
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में होने वाली अगली जनगणना के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने जनगणना 2027 के लिए 11,718 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी है। यह जनगणना देश के इतिहास में पहली बार पूरी तरह से डिजिटल तरीके से होगी। नई दिल्ली में आज मीडिया को जानकारी देते हुए सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस फैसले की घोषणा की। मंत्री ने बताया कि जनगणना 2027 को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहला चरण और दूसरा चरण मिलकर इस बड़े काम को अंजाम देंगे। यह भारत की 16वीं जनगणना होगी और

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में होने वाली अगली जनगणना के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने जनगणना 2027 के लिए 11,718 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी है। यह जनगणना देश के इतिहास में पहली बार पूरी तरह से डिजिटल तरीके से होगी। नई दिल्ली में आज मीडिया को जानकारी देते हुए सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस फैसले की घोषणा की। मंत्री ने बताया कि जनगणना 2027 को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहला चरण और दूसरा चरण मिलकर इस बड़े काम को अंजाम देंगे। यह भारत की 16वीं जनगणना होगी और

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार लगातार तकनीक के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। अब देश एक और बड़ी उपलब्धि की ओर बढ़ रहा है। फरवरी 2026 में भारत की राजधानी नई दिल्ली में भारत-एआई प्रभाव शिखर सम्मेलन 2026 का आयोजन होगा। यह पहली बार है जब वैश्विक एआई शिखर सम्मेलन की श्रृंखला किसी विकासशील देश में आयोजित की जाएगी। यह आयोजन भारत की बढ़ती तकनीकी ताकत और वैश्विक मंच पर इसकी बढ़ती साख का प्रमाण है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने बुधवार को लोकसभा में इस बारे में जानकारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार लगातार तकनीक के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। अब देश एक और बड़ी उपलब्धि की ओर बढ़ रहा है। फरवरी 2026 में भारत की राजधानी नई दिल्ली में भारत-एआई प्रभाव शिखर सम्मेलन 2026 का आयोजन होगा। यह पहली बार है जब वैश्विक एआई शिखर सम्मेलन की श्रृंखला किसी विकासशील देश में आयोजित की जाएगी। यह आयोजन भारत की बढ़ती तकनीकी ताकत और वैश्विक मंच पर इसकी बढ़ती साख का प्रमाण है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने बुधवार को लोकसभा में इस बारे में जानकारी

संचार साथी ऐप विवाद पर सरकार की सफाई देश में संचार साथी ऐप को लेकर पिछले कुछ दिनों से जो भ्रम की स्थिति बनी हुई थी, उस पर सरकार ने आखिरकार अपनी सफाई पेश कर दी है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि मोबाइल फोन में संचार साथी ऐप को प्री-इंस्टॉल करना अनिवार्य नहीं है। यह पूरी तरह से उपयोगकर्ताओं की इच्छा पर निर्भर करता है कि वे इस ऐप को अपने फोन में रखना चाहते हैं या नहीं। विपक्षी दलों द्वारा इस ऐप के जरिए जासूसी और निगरानी के आरोप लगाने के बाद सरकार को यह कदम उठाना

संचार साथी ऐप विवाद पर सरकार की सफाई देश में संचार साथी ऐप को लेकर पिछले कुछ दिनों से जो भ्रम की स्थिति बनी हुई थी, उस पर सरकार ने आखिरकार अपनी सफाई पेश कर दी है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि मोबाइल फोन में संचार साथी ऐप को प्री-इंस्टॉल करना अनिवार्य नहीं है। यह पूरी तरह से उपयोगकर्ताओं की इच्छा पर निर्भर करता है कि वे इस ऐप को अपने फोन में रखना चाहते हैं या नहीं। विपक्षी दलों द्वारा इस ऐप के जरिए जासूसी और निगरानी के आरोप लगाने के बाद सरकार को यह कदम उठाना

राष्ट्रीय योजनाओं पर आधारित पोस्टर डिज़ाइन प्रतियोगिता का आयोजन – देशभर के कलाकारों को आमंत्रण देश के युवा कलाकारों और डिज़ाइन प्रेमियों के लिए एक अनोखा अवसर सामने आया है। सांस्कृतिक कार्य विभाग और महाराष्ट्र फिल्म, रंगमंच एवं सांस्कृतिक विकास महामंडल ने मिलकर एक राष्ट्रीय पोस्टर डिज़ाइन प्रतियोगिता 2025 की घोषणा की है। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य है – भारत की विकास यात्रा को कला के माध्यम से दर्शाना। प्रतियोगिता की थीम “Turn Vision into Art – Design the Poster, Celebrate the Decade” रखी गई है, जो देश की प्रगति और राष्ट्रीय अभियानों के रचनात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करती है।

राष्ट्रीय योजनाओं पर आधारित पोस्टर डिज़ाइन प्रतियोगिता का आयोजन – देशभर के कलाकारों को आमंत्रण देश के युवा कलाकारों और डिज़ाइन प्रेमियों के लिए एक अनोखा अवसर सामने आया है। सांस्कृतिक कार्य विभाग और महाराष्ट्र फिल्म, रंगमंच एवं सांस्कृतिक विकास महामंडल ने मिलकर एक राष्ट्रीय पोस्टर डिज़ाइन प्रतियोगिता 2025 की घोषणा की है। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य है – भारत की विकास यात्रा को कला के माध्यम से दर्शाना। प्रतियोगिता की थीम “Turn Vision into Art – Design the Poster, Celebrate the Decade” रखी गई है, जो देश की प्रगति और राष्ट्रीय अभियानों के रचनात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करती है।