
Donald Trump Buffalo: बांग्लादेश में इन दिनों एक अनोखा भैंसा लोगों के बीच चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है। हल्के गुलाबी रंग और सिर पर अमेरिकी राष्ट्रपति जैसी हेयरस्टाइल के कारण इस दुर्लभ एल्बिनो भैंसे को लोगों ने ‘डोनाल्ड ट्रंप’ नाम दे दिया। सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें वायरल होने के बाद यह भैंसा इंटरनेट सेंसेशन बन गया और अब ईद-उल-अजहा से ठीक पहले इसकी बिक्री भी हो चुकी है। एल्बिनो नस्ल का भैंसा यह खास भैंसा बांग्लादेश की राजधानी ढाका के पास नारायणगंज जिले के राबेया एग्रो फार्म में पाला गया था। फार्म मालिक जियाउद्दीन मैरदा के अनुसार

Donald Trump Buffalo: बांग्लादेश में इन दिनों एक अनोखा भैंसा लोगों के बीच चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है। हल्के गुलाबी रंग और सिर पर अमेरिकी राष्ट्रपति जैसी हेयरस्टाइल के कारण इस दुर्लभ एल्बिनो भैंसे को लोगों ने ‘डोनाल्ड ट्रंप’ नाम दे दिया। सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें वायरल होने के बाद यह भैंसा इंटरनेट सेंसेशन बन गया और अब ईद-उल-अजहा से ठीक पहले इसकी बिक्री भी हो चुकी है। एल्बिनो नस्ल का भैंसा यह खास भैंसा बांग्लादेश की राजधानी ढाका के पास नारायणगंज जिले के राबेया एग्रो फार्म में पाला गया था। फार्म मालिक जियाउद्दीन मैरदा के अनुसार

White House Dinner Shooting : वॉशिंगटन हिल्टन में व्हाइट हाउस डिनर के दौरान अचानक फायरिंग! राष्ट्रपति ट्रंप और अन्य नेता सुरक्षित, हमलावर मौके पर गिरफ्तार। देखें कैसे सुरक्षा ने बड़ा हादसा टाला।

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Neal Katyal: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ आदेश को रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा कि टैक्स और टैरिफ लगाने का अधिकार कांग्रेस (अमेरिका की संसद) के पास है। इस मामले में भारतीय मूल के वकील नील कात्याल की अहम भूमिका रही, जिन्होंने अदालत में मजबूत दलीलें दीं। अमेरिका की राजनीति में एक बड़ा कानूनी मोड़ आया है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति Donald Trump के उस फैसले को रद्द कर दिया है, जिसमें उन्होंने टैरिफ लगाने का आदेश दिया था। कोर्ट ने साफ कहा कि टैरिफ या टैक्स लगाने का अधिकार राष्ट्रपति के पास नहीं, बल्कि

Neal Katyal: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ आदेश को रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा कि टैक्स और टैरिफ लगाने का अधिकार कांग्रेस (अमेरिका की संसद) के पास है। इस मामले में भारतीय मूल के वकील नील कात्याल की अहम भूमिका रही, जिन्होंने अदालत में मजबूत दलीलें दीं। अमेरिका की राजनीति में एक बड़ा कानूनी मोड़ आया है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति Donald Trump के उस फैसले को रद्द कर दिया है, जिसमें उन्होंने टैरिफ लगाने का आदेश दिया था। कोर्ट ने साफ कहा कि टैरिफ या टैक्स लगाने का अधिकार राष्ट्रपति के पास नहीं, बल्कि

ट्रंप के बयान पर भारत की सख्त प्रतिक्रिया अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक पुराने बयान को लेकर भारत में फिर से चर्चा तेज हो गई है। यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक करियर से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। हाल ही में यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया, जिसके बाद भारत सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। विदेश मंत्रालय ने इस मामले को गंभीर बताया है। मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अगर ऐसा कोई वीडियो है, चाहे वह सही हो या गलत, उस पर उचित कार्रवाई की जाएगी। इस

ट्रंप के बयान पर भारत की सख्त प्रतिक्रिया अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक पुराने बयान को लेकर भारत में फिर से चर्चा तेज हो गई है। यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक करियर से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। हाल ही में यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया, जिसके बाद भारत सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। विदेश मंत्रालय ने इस मामले को गंभीर बताया है। मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अगर ऐसा कोई वीडियो है, चाहे वह सही हो या गलत, उस पर उचित कार्रवाई की जाएगी। इस

भारत-अमेरिका के बीच ऐतिहासिक व्यापार समझौता भारत और अमेरिका के बीच एक बड़ा व्यापार समझौता होने जा रहा है। दोनों देशों ने 6 फरवरी को एक अंतरिम रूपरेखा पर अपनी सहमति जताई है। इस समझौते के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने भारतीय सामानों पर लगने वाले टैरिफ में बड़ी कमी की है। पहले जहां टैरिफ 50 प्रतिशत था, अब उसे घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। यह फैसला दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों में एक नया मोड़ लेकर आया है। इस समझौते को लेकर भारत में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आई हैं। सरकार इसे एक बड़ी उपलब्धि बता रही है,

भारत-अमेरिका के बीच ऐतिहासिक व्यापार समझौता भारत और अमेरिका के बीच एक बड़ा व्यापार समझौता होने जा रहा है। दोनों देशों ने 6 फरवरी को एक अंतरिम रूपरेखा पर अपनी सहमति जताई है। इस समझौते के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने भारतीय सामानों पर लगने वाले टैरिफ में बड़ी कमी की है। पहले जहां टैरिफ 50 प्रतिशत था, अब उसे घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। यह फैसला दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों में एक नया मोड़ लेकर आया है। इस समझौते को लेकर भारत में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आई हैं। सरकार इसे एक बड़ी उपलब्धि बता रही है,

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की घोषणा नई दिल्ली में मंगलवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह समझौता मुख्य रूप से टैरिफ यानी शुल्क में कमी को लेकर है। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस व्यापार समझौते की पूरी जानकारी जल्द ही सामने आएगी और दोनों देशों के बीच इस पर और काम किया जाएगा। सीतारमण ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए कहा कि यह बहुत अच्छी खबर है। उन्होंने बताया कि अमेरिका ने भारत से आने वाले सामान पर लगने वाला

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की घोषणा नई दिल्ली में मंगलवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह समझौता मुख्य रूप से टैरिफ यानी शुल्क में कमी को लेकर है। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस व्यापार समझौते की पूरी जानकारी जल्द ही सामने आएगी और दोनों देशों के बीच इस पर और काम किया जाएगा। सीतारमण ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए कहा कि यह बहुत अच्छी खबर है। उन्होंने बताया कि अमेरिका ने भारत से आने वाले सामान पर लगने वाला

Epstein Files: अमेरिकी न्याय विभाग ने जेफरी एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों की नई और अंतिम सूची सार्वजनिक कर दी है। इस सूची के सामने आते ही अमेरिका ही नहीं, पूरी दुनिया में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। कारण साफ है कि इन फाइलों में राजनीति, कारोबार और मनोरंजन की दुनिया के कई बेहद प्रभावशाली नाम दर्ज हैं। यह वही एपस्टीन मामला है, जिसने वर्षों से सत्ता और ताकत के दुरुपयोग पर सवाल खड़े किए हैं। इन दस्तावेजों को एपस्टीन फाइल्स कहा जाता है। इनमें अमेरिकी वित्तीय कारोबारी और दोषी यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़ी जांच की

Epstein Files: अमेरिकी न्याय विभाग ने जेफरी एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों की नई और अंतिम सूची सार्वजनिक कर दी है। इस सूची के सामने आते ही अमेरिका ही नहीं, पूरी दुनिया में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। कारण साफ है कि इन फाइलों में राजनीति, कारोबार और मनोरंजन की दुनिया के कई बेहद प्रभावशाली नाम दर्ज हैं। यह वही एपस्टीन मामला है, जिसने वर्षों से सत्ता और ताकत के दुरुपयोग पर सवाल खड़े किए हैं। इन दस्तावेजों को एपस्टीन फाइल्स कहा जाता है। इनमें अमेरिकी वित्तीय कारोबारी और दोषी यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़ी जांच की

अमेरिका और कनाडा के बीच बढ़ता तनाव एक बार फिर से अंतर्राष्ट्रीय सुर्खियों में आ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कनाडा को साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उसने चीन के साथ कोई व्यापार समझौता किया तो अमेरिका उस पर 100 फीसदी टैरिफ लगा देगा। यह धमकी ऐसे समय में आई है जब अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्ध पहले से ही चरम पर है। ट्रंप की सख्त चेतावनी का मतलब राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने बयान में स्पष्ट किया है कि कनाडा को अमेरिका और चीन के बीच चुनाव करना होगा।

अमेरिका और कनाडा के बीच बढ़ता तनाव एक बार फिर से अंतर्राष्ट्रीय सुर्खियों में आ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कनाडा को साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उसने चीन के साथ कोई व्यापार समझौता किया तो अमेरिका उस पर 100 फीसदी टैरिफ लगा देगा। यह धमकी ऐसे समय में आई है जब अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्ध पहले से ही चरम पर है। ट्रंप की सख्त चेतावनी का मतलब राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने बयान में स्पष्ट किया है कि कनाडा को अमेरिका और चीन के बीच चुनाव करना होगा।

Spain Rejects Board of Peace: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की महत्वाकांक्षी पहल ‘बोर्ड ऑफ पीस’ को एक और झटका लगा है। नाटो सहयोगी देश स्पेन ने इस पहल में शामिल होने के निमंत्रण को साफ शब्दों में अस्वीकार कर दिया है। स्पेन सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह अंतरराष्ट्रीय मामलों और शांति व्यवस्था के लिए संयुक्त राष्ट्र पर भरोसा करती है और किसी समानांतर संगठन की जरूरत नहीं समझती। यह घटनाक्रम अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है। स्पेन का साफ इनकार यूरोपीय संघ के शिखर सम्मेलन के बाद बेल्जियम की राजधानी ब्रुसेल्स में पत्रकारों से

Spain Rejects Board of Peace: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की महत्वाकांक्षी पहल ‘बोर्ड ऑफ पीस’ को एक और झटका लगा है। नाटो सहयोगी देश स्पेन ने इस पहल में शामिल होने के निमंत्रण को साफ शब्दों में अस्वीकार कर दिया है। स्पेन सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह अंतरराष्ट्रीय मामलों और शांति व्यवस्था के लिए संयुक्त राष्ट्र पर भरोसा करती है और किसी समानांतर संगठन की जरूरत नहीं समझती। यह घटनाक्रम अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है। स्पेन का साफ इनकार यूरोपीय संघ के शिखर सम्मेलन के बाद बेल्जियम की राजधानी ब्रुसेल्स में पत्रकारों से

दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर एक नई उम्मीद जगी है। स्विट्जरलैंड के दावोस में चल रहे विश्व आर्थिक मंच में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की है। ट्रंप ने मोदी को अपना करीबी दोस्त बताते हुए यह भरोसा जताया कि दोनों देशों के बीच जल्द ही एक अच्छा व्यापार समझौता होगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब वाशिंगटन और नई दिल्ली के बीच व्यापार को लेकर बातचीत चल रही है। ट्रंप के इस बयान से दोनों देशों के रिश्तों में एक नई गर्माहट

दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर एक नई उम्मीद जगी है। स्विट्जरलैंड के दावोस में चल रहे विश्व आर्थिक मंच में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की है। ट्रंप ने मोदी को अपना करीबी दोस्त बताते हुए यह भरोसा जताया कि दोनों देशों के बीच जल्द ही एक अच्छा व्यापार समझौता होगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब वाशिंगटन और नई दिल्ली के बीच व्यापार को लेकर बातचीत चल रही है। ट्रंप के इस बयान से दोनों देशों के रिश्तों में एक नई गर्माहट

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक नई अंतरराष्ट्रीय संस्था ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की स्थापना की है। इस संस्था का मुख्य उद्देश्य दुनिया के संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित करना और स्थिरता लाना है। लेकिन इस बोर्ड में पाकिस्तान को शामिल करने के फैसले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद खड़ा कर दिया है। खासकर इजरायल ने इस फैसले पर सख्त आपत्ति जताई है। गुरुवार को पाकिस्तान को आधिकारिक तौर पर इस बोर्ड का सदस्य बना दिया गया। मूल रूप से यह संस्था गाजा की पुनर्निर्माण योजना के लिए बनाई गई थी। लेकिन अब इसका दायरा बढ़ाकर दुनिया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक नई अंतरराष्ट्रीय संस्था ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की स्थापना की है। इस संस्था का मुख्य उद्देश्य दुनिया के संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित करना और स्थिरता लाना है। लेकिन इस बोर्ड में पाकिस्तान को शामिल करने के फैसले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद खड़ा कर दिया है। खासकर इजरायल ने इस फैसले पर सख्त आपत्ति जताई है। गुरुवार को पाकिस्तान को आधिकारिक तौर पर इस बोर्ड का सदस्य बना दिया गया। मूल रूप से यह संस्था गाजा की पुनर्निर्माण योजना के लिए बनाई गई थी। लेकिन अब इसका दायरा बढ़ाकर दुनिया

दावोस के मंच से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया को एक बार फिर चौंका दिया है। स्विट्जरलैंड में हुई वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की सालाना बैठक में ट्रंप ने यूरोप की दिशा पर सवाल खड़े किए और ग्रीनलैंड को लेकर अपनी मंशा साफ कर दी। उनके इस बयान से एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मच गई है। ट्रंप का यूरोप पर बड़ा बयान बुधवार को दावोस में अपने भाषण के दौरान ट्रंप ने कहा कि उन्हें यूरोप से प्यार है और वह चाहते हैं कि यूरोप अच्छा करे। लेकिन उनका मानना है कि यूरोप सही दिशा में नहीं

दावोस के मंच से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया को एक बार फिर चौंका दिया है। स्विट्जरलैंड में हुई वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की सालाना बैठक में ट्रंप ने यूरोप की दिशा पर सवाल खड़े किए और ग्रीनलैंड को लेकर अपनी मंशा साफ कर दी। उनके इस बयान से एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मच गई है। ट्रंप का यूरोप पर बड़ा बयान बुधवार को दावोस में अपने भाषण के दौरान ट्रंप ने कहा कि उन्हें यूरोप से प्यार है और वह चाहते हैं कि यूरोप अच्छा करे। लेकिन उनका मानना है कि यूरोप सही दिशा में नहीं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक ऐसा नक्शा शेयर किया है जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। इस नक्शे में ग्रीनलैंड, कनाडा और वेनेजुएला को अमेरिकी क्षेत्र के रूप में दिखाया गया है। यह नक्शा केवल एक तस्वीर नहीं है बल्कि इसके जरिए ट्रंप ने नाटो सहयोगी देशों के नेताओं का मजाक भी उड़ाया है। ट्रंप का ग्रीनलैंड पर दावा ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर अपनी मांग को एक बार फिर दोहराया है। उनका कहना है कि यह

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक ऐसा नक्शा शेयर किया है जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। इस नक्शे में ग्रीनलैंड, कनाडा और वेनेजुएला को अमेरिकी क्षेत्र के रूप में दिखाया गया है। यह नक्शा केवल एक तस्वीर नहीं है बल्कि इसके जरिए ट्रंप ने नाटो सहयोगी देशों के नेताओं का मजाक भी उड़ाया है। ट्रंप का ग्रीनलैंड पर दावा ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर अपनी मांग को एक बार फिर दोहराया है। उनका कहना है कि यह

मध्य पूर्व में तनाव की स्थिति पिछले कुछ हफ्तों से बेहद गंभीर बनी हुई थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की तैयारी में थे, लेकिन आखिरी समय में उन्होंने अपना फैसला बदल दिया। इस बदलाव की कहानी बेहद दिलचस्प है और इसमें कई देशों की भूमिका शामिल है। ईरान पर हमले की तैयारी और अचानक रुकावट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वरिष्ठ सलाहकारों को पूरा यकीन था कि ईरान पर हमला होने वाला है। सभी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं और सैन्य योजना भी तैयार थी। लेकिन अचानक स्थिति में बदलाव आया जब ईरान के विदेश

मध्य पूर्व में तनाव की स्थिति पिछले कुछ हफ्तों से बेहद गंभीर बनी हुई थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की तैयारी में थे, लेकिन आखिरी समय में उन्होंने अपना फैसला बदल दिया। इस बदलाव की कहानी बेहद दिलचस्प है और इसमें कई देशों की भूमिका शामिल है। ईरान पर हमले की तैयारी और अचानक रुकावट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वरिष्ठ सलाहकारों को पूरा यकीन था कि ईरान पर हमला होने वाला है। सभी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं और सैन्य योजना भी तैयार थी। लेकिन अचानक स्थिति में बदलाव आया जब ईरान के विदेश

ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से चला आ रहा तनाव अब एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान पर बार-बार हमले की धमकियों के बीच अब ईरान ने भी खुलकर जवाब देने की बात कही है। इस बीच कतर जैसे पड़ोसी देश ने भी चेतावनी देकर हालात की गंभीरता को और बढ़ा दिया है। पूरे पश्चिम एशिया में एक बार फिर युद्ध की आशंका महसूस की जा रही है। ईरान-अमेरिका टकराव क्यों फिर चर्चा में है अमेरिका और ईरान के रिश्ते पहले से ही तनावपूर्ण

ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से चला आ रहा तनाव अब एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान पर बार-बार हमले की धमकियों के बीच अब ईरान ने भी खुलकर जवाब देने की बात कही है। इस बीच कतर जैसे पड़ोसी देश ने भी चेतावनी देकर हालात की गंभीरता को और बढ़ा दिया है। पूरे पश्चिम एशिया में एक बार फिर युद्ध की आशंका महसूस की जा रही है। ईरान-अमेरिका टकराव क्यों फिर चर्चा में है अमेरिका और ईरान के रिश्ते पहले से ही तनावपूर्ण

भारत-फ्रांस के सौर गठबंधन पर अमेरिका का बड़ा फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपनी ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति को आगे बढ़ाते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। बुधवार को उन्होंने भारत और फ्रांस के नेतृत्व वाले अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन समेत 66 से अधिक अंतरराष्ट्रीय संगठनों से अमेरिका को बाहर निकालने का ऐलान किया है। यह फैसला उन संगठनों के खिलाफ लिया गया है जिन्हें ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी हितों के विपरीत माना है। ट्रंप ने क्यों उठाया यह कदम राष्ट्रपति ट्रंप ने एक राष्ट्रपति ज्ञापन पर हस्ताक्षर करते हुए इन संगठनों से अलग होने का निर्देश दिया।

भारत-फ्रांस के सौर गठबंधन पर अमेरिका का बड़ा फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपनी ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति को आगे बढ़ाते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। बुधवार को उन्होंने भारत और फ्रांस के नेतृत्व वाले अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन समेत 66 से अधिक अंतरराष्ट्रीय संगठनों से अमेरिका को बाहर निकालने का ऐलान किया है। यह फैसला उन संगठनों के खिलाफ लिया गया है जिन्हें ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी हितों के विपरीत माना है। ट्रंप ने क्यों उठाया यह कदम राष्ट्रपति ट्रंप ने एक राष्ट्रपति ज्ञापन पर हस्ताक्षर करते हुए इन संगठनों से अलग होने का निर्देश दिया।

500 Tariff on India: अमेरिका की राजनीति और वैश्विक व्यापार संतुलन एक बार फिर आमने-सामने खड़े नजर आ रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जिस नए कानून को मंजूरी दी है, उसने भारत समेत कई उभरती अर्थव्यवस्थाओं की चिंता बढ़ा दी है। ‘रूस प्रतिबंध अधिनियम 2025’ नामक इस प्रस्तावित कानून के तहत अमेरिका को उन देशों पर अत्यधिक ऊंचे टैरिफ लगाने का अधिकार मिल जाएगा, जो रूस से पेट्रोलियम और यूरेनियम उत्पादों की खरीद जारी रखते हैं। भारत, जिसने यूक्रेन युद्ध के बाद ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से रूस से रियायती दरों पर कच्चा तेल खरीदा, अब सीधे अमेरिकी

500 Tariff on India: अमेरिका की राजनीति और वैश्विक व्यापार संतुलन एक बार फिर आमने-सामने खड़े नजर आ रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जिस नए कानून को मंजूरी दी है, उसने भारत समेत कई उभरती अर्थव्यवस्थाओं की चिंता बढ़ा दी है। ‘रूस प्रतिबंध अधिनियम 2025’ नामक इस प्रस्तावित कानून के तहत अमेरिका को उन देशों पर अत्यधिक ऊंचे टैरिफ लगाने का अधिकार मिल जाएगा, जो रूस से पेट्रोलियम और यूरेनियम उत्पादों की खरीद जारी रखते हैं। भारत, जिसने यूक्रेन युद्ध के बाद ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से रूस से रियायती दरों पर कच्चा तेल खरीदा, अब सीधे अमेरिकी

ट्रंप की चावल पर नई टैरिफ की धमकी: भारतीय निर्यातकों को कितनी चिंता है? जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप किसी उत्पाद के बारे में बात करते हैं, तो दुनिया सुनती है। खासतौर पर तब जब बात टैरिफ लगाने की हो। हाल ही में ट्रंप ने भारत, वियतनाम और थाईलैंड से चावल के आयात पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की धमकी दी है। लेकिन क्या भारत के लिए यह वाकई खतरे की घंटी है? भारतीय चावल निर्यातकों और विशेषज्ञों के अनुसार, स्थिति उतनी गंभीर नहीं है जितनी पहली नजर में लगता है। भारत के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ट्रंप

ट्रंप की चावल पर नई टैरिफ की धमकी: भारतीय निर्यातकों को कितनी चिंता है? जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप किसी उत्पाद के बारे में बात करते हैं, तो दुनिया सुनती है। खासतौर पर तब जब बात टैरिफ लगाने की हो। हाल ही में ट्रंप ने भारत, वियतनाम और थाईलैंड से चावल के आयात पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की धमकी दी है। लेकिन क्या भारत के लिए यह वाकई खतरे की घंटी है? भारतीय चावल निर्यातकों और विशेषज्ञों के अनुसार, स्थिति उतनी गंभीर नहीं है जितनी पहली नजर में लगता है। भारत के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ट्रंप

भारत-रूस समुद्री एवं सामरिक सहयोग को नई दिशा देने की तैयारी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के शीर्ष सहयोगी और रूस के समुद्री बोर्ड के अध्यक्ष निकोलाई पत्रुशेव का भारत दौरा दोनों देशों के बीच आगामी उच्च-स्तरीय संवाद को लेकर अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मंगलवार को उन्होंने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर भारत-रूस शिखर सम्मेलन की तैयारियों तथा समुद्री क्षेत्र सहित अनेक द्विपक्षीय विषयों पर गहन चर्चा की। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब दिसंबर में निर्धारित 23वें वार्षिक भारत-रूस शिखर सम्मेलन की प्रतीक्षा वैश्विक कूटनीतिक हलकों में उत्सुकता के साथ की जा रही

भारत-रूस समुद्री एवं सामरिक सहयोग को नई दिशा देने की तैयारी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के शीर्ष सहयोगी और रूस के समुद्री बोर्ड के अध्यक्ष निकोलाई पत्रुशेव का भारत दौरा दोनों देशों के बीच आगामी उच्च-स्तरीय संवाद को लेकर अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मंगलवार को उन्होंने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर भारत-रूस शिखर सम्मेलन की तैयारियों तथा समुद्री क्षेत्र सहित अनेक द्विपक्षीय विषयों पर गहन चर्चा की। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब दिसंबर में निर्धारित 23वें वार्षिक भारत-रूस शिखर सम्मेलन की प्रतीक्षा वैश्विक कूटनीतिक हलकों में उत्सुकता के साथ की जा रही

भारतीय कृषि निर्यात को अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में नई सफलता नई दिल्ली, 17 नवंबर 2025: भारत के कृषि क्षेत्र के लिए एक शुभ खबर आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा की गई नई घोषणा से भारत के लगभग 1 अरब डॉलर मूल्य के कृषि निर्यात को बड़ी राहत मिलने वाली है। ट्रम्प प्रशासन ने लगभग 200 खाद्य पदार्थों पर लगाई गई टैरिफ में कटौती की है। इसका मुख्य कारण अमेरिकी बाजार में बढ़ती खाद्य कीमतों से जनता में असंतोष है। यह निर्णय भारत के साथ-साथ अन्य सभी व्यापारिक साझेदारों के लिए भी लागू होगा। भारत के कृषि निर्यात को मिलने

भारतीय कृषि निर्यात को अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में नई सफलता नई दिल्ली, 17 नवंबर 2025: भारत के कृषि क्षेत्र के लिए एक शुभ खबर आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा की गई नई घोषणा से भारत के लगभग 1 अरब डॉलर मूल्य के कृषि निर्यात को बड़ी राहत मिलने वाली है। ट्रम्प प्रशासन ने लगभग 200 खाद्य पदार्थों पर लगाई गई टैरिफ में कटौती की है। इसका मुख्य कारण अमेरिकी बाजार में बढ़ती खाद्य कीमतों से जनता में असंतोष है। यह निर्णय भारत के साथ-साथ अन्य सभी व्यापारिक साझेदारों के लिए भी लागू होगा। भारत के कृषि निर्यात को मिलने

न्यूयॉर्क की राजनीति में नया अध्याय हाल ही में न्यूयॉर्क सिटी के मेयर चुनाव में भारतीय मूल के जोहरान ममदानी ने उल्लेखनीय जीत दर्ज कर अमेरिकी राजनीति में एक नया अध्याय लिख दिया है। ममदानी को लंबे समय से प्रगतिशील राजनीति का मजबूत चेहरा माना जाता रहा है, और न्यूयॉर्क जैसे बहुसांस्कृतिक नगर में उनकी भारी विजयी बढ़त ने उन्हें राष्ट्रीय चर्चा का केंद्र बना दिया है। किंतु जिस बात ने राजनीतिक गलियारों में सबसे अधिक हलचल पैदा की है, वह है अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का अचानक नरम पड़ता रुख और ममदानी से मुलाकात का संकेत देना। ममदानी की

न्यूयॉर्क की राजनीति में नया अध्याय हाल ही में न्यूयॉर्क सिटी के मेयर चुनाव में भारतीय मूल के जोहरान ममदानी ने उल्लेखनीय जीत दर्ज कर अमेरिकी राजनीति में एक नया अध्याय लिख दिया है। ममदानी को लंबे समय से प्रगतिशील राजनीति का मजबूत चेहरा माना जाता रहा है, और न्यूयॉर्क जैसे बहुसांस्कृतिक नगर में उनकी भारी विजयी बढ़त ने उन्हें राष्ट्रीय चर्चा का केंद्र बना दिया है। किंतु जिस बात ने राजनीतिक गलियारों में सबसे अधिक हलचल पैदा की है, वह है अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का अचानक नरम पड़ता रुख और ममदानी से मुलाकात का संकेत देना। ममदानी की

Trump Russia Sanctions: नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक नया मोड़ देखने को मिल रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने रूस को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने के लिए एक आक्रामक रणनीति तैयार की है। इस रणनीति के तहत रूस और ईरान के साथ व्यापारिक संबंध बनाए रखने वाले देशों पर अत्यधिक कड़े प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी गई है। ट्रंप प्रशासन का यह कदम यूक्रेन युद्ध को वित्तीय रूप से कमजोर करने और रूस की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ाने की दिशा में उठाया गया है। रविवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में

Trump Russia Sanctions: नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक नया मोड़ देखने को मिल रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने रूस को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने के लिए एक आक्रामक रणनीति तैयार की है। इस रणनीति के तहत रूस और ईरान के साथ व्यापारिक संबंध बनाए रखने वाले देशों पर अत्यधिक कड़े प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी गई है। ट्रंप प्रशासन का यह कदम यूक्रेन युद्ध को वित्तीय रूप से कमजोर करने और रूस की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ाने की दिशा में उठाया गया है। रविवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में

Doland Trump: न्यूयॉर्क सिटी मेयर चुनाव 2025, जोहरान ममदानी की जीत पर ट्रंप की प्रतिक्रिया अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने न्यूयॉर्क सिटी मेयर चुनाव 2025 में जोहरान ममदानी की ऐतिहासिक जीत पर अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि रिपब्लिकन पार्टी की हार का कारण उनकी गैरमौजूदगी और सरकारी शटडाउन हैं। ट्रंप बोले – “मैं बैलेट पर नहीं था, इसलिए हारे रिपब्लिकन” ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर लिखा,“TRUMP WASN’T ON THE BALLOT, AND SHUTDOWN, WERE THE TWO REASONS THAT REPUBLICANS LOST ELECTIONS TONIGHT.”उनका कहना था कि अगर वे खुद चुनाव में शामिल होते,

Doland Trump: न्यूयॉर्क सिटी मेयर चुनाव 2025, जोहरान ममदानी की जीत पर ट्रंप की प्रतिक्रिया अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने न्यूयॉर्क सिटी मेयर चुनाव 2025 में जोहरान ममदानी की ऐतिहासिक जीत पर अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि रिपब्लिकन पार्टी की हार का कारण उनकी गैरमौजूदगी और सरकारी शटडाउन हैं। ट्रंप बोले – “मैं बैलेट पर नहीं था, इसलिए हारे रिपब्लिकन” ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर लिखा,“TRUMP WASN’T ON THE BALLOT, AND SHUTDOWN, WERE THE TWO REASONS THAT REPUBLICANS LOST ELECTIONS TONIGHT.”उनका कहना था कि अगर वे खुद चुनाव में शामिल होते,

ट्रंप और ताकाइची की ऐतिहासिक मुलाकात टोक्यो, 28 अक्टूबर: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को जापान की नई प्रधानमंत्री साने ताकाइची के साथ एक ऐतिहासिक बैठक की, जिसे दोनों देशों के रिश्तों के नए “स्वर्ण युग” की शुरुआत माना जा रहा है। ताकाइची, जो हाल ही में जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री बनी हैं, ने ट्रंप के साथ मैत्रीपूर्ण और रणनीतिक बातचीत की, जिसमें व्यापार, ऊर्जा और रक्षा सहयोग जैसे कई अहम मुद्दों पर सहमति बनी। दोनों नेताओं की यह बैठक न केवल राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रही, बल्कि इसे एशिया-अमेरिका संबंधों में एक नया मोड़ भी माना जा

ट्रंप और ताकाइची की ऐतिहासिक मुलाकात टोक्यो, 28 अक्टूबर: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को जापान की नई प्रधानमंत्री साने ताकाइची के साथ एक ऐतिहासिक बैठक की, जिसे दोनों देशों के रिश्तों के नए “स्वर्ण युग” की शुरुआत माना जा रहा है। ताकाइची, जो हाल ही में जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री बनी हैं, ने ट्रंप के साथ मैत्रीपूर्ण और रणनीतिक बातचीत की, जिसमें व्यापार, ऊर्जा और रक्षा सहयोग जैसे कई अहम मुद्दों पर सहमति बनी। दोनों नेताओं की यह बैठक न केवल राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रही, बल्कि इसे एशिया-अमेरिका संबंधों में एक नया मोड़ भी माना जा

ओवल ऑफिस में दिवाली का भव्य उत्सव 21 अक्टूबर 2025 को, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ओवल ऑफिस में पारंपरिक दीपक जलाकर दिवाली का आयोजन किया। इस अवसर पर भारतीय-अमेरिकी अधिकारियों सहित FBI निदेशक कश पटेल और राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड भी उपस्थित थे। NOW – Trump lights a diya in the Oval Office to celebrate India’s Diwali. pic.twitter.com/FJmVYrstnv — Disclose.tv (@disclosetv) October 21, 2025 राष्ट्रपति ट्रम्प ने कार्यक्रम से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर वार्ता की, जिसमें आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता और वैश्विक सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा हुई। भारत-अमेरिका संबंधों में मजबूती ट्रम्प ने इस अवसर

ओवल ऑफिस में दिवाली का भव्य उत्सव 21 अक्टूबर 2025 को, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ओवल ऑफिस में पारंपरिक दीपक जलाकर दिवाली का आयोजन किया। इस अवसर पर भारतीय-अमेरिकी अधिकारियों सहित FBI निदेशक कश पटेल और राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड भी उपस्थित थे। NOW – Trump lights a diya in the Oval Office to celebrate India’s Diwali. pic.twitter.com/FJmVYrstnv — Disclose.tv (@disclosetv) October 21, 2025 राष्ट्रपति ट्रम्प ने कार्यक्रम से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर वार्ता की, जिसमें आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता और वैश्विक सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा हुई। भारत-अमेरिका संबंधों में मजबूती ट्रम्प ने इस अवसर

अमेरिका में H-1B वीजा धारकों के लिए राहत की घड़ी अमेरिका में H-1B वीजा पर काम कर रहे भारतीय पेशेवरों और अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। हाल ही में ट्रंप प्रशासन द्वारा H-1B वीजा के लिए 1 लाख डॉलर (लगभग 88 लाख रुपये) की भारी फीस लागू की गई थी। इस फैसले ने हजारों भारतीय पेशेवरों और छात्रों की चिंता बढ़ा दी थी। लेकिन अब अमेरिकी इमिग्रेशन विभाग (USCIS) ने नई गाइडलाइन जारी कर इस फीस में छूट देने की घोषणा की है। मौजूदा वीजा धारक, F-1 स्टूडेंट वीजा पर अमेरिका में रहने वाले छात्र, L-1 इंट्रा-कंपनी

अमेरिका में H-1B वीजा धारकों के लिए राहत की घड़ी अमेरिका में H-1B वीजा पर काम कर रहे भारतीय पेशेवरों और अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। हाल ही में ट्रंप प्रशासन द्वारा H-1B वीजा के लिए 1 लाख डॉलर (लगभग 88 लाख रुपये) की भारी फीस लागू की गई थी। इस फैसले ने हजारों भारतीय पेशेवरों और छात्रों की चिंता बढ़ा दी थी। लेकिन अब अमेरिकी इमिग्रेशन विभाग (USCIS) ने नई गाइडलाइन जारी कर इस फीस में छूट देने की घोषणा की है। मौजूदा वीजा धारक, F-1 स्टूडेंट वीजा पर अमेरिका में रहने वाले छात्र, L-1 इंट्रा-कंपनी

ट्रंप टैरिफ ने बिगाड़ा भारत-अमेरिका व्यापार का संतुलन नई दिल्ली, बिज़नेस डेस्क।अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की ओर से लगाए गए 50 फीसदी टैरिफ का सीधा असर अब भारत-अमेरिका व्यापारिक संबंधों पर दिखाई दे रहा है। भारत से अमेरिका को होने वाला निर्यात लगातार चौथे महीने घटा है। ताज़ा रिपोर्ट में बताया गया है कि सितंबर 2025 में भारतीय निर्यात 5.5 अरब डॉलर पर सिमट गया, जो अगस्त की तुलना में 20.3% कम है। यह गिरावट सिर्फ एक महीने की नहीं, बल्कि पिछले चार महीनों से लगातार जारी है। मई में जहाँ भारत का निर्यात 8.8 अरब डॉलर था, वहीं

ट्रंप टैरिफ ने बिगाड़ा भारत-अमेरिका व्यापार का संतुलन नई दिल्ली, बिज़नेस डेस्क।अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की ओर से लगाए गए 50 फीसदी टैरिफ का सीधा असर अब भारत-अमेरिका व्यापारिक संबंधों पर दिखाई दे रहा है। भारत से अमेरिका को होने वाला निर्यात लगातार चौथे महीने घटा है। ताज़ा रिपोर्ट में बताया गया है कि सितंबर 2025 में भारतीय निर्यात 5.5 अरब डॉलर पर सिमट गया, जो अगस्त की तुलना में 20.3% कम है। यह गिरावट सिर्फ एक महीने की नहीं, बल्कि पिछले चार महीनों से लगातार जारी है। मई में जहाँ भारत का निर्यात 8.8 अरब डॉलर था, वहीं

अमेरिका में ‘नो किंग्स डे’ प्रदर्शन नई दिल्ली। अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सत्तावादी रवैये और नीतियों के खिलाफ शनिवार को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। यह आंदोलन ‘नो किंग्स डे 2025’ के नाम से जाना गया और इसमें लगभग 2,700 शहरों में 70 लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि ट्रंप लोकतांत्रिक तरीके से राष्ट्रपति का पद नहीं संभाल रहे, बल्कि राजा की तरह खुद को प्रस्तुत कर रहे हैं। शांतिपूर्ण प्रदर्शनों में लोग व्यंग्यात्मक पोशाकें और अजीबोगरीब परिधान पहनकर अपनी आवाज़ उठा रहे थे। प्रदर्शन की व्यापकता और शांतिपूर्ण माहौल सीएनएन

अमेरिका में ‘नो किंग्स डे’ प्रदर्शन नई दिल्ली। अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सत्तावादी रवैये और नीतियों के खिलाफ शनिवार को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। यह आंदोलन ‘नो किंग्स डे 2025’ के नाम से जाना गया और इसमें लगभग 2,700 शहरों में 70 लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि ट्रंप लोकतांत्रिक तरीके से राष्ट्रपति का पद नहीं संभाल रहे, बल्कि राजा की तरह खुद को प्रस्तुत कर रहे हैं। शांतिपूर्ण प्रदर्शनों में लोग व्यंग्यात्मक पोशाकें और अजीबोगरीब परिधान पहनकर अपनी आवाज़ उठा रहे थे। प्रदर्शन की व्यापकता और शांतिपूर्ण माहौल सीएनएन

नई दिल्ली।विश्व राजनीति के बदलते समीकरणों के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर ब्रिक्स (BRICS) संगठन पर भड़क गए हैं। उन्होंने दो टूक चेतावनी दी है कि जो भी देश ब्रिक्स में शामिल होगा, उस पर अमेरिका की ओर से अतिरिक्त शुल्क लगाया जाएगा। ट्रंप का आरोप है कि यह संगठन अमेरिकी डॉलर को कमजोर करने की साज़िश कर रहा है। भारत, जो वर्ष 2026 में भव्य ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी की तैयारी कर रहा है, ने ट्रंप के इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने स्पष्ट किया है कि

नई दिल्ली।विश्व राजनीति के बदलते समीकरणों के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर ब्रिक्स (BRICS) संगठन पर भड़क गए हैं। उन्होंने दो टूक चेतावनी दी है कि जो भी देश ब्रिक्स में शामिल होगा, उस पर अमेरिका की ओर से अतिरिक्त शुल्क लगाया जाएगा। ट्रंप का आरोप है कि यह संगठन अमेरिकी डॉलर को कमजोर करने की साज़िश कर रहा है। भारत, जो वर्ष 2026 में भव्य ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी की तैयारी कर रहा है, ने ट्रंप के इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने स्पष्ट किया है कि

इजरायली बंधकों की रिहाई और सीजफायर इजरायल और हमास के बीच जारी तनाव के बीच एक महत्वपूर्ण मोड़ आया है। सोमवार को घोषित सीजफायर के बाद हमास ने 20 बंधकों को रिहा किया। यह कदम न केवल मानवीय दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि मिडिल ईस्ट क्षेत्र में शांति की दिशा में एक सकारात्मक संकेत भी माना जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की प्रतिक्रिया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को धन्यवाद देते हुए इस रिहाई को मिडिल ईस्ट के लिए एक नया सवेरा बताया। ट्रंप ने इसे क्षेत्र में स्थायी शांति की दिशा में एक कदम

इजरायली बंधकों की रिहाई और सीजफायर इजरायल और हमास के बीच जारी तनाव के बीच एक महत्वपूर्ण मोड़ आया है। सोमवार को घोषित सीजफायर के बाद हमास ने 20 बंधकों को रिहा किया। यह कदम न केवल मानवीय दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि मिडिल ईस्ट क्षेत्र में शांति की दिशा में एक सकारात्मक संकेत भी माना जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की प्रतिक्रिया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को धन्यवाद देते हुए इस रिहाई को मिडिल ईस्ट के लिए एक नया सवेरा बताया। ट्रंप ने इसे क्षेत्र में स्थायी शांति की दिशा में एक कदम

हमास ने सभी बंधकों को किया रिहा, ट्रंप बोले — “मिडिल ईस्ट में नया ऐतिहासिक सवेरा” यरुशलम में एक ऐतिहासिक दिन देखा गया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल की संसद नेसेट में खड़े होकर घोषणा की कि “अंधकार और कैद के दो वर्षों के बाद 20 साहसी बंधक अपने परिवारों के पास लौट रहे हैं।”यह बयान सिर्फ एक घोषणा नहीं, बल्कि दो साल से जारी खूनी संघर्ष के अंत की प्रतीक बन गया। दो साल बाद थमा युद्ध का पहिया करीब दो वर्षों तक इजरायल और हमास के बीच चला भीषण युद्ध आखिरकार सीजफायर के साथ थम गया।

हमास ने सभी बंधकों को किया रिहा, ट्रंप बोले — “मिडिल ईस्ट में नया ऐतिहासिक सवेरा” यरुशलम में एक ऐतिहासिक दिन देखा गया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल की संसद नेसेट में खड़े होकर घोषणा की कि “अंधकार और कैद के दो वर्षों के बाद 20 साहसी बंधक अपने परिवारों के पास लौट रहे हैं।”यह बयान सिर्फ एक घोषणा नहीं, बल्कि दो साल से जारी खूनी संघर्ष के अंत की प्रतीक बन गया। दो साल बाद थमा युद्ध का पहिया करीब दो वर्षों तक इजरायल और हमास के बीच चला भीषण युद्ध आखिरकार सीजफायर के साथ थम गया।

200 प्रतिशत टैरिफ के डर से रुका युद्ध’: ट्रंप ने फिर लिया भारत-पाक संघर्ष रोकने का श्रेय डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने बयान से अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। उन्होंने दावा किया है कि भारत-पाकिस्तान के बीच मई 2025 में हुआ युद्धविराम उनकी “टैरिफ नीति” का नतीजा था। #WATCH | “…I settled a few of the wars just based on tariffs. For example, between India and Pakistan, I said, if you guys want to fight a war and you have nuclear weapons. I am going to put big tariffs on you

200 प्रतिशत टैरिफ के डर से रुका युद्ध’: ट्रंप ने फिर लिया भारत-पाक संघर्ष रोकने का श्रेय डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने बयान से अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। उन्होंने दावा किया है कि भारत-पाकिस्तान के बीच मई 2025 में हुआ युद्धविराम उनकी “टैरिफ नीति” का नतीजा था। #WATCH | “…I settled a few of the wars just based on tariffs. For example, between India and Pakistan, I said, if you guys want to fight a war and you have nuclear weapons. I am going to put big tariffs on you

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली।पाकिस्तान और अमेरिका के बीच बढ़ते हुए सैन्य और राजनीतिक रिश्तों के बीच एक नई डिफेंस डील चर्चा में है। पाकिस्तान को अमेरिका से AIM-120 एडवांस मीडियम रेंज की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें मिलने की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह मिसाइलें पाकिस्तानी वायुसेना की क्षमता को और मजबूत करेंगी और क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों को प्रभावित कर सकती हैं। अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों में नजदीकियों का प्रभाव हाल के महीनों में पाकिस्तान लगातार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ करता नजर आया है। पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने कई बार अमेरिका की

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली।पाकिस्तान और अमेरिका के बीच बढ़ते हुए सैन्य और राजनीतिक रिश्तों के बीच एक नई डिफेंस डील चर्चा में है। पाकिस्तान को अमेरिका से AIM-120 एडवांस मीडियम रेंज की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें मिलने की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह मिसाइलें पाकिस्तानी वायुसेना की क्षमता को और मजबूत करेंगी और क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों को प्रभावित कर सकती हैं। अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों में नजदीकियों का प्रभाव हाल के महीनों में पाकिस्तान लगातार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ करता नजर आया है। पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने कई बार अमेरिका की

नई दिल्ली।पाकिस्तान ने इजरायल और हमास के बीच युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका द्वारा पेश किए गए 20 सूत्रीय गाजा शांति प्रस्ताव का समर्थन करने से इनकार कर दिया है। यह निर्णय अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से पाकिस्तान के समर्थन की हालिया प्रशंसा के कुछ ही दिनों बाद आया है। पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक डार ने शुक्रवार को संसद में बताया कि ट्रंप द्वारा इस सप्ताह घोषित 20-बिंदु योजना, मुस्लिम बहुल देशों के समूह द्वारा प्रस्तावित मसौदे के अनुरूप नहीं है। डार ने कहा, “मैंने साफ कर दिया है कि ये 20 बिंदु, जिन्हें ट्रंप ने

नई दिल्ली।पाकिस्तान ने इजरायल और हमास के बीच युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका द्वारा पेश किए गए 20 सूत्रीय गाजा शांति प्रस्ताव का समर्थन करने से इनकार कर दिया है। यह निर्णय अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से पाकिस्तान के समर्थन की हालिया प्रशंसा के कुछ ही दिनों बाद आया है। पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक डार ने शुक्रवार को संसद में बताया कि ट्रंप द्वारा इस सप्ताह घोषित 20-बिंदु योजना, मुस्लिम बहुल देशों के समूह द्वारा प्रस्तावित मसौदे के अनुरूप नहीं है। डार ने कहा, “मैंने साफ कर दिया है कि ये 20 बिंदु, जिन्हें ट्रंप ने

अमेरिका में सरकारी कामकाज ठप डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका में सरकारी कामकाज एक बार फिर ठप हो गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कांग्रेस के बीच वार्षिक बजट पर सहमति न बन पाने के कारण सरकारी विभाग और सेवाएँ प्रभावित हो रही हैं। यह स्थिति लाखों कर्मचारियों के लिए अनिश्चितता और आर्थिक दबाव का कारण बन सकती है। शटडाउन कोई नई घटना नहीं अमेरिका में इस तरह का शटडाउन कोई नई घटना नहीं है। ट्रंप के पहले कार्यकाल में 35 दिनों का लंबा शटडाउन हुआ था, जिसका कारण अमेरिका-मेक्सिको सीमा पर दीवार बनाने के लिए फंड की मांग थी।

अमेरिका में सरकारी कामकाज ठप डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका में सरकारी कामकाज एक बार फिर ठप हो गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कांग्रेस के बीच वार्षिक बजट पर सहमति न बन पाने के कारण सरकारी विभाग और सेवाएँ प्रभावित हो रही हैं। यह स्थिति लाखों कर्मचारियों के लिए अनिश्चितता और आर्थिक दबाव का कारण बन सकती है। शटडाउन कोई नई घटना नहीं अमेरिका में इस तरह का शटडाउन कोई नई घटना नहीं है। ट्रंप के पहले कार्यकाल में 35 दिनों का लंबा शटडाउन हुआ था, जिसका कारण अमेरिका-मेक्सिको सीमा पर दीवार बनाने के लिए फंड की मांग थी।

29 सितंबर 2025 को, US President Donald Trump और Israeli Prime Minister Benjamin Netanyahu ने एक ऐतिहासिक पहल के रूप में Gaza के लिए 20-पॉइंट Peace Plan का ऐलान किया। इस योजना का मुख्य उद्देश्य Hamas से तत्काल Ceasefire, हथियारों का परित्याग, और सभी Israeli Hostages की रिहाई सुनिश्चित करना है। इसके बदले में Palestinian Prisoners की रिहाई और Hamas की सैन्य संरचना (Military Infrastructure) के विनाश की व्यवस्था प्रस्तावित है। Listen up Christians.. Satan himself is telling you how to read the bible. https://t.co/OwCRsrA52E — GeneralPatton’sGhost (@GeneralpattonS) September 29, 2025 इस 20-पॉइंट प्लान के तहत एक नई Board of

29 सितंबर 2025 को, US President Donald Trump और Israeli Prime Minister Benjamin Netanyahu ने एक ऐतिहासिक पहल के रूप में Gaza के लिए 20-पॉइंट Peace Plan का ऐलान किया। इस योजना का मुख्य उद्देश्य Hamas से तत्काल Ceasefire, हथियारों का परित्याग, और सभी Israeli Hostages की रिहाई सुनिश्चित करना है। इसके बदले में Palestinian Prisoners की रिहाई और Hamas की सैन्य संरचना (Military Infrastructure) के विनाश की व्यवस्था प्रस्तावित है। Listen up Christians.. Satan himself is telling you how to read the bible. https://t.co/OwCRsrA52E — GeneralPatton’sGhost (@GeneralpattonS) September 29, 2025 इस 20-पॉइंट प्लान के तहत एक नई Board of

नई दिल्ली | अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बड़ा कदम उठाते हुए 100% tariff लगाने का ऐलान किया है, जो अब branded और patented pharmaceutical drugs imports पर लागू होगा। यह फैसला अमेरिका की घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने और विदेशी निर्भरता कम करने की दिशा में उठाया गया है। Trump ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा, “मैं pharmaceutical drugs पर 100% import tax लगा रहा हूं, जब तक कंपनियां अमेरिका में प्लांट्स नहीं बनातीं। जमीन तैयार होनी चाहिए, निर्माण कार्य होना चाहिए — यही डील है, कोई अपवाद नहीं।” वेब स्टोरी: भारत के लिए इसका

नई दिल्ली | अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बड़ा कदम उठाते हुए 100% tariff लगाने का ऐलान किया है, जो अब branded और patented pharmaceutical drugs imports पर लागू होगा। यह फैसला अमेरिका की घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने और विदेशी निर्भरता कम करने की दिशा में उठाया गया है। Trump ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा, “मैं pharmaceutical drugs पर 100% import tax लगा रहा हूं, जब तक कंपनियां अमेरिका में प्लांट्स नहीं बनातीं। जमीन तैयार होनी चाहिए, निर्माण कार्य होना चाहिए — यही डील है, कोई अपवाद नहीं।” वेब स्टोरी: भारत के लिए इसका

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अचानक गरमाहट दिखाई दे रही है। US President Donald Trump ने शनिवार को Bagram Airbase को लेकर तालिबान को सख्त चेतावनी दी — “If Afghanistan doesn’t give Bagram Airbase back… BAD THINGS ARE GOING TO HAPPEN!” — यह संदेश उन्होंने अपने Truth Social प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करके और बाद में रिपोर्टर्स से कहते हुए दोहराया। यह बयान उस समय आया है जब Mr. Trump हाल ही में UK state visit पर थे और वहीं एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बताया था कि वे Bagram की वापसी के लिए कार्य कर रहे हैं और इसकी रणनीति पर बातचीत

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अचानक गरमाहट दिखाई दे रही है। US President Donald Trump ने शनिवार को Bagram Airbase को लेकर तालिबान को सख्त चेतावनी दी — “If Afghanistan doesn’t give Bagram Airbase back… BAD THINGS ARE GOING TO HAPPEN!” — यह संदेश उन्होंने अपने Truth Social प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करके और बाद में रिपोर्टर्स से कहते हुए दोहराया। यह बयान उस समय आया है जब Mr. Trump हाल ही में UK state visit पर थे और वहीं एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बताया था कि वे Bagram की वापसी के लिए कार्य कर रहे हैं और इसकी रणनीति पर बातचीत

h1b visas news: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एच1बी वीजा (trump h1b visa) पर उठाये गये कदम से दुनियाभर में मशहूर दुर्गा पूजा (Durga Puja 2025) से पहले छुट्टी लेकर पश्चिम बंगाल में अपने घर आये सैकड़ों लोगों के सिर पर मुसीबत आ पड़ी है। ट्रेवल एजेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीएएफआइ) के ईस्ट जोन के चेयरमैन अनिल पंजाबी ने बताया कि बहुत ही विकट स्थिति बन गयी है। कोलकाता में फंसे 200-300 लोग वर्तमान में पश्चिम बंगाल में 200 से 300 एच1 बी वीजा (us h1b visa news) वाले लोग आकर फंस चुके हैं। विभिन्न कारणों से लोग आये हैं।

h1b visas news: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एच1बी वीजा (trump h1b visa) पर उठाये गये कदम से दुनियाभर में मशहूर दुर्गा पूजा (Durga Puja 2025) से पहले छुट्टी लेकर पश्चिम बंगाल में अपने घर आये सैकड़ों लोगों के सिर पर मुसीबत आ पड़ी है। ट्रेवल एजेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीएएफआइ) के ईस्ट जोन के चेयरमैन अनिल पंजाबी ने बताया कि बहुत ही विकट स्थिति बन गयी है। कोलकाता में फंसे 200-300 लोग वर्तमान में पश्चिम बंगाल में 200 से 300 एच1 बी वीजा (us h1b visa news) वाले लोग आकर फंस चुके हैं। विभिन्न कारणों से लोग आये हैं।

नई दिल्ली: What is H-1B Visa? हाल ही में Donald Trump द्वारा H-1B Visa की fees बढ़ाने के फैसले ने Indian IT companies को हिला दिया है। लेकिन आम पाठक के मन में सवाल है – आखिर ये H-1B Visa है क्या? आइए विस्तार से समझते हैं। H-1B Visa क्या है (What is H-1B Visa)? H-1B एक non-immigrant work visa है जिसे United States Citizenship and Immigration Services (USCIS) द्वारा जारी किया जाता है। यह visa विदेशी skilled professionals को अमेरिका में काम करने की अनुमति देता है। इसका मकसद है कि जब किसी job role के लिए अमेरिकी workers

नई दिल्ली: What is H-1B Visa? हाल ही में Donald Trump द्वारा H-1B Visa की fees बढ़ाने के फैसले ने Indian IT companies को हिला दिया है। लेकिन आम पाठक के मन में सवाल है – आखिर ये H-1B Visa है क्या? आइए विस्तार से समझते हैं। H-1B Visa क्या है (What is H-1B Visa)? H-1B एक non-immigrant work visa है जिसे United States Citizenship and Immigration Services (USCIS) द्वारा जारी किया जाता है। यह visa विदेशी skilled professionals को अमेरिका में काम करने की अनुमति देता है। इसका मकसद है कि जब किसी job role के लिए अमेरिकी workers

नई दिल्ली, Trump’s H-1B Visa News: अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने शुक्रवार को एक बड़ा कदम उठाते हुए H-1B Visa Fees को $1,000 से बढ़ाकर $100,000 कर दिया है। यह बदलाव 9,900% की वृद्धि दर्शाता है और इसका सीधा असर भारत की शीर्ष IT कंपनियों पर पड़ने वाला है। अनुमान है कि इस नए शुल्क से भारत की पाँच बड़ी IT कंपनियों – TCS, Infosys, HCLTech, Cognizant और LTIMindtree – के FY25 में हुए कुल profits का लगभग 10% हिस्सा केवल visa fees में खर्च हो जाएगा। वेब स्टोरी: Trump’s H-1B Visa: Indian IT Industry पर सीधा असर अमेरिका

नई दिल्ली, Trump’s H-1B Visa News: अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने शुक्रवार को एक बड़ा कदम उठाते हुए H-1B Visa Fees को $1,000 से बढ़ाकर $100,000 कर दिया है। यह बदलाव 9,900% की वृद्धि दर्शाता है और इसका सीधा असर भारत की शीर्ष IT कंपनियों पर पड़ने वाला है। अनुमान है कि इस नए शुल्क से भारत की पाँच बड़ी IT कंपनियों – TCS, Infosys, HCLTech, Cognizant और LTIMindtree – के FY25 में हुए कुल profits का लगभग 10% हिस्सा केवल visa fees में खर्च हो जाएगा। वेब स्टोरी: Trump’s H-1B Visa: Indian IT Industry पर सीधा असर अमेरिका

Mohan Bhagwat on US Tariff: नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ को लेकर अपना पक्ष रखा।उन्होंने कहा कि दुनिया में कई देशों को यह डर सताता है – “अगर कोई बड़ा होगा तो मेरा क्या होगा”। इसी मानसिकता के चलते बड़े राष्ट्र अक्सर टैरिफ जैसे आर्थिक अवरोध खड़े करते हैं। भागवत का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब भारत-अमेरिका व्यापार संबंध वैश्विक सुर्खियों में हैं। अमेरिका ने हाल के वर्षों में भारत के कई उत्पादों पर टैरिफ बढ़ाया है। वहीं भारत

Mohan Bhagwat on US Tariff: नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ को लेकर अपना पक्ष रखा।उन्होंने कहा कि दुनिया में कई देशों को यह डर सताता है – “अगर कोई बड़ा होगा तो मेरा क्या होगा”। इसी मानसिकता के चलते बड़े राष्ट्र अक्सर टैरिफ जैसे आर्थिक अवरोध खड़े करते हैं। भागवत का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब भारत-अमेरिका व्यापार संबंध वैश्विक सुर्खियों में हैं। अमेरिका ने हाल के वर्षों में भारत के कई उत्पादों पर टैरिफ बढ़ाया है। वहीं भारत

Modi & Trump News: ट्रंप और मोदी के बीच बदलता रिश्ता Modi & Trump News: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रिश्तों पर एक बार फिर चर्चा तेज़ हो गई है। ट्रंप ने हाल ही में मोदी को “अच्छा दोस्त” और “ग्रेट प्राइम मिनिस्टर” कहकर उनकी सराहना की। इस बयान के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने भी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और कहा कि भारत और अमेरिका के बीच की साझेदारी “बेहद सकारात्मक और दूरदर्शी” है। लेकिन इसी तारीफ़ से कुछ घंटे पहले ट्रंप ने भारत पर निशाना साधते हुए कहा था कि भारत “चीन के

Modi & Trump News: ट्रंप और मोदी के बीच बदलता रिश्ता Modi & Trump News: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रिश्तों पर एक बार फिर चर्चा तेज़ हो गई है। ट्रंप ने हाल ही में मोदी को “अच्छा दोस्त” और “ग्रेट प्राइम मिनिस्टर” कहकर उनकी सराहना की। इस बयान के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने भी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और कहा कि भारत और अमेरिका के बीच की साझेदारी “बेहद सकारात्मक और दूरदर्शी” है। लेकिन इसी तारीफ़ से कुछ घंटे पहले ट्रंप ने भारत पर निशाना साधते हुए कहा था कि भारत “चीन के

Russia-Ukraine War: यूक्रेन का भविष्य सोमवार को व्हाइट हाउस में जल्दबाजी में बुलाई गई एक बैठक पर निर्भर कर सकता है, क्योंकि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूस के खिलाफ एकजुट मोर्चा प्रदर्शित करने के लिए यूरोपीय नेताओं का एक दल लेकर वाशिंगटन पहुंचे हैं। पिछले शुक्रवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ ट्रंप की शिखर वार्ता में यूरोप के नेताओं को शामिल नहीं किया गया था तथा वे यूक्रेन और यूरोप को मॉस्को की ओर से किसी भी व्यापक आक्रमण से बचाने की कोशिश कर रहे हैं। यूरोपीय नेता एक समूह में

Russia-Ukraine War: यूक्रेन का भविष्य सोमवार को व्हाइट हाउस में जल्दबाजी में बुलाई गई एक बैठक पर निर्भर कर सकता है, क्योंकि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूस के खिलाफ एकजुट मोर्चा प्रदर्शित करने के लिए यूरोपीय नेताओं का एक दल लेकर वाशिंगटन पहुंचे हैं। पिछले शुक्रवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ ट्रंप की शिखर वार्ता में यूरोप के नेताओं को शामिल नहीं किया गया था तथा वे यूक्रेन और यूरोप को मॉस्को की ओर से किसी भी व्यापक आक्रमण से बचाने की कोशिश कर रहे हैं। यूरोपीय नेता एक समूह में