
मुंबई ने मंगलवार (21 अक्टूबर, 2025) सुबह धुंध और धुएँ की चादर में उठकर एक भयावह दृश्य प्रस्तुत किया। दिवाली के उत्सव में व्यापक पैमाने पर पटाखों के प्रयोग के बाद शहर की वायु गुणवत्ता (Air Quality Index – AQI) में अचानक गिरावट आई। मेट्रोपोलिस के कई क्षेत्रों में AQI ‘अस्वास्थ्यकर’ और ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया गया, जिससे नागरिकों की स्वास्थ्य संबंधी चिंता बढ़ गई। दिवाली के बाद वायु प्रदूषण का आक्रमण शहर के कई वाणिज्यिक और आवासीय क्षेत्रों में प्रदूषण स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। बंध्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स में AQI 261 दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में

मुंबई ने मंगलवार (21 अक्टूबर, 2025) सुबह धुंध और धुएँ की चादर में उठकर एक भयावह दृश्य प्रस्तुत किया। दिवाली के उत्सव में व्यापक पैमाने पर पटाखों के प्रयोग के बाद शहर की वायु गुणवत्ता (Air Quality Index – AQI) में अचानक गिरावट आई। मेट्रोपोलिस के कई क्षेत्रों में AQI ‘अस्वास्थ्यकर’ और ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया गया, जिससे नागरिकों की स्वास्थ्य संबंधी चिंता बढ़ गई। दिवाली के बाद वायु प्रदूषण का आक्रमण शहर के कई वाणिज्यिक और आवासीय क्षेत्रों में प्रदूषण स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। बंध्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स में AQI 261 दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में

दिल्ली की साँसें थमीं: प्रदूषण का स्तर ‘खराब’ से ‘बहुत खराब’ की ओर नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली की हवा एक बार फिर लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन चुकी है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के आँकड़ों के अनुसार, लगातार पाँचवें दिन दिल्ली की हवा ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई है। दीवाली से पहले ही नौ मॉनिटरिंग स्टेशन रेड जोन में पहुँच चुके हैं, जिससे हालात चिंताजनक बन गए हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, आगामी तीन दिनों तक प्रदूषण में राहत के कोई आसार नहीं हैं। दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 268 दर्ज, स्थिति चिंताजनक सीपीसीबी

दिल्ली की साँसें थमीं: प्रदूषण का स्तर ‘खराब’ से ‘बहुत खराब’ की ओर नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली की हवा एक बार फिर लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन चुकी है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के आँकड़ों के अनुसार, लगातार पाँचवें दिन दिल्ली की हवा ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई है। दीवाली से पहले ही नौ मॉनिटरिंग स्टेशन रेड जोन में पहुँच चुके हैं, जिससे हालात चिंताजनक बन गए हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, आगामी तीन दिनों तक प्रदूषण में राहत के कोई आसार नहीं हैं। दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 268 दर्ज, स्थिति चिंताजनक सीपीसीबी