वर्ष भी सर्दियों के मौसम में वायु प्रदूषण में वृद्धि होने लगी है। विशेषज्ञों के अनुसार, धूल, वाहन धुआँ, निर्माण कार्यों और जलने वाले कचरे के कारण हवा में हानिकारक तत्व बढ़ रहे हैं। दिल्ली सरकार का निर्णय दिल्ली सरकार ने इस गंभीर समस्या को देखते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने सभी सरकारी कार्यालयों और प्राइवेट दफ्तरों को निर्देश दिया है कि केवल 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ कार्यालय संचालन करें। बाकी

राजधानी में प्रदूषण का बढ़ता संकट राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदूषण का स्तर इस समय गंभीर स्थिति में पहुँच चुका है। हर साल की तरह इस वर्ष भी सर्दियों के मौसम में वायु प्रदूषण में वृद्धि होने लगी है। विशेषज्ञों के अनुसार, धूल, वाहन धुआँ, निर्माण कार्यों और जलने वाले कचरे के कारण हवा में हानिकारक तत्व बढ़ रहे हैं। दिल्ली सरकार का निर्णय दिल्ली सरकार ने इस गंभीर समस्या को देखते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने सभी सरकारी कार्यालयों और प्राइवेट दफ्तरों को निर्देश दिया है कि केवल 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ कार्यालय संचालन करें। बाकी

दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण हेतु ग्रैप नियमों में व्यापक संशोधन दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए एक बड़ा प्रशासनिक और नीतिगत परिवर्तन किया गया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) में व्यापक संशोधन करते हुए प्रदूषण से निपटने के उपायों को अब एक स्तर पहले लागू करने का निर्णय लिया है। इस बदलाव के तहत, जो प्रतिबंध अब तक बेहद खराब एक्यूआई स्थिति यानी ग्रैप-IV के दौरान लागू किए जाते थे, वे अब ग्रैप-III स्तर पर ही लागू कर दिए जाएंगे। इससे प्रतीत होता है कि

दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण हेतु ग्रैप नियमों में व्यापक संशोधन दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए एक बड़ा प्रशासनिक और नीतिगत परिवर्तन किया गया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) में व्यापक संशोधन करते हुए प्रदूषण से निपटने के उपायों को अब एक स्तर पहले लागू करने का निर्णय लिया है। इस बदलाव के तहत, जो प्रतिबंध अब तक बेहद खराब एक्यूआई स्थिति यानी ग्रैप-IV के दौरान लागू किए जाते थे, वे अब ग्रैप-III स्तर पर ही लागू कर दिए जाएंगे। इससे प्रतीत होता है कि

Delhi Air Pollution: दिल्ली में अक्टूबर माह में सांस लेना हुआ कठिन नई दिल्ली। राजधानी की हवा एक बार फिर जहरीली हो चली है। रेस्पायरर लिविंग साइंसेज़ द्वारा जारी हालिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि दिल्ली ने अक्टूबर 2025 में 23 दिन वायु गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन किया, जिसमें शहर के कई हिस्सों में प्रदूषण का स्तर ‘खराब’ से ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रहा। रिपोर्ट में बताया गया है कि जहांगीरपुरी, रोहिणी और शाहदरा दिल्ली के सबसे अधिक प्रदूषित क्षेत्र रहे। हाइपरलोकल विश्लेषण में प्रदूषण के नए पैटर्न का खुलासा यह अध्ययन एटलस एक्यू प्लेटफॉर्म के जरिये केंद्रीय प्रदूषण

Delhi Air Pollution: दिल्ली में अक्टूबर माह में सांस लेना हुआ कठिन नई दिल्ली। राजधानी की हवा एक बार फिर जहरीली हो चली है। रेस्पायरर लिविंग साइंसेज़ द्वारा जारी हालिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि दिल्ली ने अक्टूबर 2025 में 23 दिन वायु गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन किया, जिसमें शहर के कई हिस्सों में प्रदूषण का स्तर ‘खराब’ से ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रहा। रिपोर्ट में बताया गया है कि जहांगीरपुरी, रोहिणी और शाहदरा दिल्ली के सबसे अधिक प्रदूषित क्षेत्र रहे। हाइपरलोकल विश्लेषण में प्रदूषण के नए पैटर्न का खुलासा यह अध्ययन एटलस एक्यू प्लेटफॉर्म के जरिये केंद्रीय प्रदूषण

Delhi Pollution: दिल्ली में वायु प्रदूषण का कहर, हवा हुई जानलेवा राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली एक बार फिर सांस रोक देने वाली हवा में घिरी है। शनिवार, 8 नवंबर 2025 को प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्थिति में पहुँच गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 335 से 595 के बीच दर्ज किया गया। आनंद विहार, जहांगीरपुरी, वज़ीरपुर और रोहिणी जैसे क्षेत्रों में हवा “अत्यंत खराब” से “गंभीर” श्रेणी में रही। सरकार की बड़ी घोषणा: दफ्तरों के समय में परिवर्तन दिल्ली सरकार ने बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए तत्काल कदम

Delhi Pollution: दिल्ली में वायु प्रदूषण का कहर, हवा हुई जानलेवा राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली एक बार फिर सांस रोक देने वाली हवा में घिरी है। शनिवार, 8 नवंबर 2025 को प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्थिति में पहुँच गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 335 से 595 के बीच दर्ज किया गया। आनंद विहार, जहांगीरपुरी, वज़ीरपुर और रोहिणी जैसे क्षेत्रों में हवा “अत्यंत खराब” से “गंभीर” श्रेणी में रही। सरकार की बड़ी घोषणा: दफ्तरों के समय में परिवर्तन दिल्ली सरकार ने बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए तत्काल कदम

राजधानी में साँस लेना हुआ दूभर दिल्ली की वायु गुणवत्ता एक बार फिर ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुँच गई है। राजधानी के आसमान में फैली धुंध और धुएँ की मोटी परत ने वातावरण को विषैला बना दिया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, गुरुवार सुबह दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 375 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ से ‘गंभीर’ स्थिति की ओर बढ़ता हुआ संकेत देता है। धुएँ और धुंध की मोटी परत ने घटाई दृश्यता सुबह के समय दिल्ली के कई हिस्सों में गहरी धुंध छाई रही। पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, हवा में नमी और कम गति

राजधानी में साँस लेना हुआ दूभर दिल्ली की वायु गुणवत्ता एक बार फिर ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुँच गई है। राजधानी के आसमान में फैली धुंध और धुएँ की मोटी परत ने वातावरण को विषैला बना दिया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, गुरुवार सुबह दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 375 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ से ‘गंभीर’ स्थिति की ओर बढ़ता हुआ संकेत देता है। धुएँ और धुंध की मोटी परत ने घटाई दृश्यता सुबह के समय दिल्ली के कई हिस्सों में गहरी धुंध छाई रही। पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, हवा में नमी और कम गति

दीवाली के बाद दिल्ली पर छाया धुएं का बादल दिवाली की रोशनी के बाद राजधानी दिल्ली पर घना धुआं छा गया है। पटाखों के इस्तेमाल ने एक बार फिर से दिल्ली की हवा को जहरीला बना दिया है। स्विस ग्रुप आईक्यूएयर (IQAir) की रिपोर्ट के अनुसार, दीवाली के अगले ही दिन दिल्ली दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर बन गया। मंगलवार को यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) का स्तर 442 दर्ज किया गया, जो ‘खतरनाक’ श्रेणी में आता है। सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में पटाखों की गूंज सुनाई दी। निर्धारित समय सीमा और ग्रीन

दीवाली के बाद दिल्ली पर छाया धुएं का बादल दिवाली की रोशनी के बाद राजधानी दिल्ली पर घना धुआं छा गया है। पटाखों के इस्तेमाल ने एक बार फिर से दिल्ली की हवा को जहरीला बना दिया है। स्विस ग्रुप आईक्यूएयर (IQAir) की रिपोर्ट के अनुसार, दीवाली के अगले ही दिन दिल्ली दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर बन गया। मंगलवार को यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) का स्तर 442 दर्ज किया गया, जो ‘खतरनाक’ श्रेणी में आता है। सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में पटाखों की गूंज सुनाई दी। निर्धारित समय सीमा और ग्रीन