
सनातन परंपरा में माघ मास का विशेष महत्व है और इस महीने में आने वाली चतुर्थी तिथि को सकट चौथ के नाम से जाना जाता है। यह व्रत संतान की सुरक्षा, सुख समृद्धि और लंबी आयु के लिए रखा जाता है। इस साल 2026 में सकट चौथ का व्रत 6 जनवरी को रखा जाएगा। इस दिन भगवान गणेश और चौथ माता की पूजा करने से सभी संकट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। सकट चौथ व्रत का महत्व और समय माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को सकट चौथ, तिलकुट चौथ, गणेश चौथ और माघी चौथ

सनातन परंपरा में माघ मास का विशेष महत्व है और इस महीने में आने वाली चतुर्थी तिथि को सकट चौथ के नाम से जाना जाता है। यह व्रत संतान की सुरक्षा, सुख समृद्धि और लंबी आयु के लिए रखा जाता है। इस साल 2026 में सकट चौथ का व्रत 6 जनवरी को रखा जाएगा। इस दिन भगवान गणेश और चौथ माता की पूजा करने से सभी संकट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। सकट चौथ व्रत का महत्व और समय माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को सकट चौथ, तिलकुट चौथ, गणेश चौथ और माघी चौथ

दिवाली 2025: लक्ष्मी-गणेश पूजन का महत्व दिवाली हिन्दू धर्म का सबसे महत्वपूर्ण पर्व है, जो अंधकार पर प्रकाश की विजय और असत्य पर सत्य के उत्सव के रूप में मनाया जाता है। शास्त्रों के अनुसार, दीपावली के दिन देवी लक्ष्मी का प्राकट्य हुआ था। इस कारण आज भी कार्तिक अमावस्या की रात को ही लक्ष्मी पूजन करना अत्यंत शुभ माना जाता है। लक्ष्मी-गणेश पूजन के शुभ मुहूर्त इस वर्ष 20 अक्तूबर 2025 को कार्तिक अमावस्या तिथि शाम 3:44 बजे से शुरू होकर 21 अक्तूबर को शाम 5:54 बजे समाप्त होगी। इसलिए मुख्य दीपावली इस बार 20 अक्तूबर, सोमवार को ही

दिवाली 2025: लक्ष्मी-गणेश पूजन का महत्व दिवाली हिन्दू धर्म का सबसे महत्वपूर्ण पर्व है, जो अंधकार पर प्रकाश की विजय और असत्य पर सत्य के उत्सव के रूप में मनाया जाता है। शास्त्रों के अनुसार, दीपावली के दिन देवी लक्ष्मी का प्राकट्य हुआ था। इस कारण आज भी कार्तिक अमावस्या की रात को ही लक्ष्मी पूजन करना अत्यंत शुभ माना जाता है। लक्ष्मी-गणेश पूजन के शुभ मुहूर्त इस वर्ष 20 अक्तूबर 2025 को कार्तिक अमावस्या तिथि शाम 3:44 बजे से शुरू होकर 21 अक्तूबर को शाम 5:54 बजे समाप्त होगी। इसलिए मुख्य दीपावली इस बार 20 अक्तूबर, सोमवार को ही

मुंबई/पुणे/नागपुर | गणपति बप्पा मोरया: महाराष्ट्र में आज से गणेशोत्सव 2025 की धूमधाम शुरू हो गई है। सुबह से ही मंदिरों और पंडालों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। ढोल-ताशों की गूंज और “गणपति बप्पा मोरया” के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय और उत्साहपूर्ण हो गया है। घरों में श्रद्धालु अपने-अपने बप्पा की प्रतिमा स्थापित कर रहे हैं, वहीं सार्वजनिक मंडलों ने भव्य पंडाल और सजावट से पूरे शहर को सजा दिया है। कई मंडलों में विशेष थीम आधारित सजावट की गई है – कहीं सामाजिक संदेशों पर आधारित झाँकियाँ लगाई गई हैं तो कहीं सांस्कृतिक धरोहर को

मुंबई/पुणे/नागपुर | गणपति बप्पा मोरया: महाराष्ट्र में आज से गणेशोत्सव 2025 की धूमधाम शुरू हो गई है। सुबह से ही मंदिरों और पंडालों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। ढोल-ताशों की गूंज और “गणपति बप्पा मोरया” के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय और उत्साहपूर्ण हो गया है। घरों में श्रद्धालु अपने-अपने बप्पा की प्रतिमा स्थापित कर रहे हैं, वहीं सार्वजनिक मंडलों ने भव्य पंडाल और सजावट से पूरे शहर को सजा दिया है। कई मंडलों में विशेष थीम आधारित सजावट की गई है – कहीं सामाजिक संदेशों पर आधारित झाँकियाँ लगाई गई हैं तो कहीं सांस्कृतिक धरोहर को

Motichoor Laddoo Recipe: गणेश चतुर्थी का त्योहार बप्पा की पसंदीदा मिठाई के बिना अधूरा माना जाता है. मोतीचूर लड्डू न सिर्फ भगवान गणेश को प्रिय है बल्कि हर घर में इसका स्वाद त्योहार की मिठास को दोगुना कर देता है. छोटे-छोटे बूंदी के दानों से तैयार यह लड्डू (Motichoor Laddoo Recipe) देखने में जितना सुंदर लगता है खाने में उतना ही स्वादिष्ट और स्पेशल होता है. आइए, जानते हैं इसे घर पर बनाने की आसान रेसिपी. सामग्री 2 कप – बेसन (बारीक) 2 कप – चीनी 2 ½ कप – पानी 1 चम्मच – बेकिंग सोडा 3-4

Motichoor Laddoo Recipe: गणेश चतुर्थी का त्योहार बप्पा की पसंदीदा मिठाई के बिना अधूरा माना जाता है. मोतीचूर लड्डू न सिर्फ भगवान गणेश को प्रिय है बल्कि हर घर में इसका स्वाद त्योहार की मिठास को दोगुना कर देता है. छोटे-छोटे बूंदी के दानों से तैयार यह लड्डू (Motichoor Laddoo Recipe) देखने में जितना सुंदर लगता है खाने में उतना ही स्वादिष्ट और स्पेशल होता है. आइए, जानते हैं इसे घर पर बनाने की आसान रेसिपी. सामग्री 2 कप – बेसन (बारीक) 2 कप – चीनी 2 ½ कप – पानी 1 चम्मच – बेकिंग सोडा 3-4