
जनसुराज समर्थक दुलारचंद यादव हत्याकांड में पुलिस की बड़ी कार्रवाई पटना। मोकामा विधानसभा क्षेत्र के पंडारक प्रखंड स्थित भदौर में जनसुराज समर्थक दुलारचंद यादव की हत्या के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग में कार्रवाई तेज हो गई है। एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने भदौर थानाध्यक्ष रवि रंजन चौहान और घोसवरी थानाध्यक्ष मधुसूदन कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। बताया गया कि क्षेत्र में सतर्कता की कमी और गंभीर लापरवाही के कारण यह कार्रवाई की गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हत्या के कारणों को लेकर आई

जनसुराज समर्थक दुलारचंद यादव हत्याकांड में पुलिस की बड़ी कार्रवाई पटना। मोकामा विधानसभा क्षेत्र के पंडारक प्रखंड स्थित भदौर में जनसुराज समर्थक दुलारचंद यादव की हत्या के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग में कार्रवाई तेज हो गई है। एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने भदौर थानाध्यक्ष रवि रंजन चौहान और घोसवरी थानाध्यक्ष मधुसूदन कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। बताया गया कि क्षेत्र में सतर्कता की कमी और गंभीर लापरवाही के कारण यह कार्रवाई की गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हत्या के कारणों को लेकर आई

मोकामा गोलीकांड: दुलारचंद यादव का पोस्टमार्टम संपन्न मोकामा टाल गोलीकांड में मारे गए जन सुराज समर्थक नेता दुलारचंद यादव का पोस्टमार्टम आज मेडिकल बोर्ड की निगरानी में पूरा हुआ। प्रशासन की सख्त निगरानी में यह प्रक्रिया पटना मेडिकल कॉलेज में कराई गई। पोस्टमार्टम के बाद शव को बाढ़ स्थित उनके आवास पर लाया गया, जहां हजारों की संख्या में लोग मौजूद थे। परिजनों में रोष और प्रशासन की सख्त निगरानी घर पहुंचने के बाद माहौल भावनात्मक और तनावपूर्ण दोनों दिखा। ग्रामीणों और समर्थकों ने पुलिस प्रशासन पर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने एहतियात के तौर पर इलाके में

मोकामा गोलीकांड: दुलारचंद यादव का पोस्टमार्टम संपन्न मोकामा टाल गोलीकांड में मारे गए जन सुराज समर्थक नेता दुलारचंद यादव का पोस्टमार्टम आज मेडिकल बोर्ड की निगरानी में पूरा हुआ। प्रशासन की सख्त निगरानी में यह प्रक्रिया पटना मेडिकल कॉलेज में कराई गई। पोस्टमार्टम के बाद शव को बाढ़ स्थित उनके आवास पर लाया गया, जहां हजारों की संख्या में लोग मौजूद थे। परिजनों में रोष और प्रशासन की सख्त निगरानी घर पहुंचने के बाद माहौल भावनात्मक और तनावपूर्ण दोनों दिखा। ग्रामीणों और समर्थकों ने पुलिस प्रशासन पर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने एहतियात के तौर पर इलाके में